संविधान कथा के माध्यम से नैतिक मूल्यों के पुनर्स्थापन का प्रयास
शाहजहाँपुर। वर्तमान समय में नैतिक मूल्यों का ह्रास समाज की प्रमुख और गंभीर समस्याओं में से एक बनता जा रहा है। बढ़ती भौतिकता, प्रतिस्पर्धा और संवेदनहीनता के बीच नई पीढ़ी में कर्तव्यबोध, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना कमजोर होती दिखाई दे रही है। ऐसे समय में नैतिक एवं संवैधानिक शिक्षा की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।
इसी उद्देश्य को केंद्र में रखते हुए उद्देश्यिका डिजीस्कूल द्वारा विद्यालयों में “संविधान कथा” कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। यह पहल बच्चों और युवाओं को संविधान के मूल विचारों, मौलिक कर्तव्यों तथा नैतिक मूल्यों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बन रही है।
संविधान कथा के माध्यम से छात्रों को केवल संविधान की जानकारी ही नहीं दी जाती, बल्कि उन्हें यह भी समझाया जाता है कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में उनके कर्तव्य क्या हैं। कार्यक्रम के दौरान सत्य, ईमानदारी, अनुशासन, करुणा, समानता, सम्मान और सामाजिक सहभागिता जैसे मूल्यों पर संवादात्मक शैली में चर्चा की जाती है, जिससे विद्यार्थी विषय से भावनात्मक रूप से जुड़ सकें।
उद्देश्यिका डिजीस्कूल की यह पहल विद्यालयी शिक्षा को पुस्तकीय ज्ञान से आगे ले जाकर जीवनोपयोगी संस्कारों से जोड़ती है। संस्था का मानना है कि जब तक बच्चों में नैतिक चरित्र का निर्माण नहीं होगा, तब तक एक सशक्त और जागरूक समाज की कल्पना अधूरी रहेगी।
उद्देश्यिका डिजीस्कूल की प्रशिक्षित टीम विद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक क्षेत्रों में जाकर संविधान कथा का आयोजन कर रही है। इसके माध्यम से बच्चों एवं युवाओं में मौलिक कर्तव्यों की समझ, सामाजिक जिम्मेदारी की भावना और राष्ट्र के प्रति समर्पण विकसित किया जा रहा है।
संस्था ने शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों एवं जागरूक नागरिकों से आह्वान किया है कि वे अपने क्षेत्र में नैतिक मूल्यों के विकास हेतु संविधान कथा जैसे कार्यक्रमों को अपनाएँ, ताकि आने वाली पीढ़ी को एक सुदृढ़, संवेदनशील और जिम्मेदार समाज का आधार प्रदान किया जा सके।
संविधान से संस्कार और संस्कार से समाज का निर्माण—यही उद्देश्यिका डिजीस्कूल का संकल्प है।
हम भारत के लोग
1 month ago | [YT] | 1
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हम भारत के लोग
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हम भारत के लोग
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ACT KIT
2 months ago | [YT] | 0
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ACT Magnetic
2 months ago | [YT] | 0
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2 months ago | [YT] | 0
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हम भारत के लोग
3 months ago | [YT] | 0
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हम भारत के लोग
Uddeshyika Social Welfare Foundation
3 months ago | [YT] | 0
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संविधान कथा के माध्यम से नैतिक मूल्यों के पुनर्स्थापन का प्रयास
शाहजहाँपुर।
वर्तमान समय में नैतिक मूल्यों का ह्रास समाज की प्रमुख और गंभीर समस्याओं में से एक बनता जा रहा है। बढ़ती भौतिकता, प्रतिस्पर्धा और संवेदनहीनता के बीच नई पीढ़ी में कर्तव्यबोध, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना कमजोर होती दिखाई दे रही है। ऐसे समय में नैतिक एवं संवैधानिक शिक्षा की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।
इसी उद्देश्य को केंद्र में रखते हुए उद्देश्यिका डिजीस्कूल द्वारा विद्यालयों में “संविधान कथा” कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। यह पहल बच्चों और युवाओं को संविधान के मूल विचारों, मौलिक कर्तव्यों तथा नैतिक मूल्यों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बन रही है।
संविधान कथा के माध्यम से छात्रों को केवल संविधान की जानकारी ही नहीं दी जाती, बल्कि उन्हें यह भी समझाया जाता है कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में उनके कर्तव्य क्या हैं। कार्यक्रम के दौरान सत्य, ईमानदारी, अनुशासन, करुणा, समानता, सम्मान और सामाजिक सहभागिता जैसे मूल्यों पर संवादात्मक शैली में चर्चा की जाती है, जिससे विद्यार्थी विषय से भावनात्मक रूप से जुड़ सकें।
उद्देश्यिका डिजीस्कूल की यह पहल विद्यालयी शिक्षा को पुस्तकीय ज्ञान से आगे ले जाकर जीवनोपयोगी संस्कारों से जोड़ती है। संस्था का मानना है कि जब तक बच्चों में नैतिक चरित्र का निर्माण नहीं होगा, तब तक एक सशक्त और जागरूक समाज की कल्पना अधूरी रहेगी।
उद्देश्यिका डिजीस्कूल की प्रशिक्षित टीम विद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक क्षेत्रों में जाकर संविधान कथा का आयोजन कर रही है। इसके माध्यम से बच्चों एवं युवाओं में मौलिक कर्तव्यों की समझ, सामाजिक जिम्मेदारी की भावना और राष्ट्र के प्रति समर्पण विकसित किया जा रहा है।
संस्था ने शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों एवं जागरूक नागरिकों से आह्वान किया है कि वे अपने क्षेत्र में नैतिक मूल्यों के विकास हेतु संविधान कथा जैसे कार्यक्रमों को अपनाएँ, ताकि आने वाली पीढ़ी को एक सुदृढ़, संवेदनशील और जिम्मेदार समाज का आधार प्रदान किया जा सके।
संविधान से संस्कार और संस्कार से समाज का निर्माण—यही उद्देश्यिका डिजीस्कूल का संकल्प है।
4 months ago (edited) | [YT] | 1
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