मौन क्या है और क्यों करना चाहिए / Maun kyon karna chahiye |Yogavaas | Yogguru Rishi Singh #shorts

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Shared August 17, 2022

मौन क्या है और क्यों करना चाहिए | Maun apnana bahut hee kathin lagta . Kya aapne kabhi maun rehke dekha hai . Shaayad hum mein se kuch logon ne maun rehne kee kabhi koshish bhu nahin karee , humein maun rehna ya fir chup rehna iskee zaroorat bhi mehsoos nahin hoti hai . Aayee maun rehne ke faayede samajhte hain . #maun #yoga #jnanayoga #Yogavaas #Yoga #Yogavaas_shorts #shorts हम प्राचीन भारतीय पद्धति पर आधारित योग सिखाते हैं। वेबसाइट www.yogavaas.in ___________________________ हमारे सोशल मीडिया चैनल्स : • Instagram: www.instagram.com/yoga.vaas/ FaceBook: www.facebook.com/Yogavas/ Twitter: twitter.com/Yoga_vaas Youtube:    / @yoga_vaas   __________________________ मोबाइल नंबर : +91-9509445665 Email: info@yogavaas.in ___________________________ हमारा कार्य : • हम प्राचीन भारतीय पद्धति आधारित योग सिखाते हैं | • ऑनलाइन मैडिटेशन (ध्यान) की क्लास • 4 से 17 आयु वर्ग के बच्चों की योग की क्लास • बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई योग की क्लास • यौगिक वैलनेस की क्लास • बीमारियों से निदान में सहायक ऑनलाइन योग थेरेपी क्लास • तनाव कम करने हेतु योगानुरूप आहार और मानसिक परामर्श देते हैं • अंतस यात्रा ( आपके लक्ष्य की प्राप्ति हेतु एक यौगिक प्रोग्राम ) • स्व-बोध ( बुजुर्गों हेतु एक यौगिक प्रोग्राम ) • आध्यात्म ( स्पिरिचुअलिटी ) ____________________________ योगावास की डिटेल्स : योगावास के बारे में योगावास में पाइये योग और स्वास्थ्य- Yog aur Swasthya योगावास एक ऐसा प्रयास है जिससे प्रेरित हो आम जन भी थोड़ा सा समय निकाल कर, थोड़े से प्रयत्न से समग्र स्वास्थ्य का लाभ ले सकें। जैसा कि नाम से ही विदित है, योगावास का अर्थ हुआ, जहां योग का वास हो। यानी जहां योग बसता हो। तो सबसे पहले तो यह समझना आवश्यक है कि आखिर हमारे जीवन में योग का वास क्यों होना चाहिए। योग के अनुशासन में एक निरन्तरता है जिसके मूल में प्राचीन भारत के ऋषि मुनियों की जिज्ञासा और उसके अनुरूप किए गए गहन अध्ययन का समावेश है। इस गहन अध्ययन और ध्यान के अभ्यास के द्वारा ही हमारे ऋषि चैतन्यता को प्राप्त कर सके। इसी चेतन की स्थिति से ही उन्हें आनंदमय और अर्थपूर्ण जीवन के रहस्य की कुंजी प्राप्त हुई। योगावास का उद्देश्य भी यही है कि इस योग चेतना का संचरण प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में हो और हम सभी, एक सार्थक, सम्पूर्ण, आनंदमय जीवन जी सकें। हमारा उद्देश्य है कि ज्ञान योग द्वारा हम लोगों के जीवन में भावनात्मक समन्वय और आध्यात्मिक उत्थान ला सकें। योगावास में हमारा प्रयास यह भी है कि हम लोगों का साक्षात्कार उस योग से करवा सकें जिसका उल्लेख भगवान श्री कृष्ण ने भगवद गीता में किया है। भगवद गीता (2.50) में प्रभु श्री कृष्ण कहते हैं, “योगः कर्मसु कौशल” अर्थात कर्म में कौशल ही योग है। हमारी योग आधारित विभिन्न गतिविधियों में भी यही भाव अंतर्निहित है। हमारी इन योग कार्यक्रमों का यही उद्देश्य है कि व्यक्ति जीवन जीने का कौशलसीखे, और मन को नियंत्रित करना सीखे। योगावास के कार्यक्रम व्यक्ति को कार्यकुशल बनाते हैं। तो हम योग के इन सभी लाभों को कैसे स्थापित करते हैं? हम यह करते हैं योग दर्शन पर आधारित अपने विभिन्न योग कार्यक्रमों के द्वारा। _____________________________ _ चैनल डिटेल्स : योगावास एक यौगिक फिटनेस एवं स्पिरिचुअलिटी को बढ़ावा देने वाला चैनल है।हमारे यौगिक कार्यक्रमों में योग की प्राचीन विधाएँ यथा अष्टांग योग,हठ योग, तंत्र योग,ज्ञान योग ,राज योग ,भक्ति योग सम्मिलित हैं। हमारे योगिक कार्यक्रमों के मुख्य बिन्दु हैं आसान ,प्राणायाम ,मैडिटेशन। साथ ही साथ हमारे योग के कार्यक्रमों का उद्देश्य सर्वोच्य मानवीय क्षमताओं का व्यक्ति विशेष में निर्माण एवं विकास करना है जिससे कि वह जीवन की समग्रता ,सार्थकता एवं परिपूर्णता की प्राप्ति कर सके। यहाँ पर हम योग की शिक्षा को प्रसारित करने के उदेश्य से वीडियो प्रेषित करते रहेंगे जो कि ज्ञान योग , स्पिरिचुअलिटी,आसान ,प्राणायाम ,मैडिटेशन ,सात्विक जीवनशैली ,वैज्ञानिक चेतना एवं यौगिक तकनीकों पर आधारित होंगे। आप हमारे योगिक कार्यक्रमों को ऑनलाइन कर सकते हैं | हमारे यौगिक प्रोग्राम्स के तीन मुख्य बिंदु जिस पर हम फोकस करते हैं जो कि निम्नलिखित हैं : मेडिटेशन : “प्रत्येक आत्मा में दिव्यता होती है। उद्देश्य यही है कि आंतरिक रूप से इस दिव्यता का प्रादुर्भाव हो जाए। यह संभव है जब अपनी प्रकृति को आंतरिक एवं बाह्य दोनों ओर से स्वयं वष में कर लिया जाए। “ ....स्वामी विवेकानन्द हम योगावास : में आपको सिखाऐंगे कि कैसे आप मैडिटेशन के द्वारा स्वयं की सर्वोच्च चेतना का अनुभव करके अपने शरीर एवं मस्तिष्क को संचालित कर सकते हैं। सचेतनता : हमारी यौगिक विधाओं के माध्यम से आप आपके मस्तिष्क में आनेवाले विचारों पर नजर रख पायेंगे।अपने विचारों पर नजर रखने की कला द्वारा आप विचार शून्यता की ओर अग्रसर होंगे।, मस्तिष्क में सात्विक ऊर्जा का प्रवाह रहेगा।इससे आपका सर्वांगीण विकास होगा।आपके व्यक्तित्व में समग्रता आएंगी। अमृतमगमय : हमारे द्वारा परिष्कृत यौगिक अभ्यास की विधियों द्वारा आप सीख पायेंगे कि कैसे अपने शरीर, मस्तिष्क, विचार एवं आदतों को सर्वश्रेष्ठ बनाया जाए एवं अमृतमगमय की ओर बढ सकें। ____________________________ सर्टिफाइड योगा ट्रेनर के रूप में हम गहन अध्ययन के बाद ही वीडियो प्रकाशित करते हैं | कुछ योगासन सभी कर सकते हैं और कुछ योगासन आपके शारीरिक गठन के अनुसार कस्टमाइज किये जाने चाहिए। हम अनुशंसा करते हैं की कोई भी योग प्रोग्राम प्रारम्भ करने से पहले आप एक सर्टिफाइड योग थेरेपिस्ट से सलाह लें। धन्यवाद। योगावास


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