Adhyatmik ramayan, ram Krishna kubja, dharti, yogic secrets

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Shared May 26, 2026

0:00 - 5:00: पौराणिक प्रतीकों और जन्मों का रहस्य वक्ता सुदर्शन चक्र के अवतार के रूप में कार्तवीर्य अर्जुन की व्याख्या करते हैं (0:23) और शूर्पणखा तथा कुब्जा की कहानी को एक आध्यात्मिक श्रृंखला के रूप में देखते हैं। वे तर्क देते हैं कि कुब्जा केवल एक पात्र नहीं है, बल्कि पृथ्वी की 23.5 डिग्री की धुरी (axial tilt) का प्रतीक है, जिसे भगवान (श्री कृष्ण) द्वारा सीधा किया जाता है (4:41-5:45)। 5:00 - 10:00: खगोल विज्ञान और कुण्डलिनी का कनेक्शन वक्ता इसे 'प्रिसेशन' (precession) की 25,960 वर्षों की चक्र से जोड़ते हैं। वे दुनिया भर की सभ्यताओं (जैसे मेसो-अमेरिका के पिरामिड) और कृत्तिका नक्षत्र (सहस्रार चक्र) के बीच संबंधों पर चर्चा करते हैं (7:42)। यहाँ कुण्डलिनी शक्ति को अनंत शेष या उड़ते हुए ड्रैगन (जैसे Quetzalcoatl) के समान बताया गया है, जो मूलाधार चक्र से जुड़ी है (9:15-10:00)। 10:00 - 15:00: आध्यात्मिक रामायण और मैट्रिक्स वक्ता अपने निजी जीवन के अनुभवों और 'छह माताओं' की अवधारणा को समझाते हैं, जो उनके ज्योतिषीय चार्ट (कृत्तिका नक्षत्र) से प्रेरित है। वे आध्यात्मिक रामायण की व्याख्या करते हुए कहते हैं कि रावण कोई व्यक्ति नहीं, बल्कि 'मैट्रिक्स' या 'कालचक्र' का प्रतिनिधित्व करता है, जिसे सुदर्शन चक्र (तीसरे नेत्र की चेतना) द्वारा ही जीता जा सकता है (13:40-14:50)। 15:00 - 18:30: ज्योतिष और सनातन ज्ञान का महत्व अंत में, वक्ता इस बात पर जोर देते हैं कि सनातन ज्ञान को डिकोड करने के लिए ज्योतिष (ज्योति + ईश्वर) का ज्ञान अनिवार्य है। वे बाइबिल और अन्य धर्मों में भी इसी खगोलीय सत्य के छिपे होने का संकेत देते हैं और दर्शकों को शास्त्र के बाहरी अर्थों के बजाय उनके गहरे, आध्यात्मिक और वैज्ञानिक रहस्यों को समझने के लिए प्रेरित करते हैं (17:45-18:03)।


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Jeevan Mantra With Richa and Astrology By Richa
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