Dr.Prashant Raman Ravi

प्रशान्त रमण रवि, (असिस्टेंट प्रोफेसर,)
विद्यार्थी,अध्यापक,लेखक।

जीवन से प्यार है।पढ़ना,लिखना और बोलना पसंद है।
इस चैनल के माध्यम से हिंदी के छात्रों तक कुछ अच्छा कंटेंट पहुंचा पाने की कोशिश कर रहा हूँ। आपके सुझाव,प्रतिक्रिया और सहयोग की मुझे हमेशा उम्मीद है।
Email me for Suggestions and Collaboration: raviraman0076@gmail.com





Dr.Prashant Raman Ravi

आप सभी से एक विनम्र प्रार्थना!

पिछले कई सालों से हिंदी के छात्रों के लिए लगातार वीडियो कंटेंट बना रहा हूँ। जीवन के तमाम उतार –चढ़ाव के बीच भी वीडियो बनाने का सिलसिला नहीं रुका कभी। मेरा यह वादा है कि यह सिलसिला आगे भी बना रहेगा। मैं निरंतर और बेहतरी लाने का प्रयास करता रहूंगा।

मैंने हमेशा आप सभी को कुछ न कुछ दिया। कभी मांगा नहीं। लेकिन अब मांग रहा हूँ। मांग बस इतनी है कि मेरी नई किताब ‘मैंने प्रेम चुना’ की एक प्रति आप खरीदें, उसके साथ अपनी तस्वीरें मुझे ईमेल करें और बताएं कि मेरी कविताओं और लिखे हुए हर्फ आपको कहीं छू भी सके या नहीं। इसे मेरी गुजारिश निवेदन और आपके लिए मेरा विश्वास दोनों समझें।
किताब ऑर्डर करने का लिंक और ईमेल नीचे दे रहा हूँ। आपकी तस्वीरों का कोलाज बनाकर उसे अपने कमरों में लगाना चाहता हूं कि मेरी किताब मेरे पाठकों तक पहुंच रही है।

amzn.in/d/07zc2TWf
Email –raviramam0076@gmail. com

1 month ago | [YT] | 213

Dr.Prashant Raman Ravi

‘मैंने प्रेम चुना’ अमेजन पर बिक्री के लिए उपलब्ध है। विशेष छूट के साथ आप मेरी प्रेम कविताओं को मंगा कर पढ़ सकते हैं। आप सभी मेरी इस किताब को अपना प्यार दें। 🙏
amzn.in/d/08nFQoW5

2 months ago | [YT] | 174

Dr.Prashant Raman Ravi

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मैंने अपने जीवन और कविता दोनों में प्रेम चुना है। प्रेम और मोहब्बत से भरी मेरी कविताओं की किताब प्री बुकिंग के लिए उपलब्ध है। मुझे उम्मीद है कि आपका प्यार मेरी इस किताब को जरूर मिलेगा। ऊपर दिए लिंक से आप किताब की बहुत सस्ती बुकिंग कर सकते हैं। आपकी प्रतिक्रिया का इंतजार रहेगा।

2 months ago | [YT] | 364

Dr.Prashant Raman Ravi

मैं बहुत विनम्रता से आप सभी के प्रति अपना आभार और कृतज्ञता प्रकट करता हूँ। आज हमारा परिवार 100k का हो गया। हमारी दुनिया बड़ी हो रही है। इस दुनिया को और सुंदर और रचनात्मक बनाना है। मैं भरोसा दिलाता हूँ आपको कि आनेवाले समय में और अधिक निरंतरता और बेहतर तकनीकी प्रबंधन के साथ आपके लिए अच्छे कंटेंट लाता रहूंगा। यह सिलसिला थमेगा नहीं।
मुझ पर भरोसा दिखाने के लिए आप सभी का बहुत बहुत आभार 🙏

2 months ago | [YT] | 588

Dr.Prashant Raman Ravi

18 जनवरी (रविवार) को यदि आप दिल्ली में हों तो मिरांडा हाउस(दिल्ली यूनिवर्सिटी) के ऑडिटोरियम में दोपहर 12 बजे आप आइए। मुझे अच्छा लगेगा ।
मेरी किताब ‘पहाड़ में प्रार्थना’ पर एक परिचर्चा कार्यक्रम है।

5 months ago | [YT] | 114

Dr.Prashant Raman Ravi

कविताओं की मेरी पहली किताब ‘पहाड़ में प्रार्थना’ आप तक पहुंचने के लिए उपलब्ध है। यह किताब अमेजन पर उपलब्ध है। आपका थोड़ा प्रेम और साथ मिले तो मुझे खुशी होगी। आप सभी समय निकालकर जरूर पढ़ें और अपनी प्रतिक्रियाओं से मुझे अवगत करवाएं। किताब खरीदने का लिंक नीचे है👇
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7 months ago | [YT] | 269

Dr.Prashant Raman Ravi

कविताओं की मेरी पहली किताब ‘पहाड़ में प्रार्थना’ अब आप तक पहुंचने के लिए बेकरार है। यह किताब अमेजन पर उपलब्ध है। आप समय निकालकर गुजरिए मेरी लिखी कविताओं से और बताइए कि इन कविताओं ने आपको कैसे छुआ। आपकी प्रतिक्रिया का इंतजार रहेगा। आप मुझे ईमेल कर सकते हैं –raviraman0076@gmail.com

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7 months ago | [YT] | 119

Dr.Prashant Raman Ravi

’अधूरापन’

मेरे भीतर एक बेचैनी है।
यह बेचैनी कोई सवाल नहीं,
न ही कोई समस्या जिसका हल ढूंढा जा सके।
बस एक सन्नाटा है जो गूंजता है
जिसे मैं गहरे शोर में भी सुन सकता हूं।

मैं हूँ ....पर वैसे ही
जैसे कोई छाया, जिसका आकार तो है पर सत्ता नहीं।

यह उदासी कोई घटना नहीं,
बल्कि मेरे अस्तित्व के बीचोबीच उग आई एक दरार है—
जहाँ से टपकता रहता है अर्थहीनता का रस।

क्या यह जीवन है?
या समय के हाथों लिखी गई
एक प्रतीक्षा की कविता ?
पूछता हूँ तो प्रश्न अनुत्तरित रह जाते हैं।

हर सुबह एक नई लड़ाई है खुद से,
हर रात एक हार है, जिसे स्वीकार कर लेता हूँ।

शायद यही सच है—
हम सभी अधूरे हैं,
अपने ही मन के भूलभुलैय में भटकते हुए।

प्रशांत रमण रवि

1 year ago | [YT] | 384

Dr.Prashant Raman Ravi

आज अध्यापन की दुनिया में प्रवेश किए हुए आठ वर्ष पूरे हुए। 17 अप्रैल 2017 को मुझे राजकीय महाविद्यालय चंबा में पहली नियुक्ति मिली थी। मैं मूलतः चंपारण (बिहार) से हूँ।
यह एक मणिकांचन संयोग है कि अप्रैल 1917 में गांधी जी चंपारण आए थे। मैं ठीक सौ सालों बाद 2017 में चंपारण से चंबा चला आया।
कहते हैं कि चंबा का एक पुराना नाम चंपा भी है।
इस खूबसूरत इत्तेफाक के बारे में सोचकर कभी—कभी बेवजह मुस्कुराता रहता हूँ। महान लोगों और महान घटनाओं से हमारे जीवन का कोई भी एक पक्ष जुड़ जाए तो लगता है कि इसमें नियति की कोई खूबसूरत साजिश रही होगी।
मैं कभी—कभी महज इत्तेफाक सी दिखनेवाली बातों पर भी बहुत दिल से भरोसा कर लेता हूँ क्योंकि जीवन की बहुत सी सार्थक घटनाएं अक्सर हमारी योजनाओं से नहीं, बल्कि कुछ सुंदर संयोगों से जन्म लेती हैं।
मैं अपने जीवन के इस सुंदर संयोग के प्रति अक्सर गहरी कृतज्ञता महसूस करता हूँ।
पिछले आठ वर्षों में मैंने लगभग 3 साल गवर्नमेंट कॉलेज लिल्ह कोठी में अपनी सेवाएं दी और बाकी समय पी.जी कॉलेज चंबा में।
यह भी एक इत्तेफाक है कि मेरा चंबा से या चंबा का मुझसे कुछ ऐसा दैवीय रिश्ता है कि हम एक—दूसरे से कभी दूर नहीं हो पाते।
मुझे चंबा से बेपनाह इश्क है। इस शहर में अपनेपन और मोहब्बत की एक खास खुशबू है। कभी इस शहर पर विस्तार से लिखूंगा।
बहरहाल मैंने इन आठ सालों में बहुत विनम्रतापूर्वक साहित्य का विद्यार्थी बनकर अपने छात्रों के लिए समर्पित और ईमानदार बने रहने की भरपूर कोशिश की है। हमेशा यह चाहता रहा कि अपने छात्रों को सिलेबस की दुनिया के बाहर जिंदगी के विस्तार को खूबसूरती से देखने—समझने के लिए एक बेहतर निगाह पैदा कर सकने की दिशा में उनकी मदद कर सकूं।
एक बेहतर शिक्षक और बेहतर मनुष्य बन सकूं। इस प्रयास में कितनी कामयाबी या असफलता मिली इसका मूल्यांकन तो विद्यार्थी ही कर सकते हैं। लेकिन इतना जरूर है कि मैंने इतने सालों में यह जरूर महसूस किया कि पढ़ना—पढ़ाना मेरी आत्मा को सकून देनेवाला सबसे सुरीला संगीत है। इसके बगैर मेरा जीवन अधूरा है और मेरे छात्र मेरे लिए बहुत मूल्यवान हैं। मैं उनके लिए बहुत प्यार और आदर महसूस हूँ ।
आज मुझे अपनी पहली क्लास के छात्रों के कुछ झिलमिलाते चेहरे याद आ रहे हैं। ढेर सारे विद्यार्थियों से सीखी गई बातों के प्रति कृतज्ञता उमड़ रही है। इन आठ सालों में विद्यार्थियों से मिली बेपनाह मोहब्बत के कितने ही जीवंत दृश्य मेरी स्मृति पर दस्तक दे रहे हैं। मैं आज फिर अपने जीवन और नियति के प्रति बहुत आभार और समर्पण महसूस कर रहा हूँ ।

प्रशांत रमण रवि
17/4/2025

1 year ago | [YT] | 805

Dr.Prashant Raman Ravi

आज दिल्ली विश्विद्यालय ने मुझे अपने 101 वें दीक्षांत समारोह में डॉक्टरेट की डिग्री प्रदान की। यह दिन मेरे लिए खास है। मैं अपनी इस यात्रा और जीवन के प्रति कृतज्ञ हूँ। आप सभी का स्नेह,साथ और सहयोग बना रहे। मेरी यह छोटी सी उपलब्धि मैं अपने माता—पिता, गुरुजनों और आप सभी यूट्यूब परिवार के सदस्यों को समर्पित करता हूँ।
आपलोगों का साथी,शिक्षक और सहयोगी।
डॉ.प्रशांत रमण रवि

1 year ago | [YT] | 549