धान की रोपाई (Paddy Transplantation) खरीफ सीजन की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। यहाँ संक्षेप में इसके मुख्य बिंदु दिए गए हैं:
धान की रोपाई के मुख्य चरण
समय: रोपाई के लिए नर्सरी में तैयार पौधे 20-25 दिन पुराने होने चाहिए. आमतौर पर मानसून की शुरुआत के साथ जुलाई के मध्य से अगस्त के अंत तक रोपाई की जाती है.
दूरी और गहराई: कतारों के बीच 20 सेमी और पौधों के बीच 10-15 सेमी की दूरी रखें. रोपाई लगभग 3 सेमी की गहराई पर करें और एक स्थान पर 2-3 पौधे लगाएं.
खेत की तैयारी (Puddling): खेत में 5-7 सेमी पानी भरकर अच्छी तरह जुताई करें ताकि मिट्टी कीचड़नुमा हो जाए, जिससे पौधे मजबूती से जड़ पकड़ सकें.
खाद: रोपाई के समय फास्फोरस, पोटाश और जिंक सल्फेट की आधार खुराक दें. रोपाई के 10-15 दिन बाद यूरिया की पहली टॉप-ड्रेसिंग करें.
आधुनिक तकनीक
SRI विधि: इसमें कम पानी और कम बीजों का उपयोग कर ज्यादा पैदावार ली जाती है.
मशीनी रोपाई: राइस ट्रांसप्लांटर (Rice Transplanter) मशीन का उपयोग श्रम और समय की बचत के लिए किया जा सकता है.
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