ShyaamPriya - The Spiritual Journey

Welcome to shyamPriya - The Spiritual Journey, a transformative space led by Priyanka Upadhyay, a skilled Tarot card reader, numerologist, and psychic guide. Here, you’ll embark on a profound spiritual journey, unlocking the secrets of manifestation, inner guidance, and personal growth. Priyanka offers insightful Tarot readings, personalized guidance, and practical tips to help you navigate life’s challenges with clarity and confidence. Whether you're seeking answers, spiritual awakening, or manifestation tips, this channel is your go-to resource for all things spiritual. Join the community and begin your journey towards empowerment and enlightenment✨

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ShyaamPriya - The Spiritual Journey

स्त्री ❤️
कभी पुत्री बनकर जिस घर को सजाती है
एक दिन उस की पराई बन जाती है
पिता का मान भाई का सम्मान
खुद को मिटा कर भी बचाती है।
अपनी पहचान छोड़कर
दूसरा घर बसाने जाती है
पत्नी बन पति का साथ निभाती है
बहु बन कुल का मर्यादा निभाती है
मां बनकर वंश आगे बढ़ाती है।
सबके लिए सबकुछ करती है
बात अपनों पर आए जान भी दे सकती है
सबका मौन पढ़ लेती है
आंखों की भाषा वो समझ जाती है
उसकी सिर्फ एक चाहत
कोई उसे भी समझे
पर उसकी चाहत
शदियों बाद भी अधूरी है
फिर भी उसकी अकल घुटनों में है 😔
राधे राधे ❤️

3 weeks ago | [YT] | 31

ShyaamPriya - The Spiritual Journey

अहंकार जब हद से अधिक हो जाता है
तब कुछ समाप्त ,कुछ शुरुआत होती है
जो होता है ईश्वर की इच्छा से होता है
और ये देश के लिए और मनुष्य के लिए
बड़ी सीख मिलती है
राजा कभी भगवान नहीं होता
भगवान का न्याय उत्तम होता है
विलंब हो सकता है पर न्याय टलता नहीं।।
राधे राधे 🙏

1 month ago (edited) | [YT] | 251

ShyaamPriya - The Spiritual Journey

Radhe radhe ❤️

1 month ago | [YT] | 63

ShyaamPriya - The Spiritual Journey

एक बहुत संपन्न राज्य था वहां एक नया राजा गद्दी पर बैठा।
राजा बहुत अधिक परिश्रमी और निडर था अपनी प्रेम भरी वाणी से प्रजा को सम्मोहित रखता था।
प्रजा बहुत खुश थी जो विद्वान और समझदार थे राजा उनको
धर्म के कार्य में लगाए रखता था और जो मासूम थे उनके घर
प्रतिदिन कुछ भोजन बटवा देता था। हर तरफ प्रजा राजा की जय जयकार करती।राजा को श्रेष्ठी लोग बहुत पसंद करते थे क्योंकि राजा हर वो कार्य करता था जिससे उनको लाभ हो।
कुछ समय बाद कुछ प्रजा को राजा पर शक होने लगा और वो इस बात का पता लगाने लगे कि राजा किसका हितैषी है
धीरे धीरे कुछ खबरियों के माध्यम से पता चला कि राजा तो सिर्फ अपना हितैषी है वो किसी की भी उन्नति के लिए कुछ भी नहीं कर रहा वो तो श्रेष्ठियों की सहायता से हमेशा राजगद्दी पर बैठ कर राज करना चाहता है।
कुछ प्रजा राजा की सच्चाई लोगों तक पहुंचाने लगी धीरे धीरे राजा के विद्रोह में लोग आने लगे और लोगों को समझाने लगे कि ये राजा बगुला भगत है करना कुछ बताना कुछ दिखाना कुछ ये अंधविश्वास फैला रहा है और मासूम प्रजा को लालच के बंधन में बांध रहा है जहां वो सिर्फ खाने और राजा के गुणगान में समय गंवा रहे हैं धीरे धीरे वो कर्म से दूर होते जा रहे हैं ऐसी प्रजा की संतान को क्या सीखने को मिलेगा और जो लोग बिना वजह अंधभक्त बने बैठे हैं उनके आंख से पट्टी कैसे हटाई जाए l
जब ये बात राजा तक पहुंची तब राजा एक कुटिल चाल चला
और प्रजा को आपस में लड़ा दिया अब बहुत सारी प्रजा का
सिर्फ एक काम था राजा की बड़ाई करना और कुछ प्रजा को अभद्र भाषा से क्रोधित करना धीरे धीरे प्रजा आपस में लड़ने लगी और राजा मजे से राज करने लगा वक्त बीतता गया फिर एक दिन उस राजा को राजगद्दी छोड़नी पड़ी और उसके मंत्रीगण सत्ता की लालसा में एक दूसरे के घोर विरोधी बन गए जिससे अब एक नया राजा गद्दी पर बैठा।
राजा पहले की सभी नीतियों पर प्रतिबंध लगा दिया अब सबको प्रतियोगिता में शामिल होना था और अपने कर्म और जीत के बल पर वो जीवन यापन कर सकते थे।
जो लोग हमेशा अपने कर्म में लगे रहते थे उनके लिए कोई समस्या नहीं थी न लेकिन जो अपना कर्म छोड़ दिए थे सिर्फ राजा के पीछे पीछे चलकर राजा की महिमामंडन करते थे और राजा के द्वारा दिए अन्न से अपना गुजारा करते थे
उनकी संतान भी वही करती थी लेकिन नए राजा की घोषणा से सब परेशान हो गए क्योंकि वो अशिक्षित थे और अपनी संतान को भी वैसा ही बना दिए थे अब बच्चे अपने माता पिता से क्रोधित होकर दूसरे राज्य जाने लगे कि कुछ तो करेंगे अपने जीवन यापन के लिए यहां तो कुछ सीखा ही नहीं
मां बाप बोले हम भी चलेंगे तुम्हारे साथ बेटा बोला नहीं
आप लोग की लालच और मूर्खता से हमारा ये हाल है
हमें अच्छी शिक्षा चाहिए थी प्रतियोगिता में शामिल होने के काबिल बनाना था हम रोजगार पाते शान से जीवन यापन करते अपने बच्चों को इस काबिल बनाते कि तुम सपने देखो और उसे पूरा करने के लिए मेहनत भी करो लेकिन आप लोग तो हम सब को उद्देश्यहीन बना दिए हो क्यों इतने भोले हो कि अपने और बच्चों के भविष्य की कोई फिकर नहीं।
बच्चों के माता पिता बहुत पछता थे थे और रो रहे थे लेकिन बच्चे उन्हें छोड़कर एक ऐसी दुनियां की तरफ बढ़ रहे थे जहां वो अपनी अलग पहचान बना पाएं अपनी मेहनत से और हौसले से।
माता पिता के लिए।।अब पछताए होत का जब चिड़िया चुग गई खेत।।
बच्चों के लिए।।जब जागो तभी सबेरा।।
राधे राधे ❤️

1 month ago | [YT] | 57

ShyaamPriya - The Spiritual Journey

आपके जीवन में बदलाव होने से पहले
आपकी ऊर्जा में बदलाव होता है।।
राधे राधे ❤️

1 month ago | [YT] | 17

ShyaamPriya - The Spiritual Journey

मोहिनी एकादशी ❤️
कितनी भी इंद्रियां जाल बिछाए
कितना भी मन भटकाए
लेकिन अपने दिव्यता को ही सतगुण का अमृत पिलाना है
जो अहंकार, क्रोध, दर्द, ईर्ष्या और लालच रूपी राक्षस है
उसे त्यागने का विषपान करना है।
मनुष्य में कैसे गुण होने चाहिए ये समझते हैं श्री हरि विष्णु भगवान जी के दशावतार से समझते हैं।
मत्स्य अवतार ❤️
इतने सीधे भी न रहो कि दुनिया तुम्हें जीने न दे
मासूमियत के साथ Awareness भी जरूरी होता है।
कच्छप अवतार ❤️
सिर्फ अपने भीतर सिमट कर मत रहो
मतलब अंतर्मुखी होने के साथ समाज भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।
वाराह अवतार ❤️
अपने जीवन की जिम्मेदारी लेना है और अपनी
चेतना को ऊपर उठाने का प्रयास करना है।
नृसिंह अवतार ❤️
अपने भीतर के क्रोध और करुणा दोनों को
समझना जरूरी है
जीवन में balance ही सच्चा गुण है।
वामन अवतार ❤️
नम्रता में सच्ची शक्ति होती है
विनम्र होना कायरता नहीं है।
परशुराम अवतार ❤️
गलत के खिलाफ अपनी आवाज उठाना सबसे बड़ा धर्म है।
राम अवतार ❤️
ज्ञान और शक्ति तब सुंदर होती है जब मर्यादा हो।
रावण के पास ज्ञान और शक्ति थी पर मर्यादा नहीं थी
इसीलिए वो हारा और मारा गया
राम के पास ज्ञान और शक्ति के साथ मर्यादा थी।
श्री कृष्ण अवतार ❤️
सुख हो दुःख हो ज़िंदगी खुलकर जीना
ज़िंदगी के सारे रंग का आनंद लेना
प्यार, परिवार, मित्रता और वैभव सबका आनंद लेना
सब में रहकर सबसे विरक्त रहना।
सबसे उत्तम गुण है अगर कृष्ण का गुण अपनाए
बाहर से राजा रानी भीतर से संत कहावे।
राधे राधे ❤️ 🙏

2 months ago | [YT] | 72

ShyaamPriya - The Spiritual Journey

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2 months ago | [YT] | 16

ShyaamPriya - The Spiritual Journey

किसे हम अपना माने
किसे पराया समझें
सब में तुम्ही तो हो
इसी भाव में हम हैं
उलझे।।
राधे राधे ❤️

2 months ago (edited) | [YT] | 246

ShyaamPriya - The Spiritual Journey

खाद्य पदार्थों से बना हुआ तन
क्या तुम ये शरीर हो?
नहीं मैं ये नहीं हूं
पल में यहां और पल में
कोसों दूर निकल जाता
इक पल शांत न रहता
ना तुमको रहने देता
क्या तुम मनमय हो?
नहीं मैं ये भी नहीं
तुम सांस हो,
तुम धड़कन हो
या नब्ज़ की टिक टिक
जिससे पता चलता प्राण
क्या तुम प्राणमय हो?
नहीं मैं ये भी नहीं
ज्ञान को समझते हो
ज्ञान को समझाते हो
बुद्धिमान बन कर
विज्ञान पर राज करते हो
क्या तुम विज्ञानमय हो!?
नहीं मैं ये भी नहीं
फिर कौन हो तुम
अपना परिचय बतलाओ
सीधा मतलब समझाओ
पहेलियां ना बुझाओ।
मैं शरीर का मालिक हूं
मन की चालाकी देखता हूं
नब्ज़, सांस और धड़कन को
महसूस मै करता हूं
विज्ञान के तर्कों को मैं
ज्ञान देकर समझाता हूं
सारे विचार को देखकर
इकठ्ठा करता जाता हूं
इन सभी को देखने वाला
साक्षी भाव में बैठा हूं ❤️
शरीर मन और इन्द्रियों से जीत कर आओ
प्राण की माया छोड़कर
ज्ञान का अहंकार जलाओ
अपने भीतर मुड़ो और
मुझे समझ जाओ❤️
राधे राधे 🙏

2 months ago | [YT] | 103

ShyaamPriya - The Spiritual Journey

अक्षय तृतीया ❤️(कभी न खत्म होने वाला फल)
सतयुग से त्रेतायुग की हुई थी शुरुआत
इस दिन का महत्व पुराणों में है खास।
मां रेणुका जी की तपस्या हुई स्वीकार
भगवान परशुराम जी जन्म हुआ
जो हैं विष्णु जी के छठे अवतार।
इसी पावन दिन गंगा का हुआ अवतरण
भागीरथ की कठिन तपस्या
ब्रह्मा जी किए स्वीकार
निकली कमंडल से गंगा जी
करने पृथ्वी पर उद्धार।
वेद व्यास जी कथा सुनाए
श्रोता बने गजानन
रचना हुई महाभारत की
लेखक बने गौरी ललन।
अक्षय पात्र दिए द्रौपदी को श्री कृष्ण भगवान
नाम पड़ा अक्षय दिन ये हुआ महान।
महादेव की हुई कृपा
धन वैभव का लगा ढेर
धन के देवता बने यक्ष राज कुबेर।
अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं ❤️

2 months ago | [YT] | 46