twinflame kese pehchaane, degree technique

Watch on YouTube (Embed)

Switch Invidious Instance

Show annotations

654

42

Genre: Entertainment

License: Standard YouTube license

Family friendly? Yes

Shared May 27, 2026

0:00 - 3:00 (ट्विन फ्लेम की मूल अवधारणा और ग्रह): वक्ता ट्विन फ्लेम को 'अर्धनारीश्वर' या 'शिव-शक्ति' के रूप में परिभाषित करते हैं। उन्होंने ग्रहों के संयोजनों (Sun-Moon, Venus-Mercury, Jupiter-Moon) के महत्व पर प्रकाश डाला है। मुख्य तकनीक यह है कि ट्विन फ्लेम के ग्रहों की डिग्री (Degrees) समान होनी चाहिए (जैसे 1.5°)| यदि लड़का और लड़की के ग्रहों की डिग्री एक है या वे विपरीत राशियों में उसी डिग्री पर हैं, तो यह एक मजबूत ट्विन फ्लेम संकेत है। 3:00 - 6:00 (नाड़ी और अरबिक तकनीक): नाड़ी ज्योतिष के अनुसार, ग्रह का 1 डिग्री के भीतर होना आवश्यक है। वक्ता बताते हैं कि 'त्रिकोण' (Trine) देखना एक कमजोर विकल्प हो सकता है, लेकिन यह नवांश (Navamsa) चार्ट में मिलन को दर्शाता है। वे 'नेगेटिव ट्विन' की भी चेतावनी देते हैं, जहाँ ग्रहों की ऊर्जा मिल तो रही है, लेकिन वह केवल झगड़े (Negative Shadow Mirror) का कारण बनती है। 6:00 - 9:00 (सटीक डिग्री का महत्व और कार्मिक संबंध): वक्ता स्पष्ट करते हैं कि ज्योतिषीय मिलान के लिए केवल राशि का विपरीत होना ही काफी नहीं है, बल्कि ग्रहों की डिग्री का आपस में मिलना अनिवार्य है। वे बताते हैं कि 'सन-मर्करी' या 'सन-वीनस' हर स्थिति में आदर्श ट्विन फ्लेम नहीं होते; सबसे अच्छा संबंध 'सन-मून' (शिव-शक्ति) और 'वीनस-मर्करी' (विष्णु-लक्ष्मी) का माना जाता है।#twinflameunion #twinflamejourney #twinflameastrology