જય શ્રીકૃષ્ણ વૈષ્ણવો,
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જય શ્રીકૃષ્ણ વૈષ્ણવો,
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1 month ago | [YT] | 15
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જય શ્રીકૃષ્ણ વૈષ્ણવ મિત્રો, 🙏
આપણી ચેનલના વૈષ્ણવ પરિવાર માટે એક નવો સોપાન! ઘણા સમયથી આપ સૌની માંગ હતી કે ઠાકોરજીની સેવા-શૃંગારની સામગ્રી અને રસોઈના ઉત્તમ સાધનો ક્યાંથી લેવા?
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જય શ્રીકૃષ્ણ! 🌹
2 months ago | [YT] | 14
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જય શ્રીકૃષ્ણ વૈષ્ણવો,
હજુ સુધી આ નથી સાંભળ્યું તો જરૂર સાંભળો, પુષ્ટિમાર્ગ માં કેવી રીતે ભક્તિ અને વિજ્ઞાન નો ગહન સંબંધ છે!
2 months ago | [YT] | 76
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🧭 चित्र परिचय ओर भाव दर्शन 🧭
🌸 ए चित्र श्रीयमुनाजी के ४१ पद में से दुसरे पद (पद २) का भावनात्मक चित्र है। 🌸
पहले पद ओर बाद में भाव बताया गया है
🪕 पद २
शयाम सुखधाम जहां नाम इनके, निशदिना प्राणपति, आय हिय मे बसे;
जोई गावे सुजस भाग्य तीनके.
यही जग मे सार कहत वारंवार,
सबन के आधार, धन निर्धनन के;
लेत श्री यमुने नाम, देत अभय पद दान, 'रसिक'प्रितम -पिया बस जु इनके..
📝पद का भावार्थ
✨जहाँ-जहाँ श्रीयमुनाजी का नाम रटत (स्मरण होत) है, वहाँ स्वयं *शाश्वत सुख के धाम* श्रीश्यामसुन्दरलाल (श्रीकृष्ण) अवश्य पधारत हैं।
जो भक्त अपने हृदय में रात-दिन प्राणपति प्रभु को बसावत है, वह धन्य है, सौभाग्यशाली है।
जो कोई श्रीयमुनाजी की महिमा गावत है, वह तो बड़ा ही भाग्यवान है। (१)
✨*श्रीयमुनाजी के नाम का स्मरण ही इस समस्त जग का सार है।*
वही सबके सुख का आधार है, वही निर्धन जन का अमोल धन है।
जो कोई श्रीयमुनाजी का नाम निरंतर रटत है,
उसे श्रीयमुनाजी अपनी *नित्य-लीला* में स्थान देत हैं,
और स्वयं श्रीठाकुरजी (श्रीकृष्ण) उस भक्त के वश में रहत हैं। (२)
⚛️ चित्र परिचय:-
श्रीहरिरायजी यमुना तट पर बैठे श्रीयमुनाजी का गुणगान (किर्तन) कर रहे, ओर श्रीठाकुरजी हृदय में बिराज रहें ओर श्रीयमुनाजी दर्शन दे रहे है।
👉 एसे ही श्रीयमुनाजी के ४१ पदों का चित्र दर्शन ओर पद का भावार्थ समझ ने के लिए इस "PustiGyan Satsang" Channel को Subscribe जरुर करे। यहां नियमित रूप से एक एक पद का चित्र ओर भाव बताया जायेगा।
🌼 श्रीयमुनेमहारानी की जय 🌼
🙏 जय श्रीकृष्ण 🙏
6 months ago | [YT] | 123
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જય શ્રીકૃષ્ણ, બે દિવસ પહેલા પોસ્ટ માં પ્રશ્ન કર્યો હતો કે, ગુજરાતી માં પહેલા દિવાળી આવે કે દેવ દિવાળી? તો સાચો જવાબ છે, દેવ દિવાળી કારણ કે, ગુજરાતી નવું વર્ષ કારતક મહિના થી શરૂ થાય છે અને પ્રથમ કારતક મહિનાની એકાદશી (પ્રબોધિની) ને આપણે દેવ દિવાળી કહીએ છીએ, જ્યારે દિવાળી તો વર્ષ નાં છેલ્લો મહિનો આસો માસમાં છેલ્લા દિવસે અમાસના દિવસે આવે છે.
6 months ago | [YT] | 83
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PustiGyan Satsang
⚛️ चित्र दर्शन ओर परिचय ⚛️
📝 ए चित्र श्रीयमुनाजी के ४१ पद में से पहले पद (पद १) का भावनात्मक चित्र है। 🔔
🪕 पद १
पिय संग रंग भरि करि कलोले,
सबन कों सुख देन, पिय संग करत सेन;
चित्त मे तब परत चेन, जबही बोले. ||१||
अतिहि विख्यात, सब बात इनके हाथ, नाम लेत ही कृपा करी अतोले; |
दरस कर परस कर ध्यान हिय मे धरे, सदा व्रजनाथ इन संग डोले.||२||
अतिही सुख करन दुख सबन के हरन, यही लीनो परन, दे जु कोले;|
ऐसी श्री यामुने जान, तुम करो गुणगान, 'रसिक'प्रितम पाये, नग अमोले.||३||
👌 पद १ का भावार्थ
श्रीहरिरायजी इस पद में श्रीयमुनाजी का स्वभाव ओर गुन बता रहे हैं कि,
श्री यमुनाजी अपने प्रियतम स्वामी श्रीकृष्ण सँग प्रेम-रंग में अलौकिक लीलाएँ कर रहीं हैं। अपने शरणागत भक्तों को श्रीठाकुरजी सुख प्रदान करें, इस हेतु वे ठाकुरजी से नेत्र-इशारे द्वारा विनंती करती हैं। जब श्रीठाकुरजी “हाँ” कह देते हैं, तब श्रीयमुनाजी के मन में अपार आनंद उपजता है।
यहां श्रीहरिरायजी कह रहे हैं कि, भक्तों को परमसुख प्राप्ति करवाने का कार्य श्रीयमुनाजी ही करैं हैं। जो जन निरंतर श्रीयमुनाजी का नाम स्मरण करैं हैं, उन पर वे तत्काल अपनी अपरंपार कृपा बरसावैं हैं। जो भक्त श्रीयमुनाजी के दर्शन, स्पर्श, पान करि, हृदय में सदा उनका ध्यान धरैं हैं — वे सदा श्रीकृष्ण प्रभु के साथ आनंद में खेलत रहैं हैं।
श्रीयमुनाजी सब भक्तों को परमसुख देनेवाली और सब दुःख हरनेवाली हैं। उनका ऐसा व्रत (ओर स्वभाव)ही है। इसलिये श्रीहरिरायजी (रसिक )आज्ञा देत हैं कि — जो कोई श्रीयमुनाजी को जानि, नित्य उनके गुण गावत रहै, तो वह अतुल्य अमूल्य रत्न समान प्रियतम श्रीकृष्ण को अवश्य प्राप्त करत है।
✅ चित्र परिचय:-
श्रीहरिरायजी श्रीयमुनाजी का गुणगान (किर्तन) कर रहे, ओर उनको श्रीठाकुरजी ओर श्रीयमुनाजी यमुना तट निकुंज में लीलाएं करतें हुए दर्शन हों रहा है।
👉 एसे ही श्रीयमुनाजी के ४१ पदों का चित्र दर्शन ओर पद का भावार्थ समझ ने के लिए इस "PustiGyan Satsang" चेनल को Subscribe करे। यहां नियमित रूप से एक एक पद का चित्र ओर भाव बताया जायेगा।
🌸 श्रीयमुनेमहारानी की जय 🌸
🙏 जय श्रीकृष्ण 🙏
#pushtimargsatsang #shriyamunaji
6 months ago (edited) | [YT] | 101
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PustiGyan Satsang
ચાલો જોઈએ કે કેટલાં લોકો સાચો જવાબ આપે છે?
👉 "ગુજરાત માં પહેલા દિવાળી આવે કે દેવ દિવાળી"??
📝 આપનો જવાબ કોમેન્ટ કરશો.
6 months ago (edited) | [YT] | 6
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PustiGyan Satsang
નવા વર્ષના સર્વેને જય શ્રીકૃષ્ણ
7 months ago | [YT] | 31
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PustiGyan Satsang
दिपोत्सव पर्व का जय श्रीकृष्ण 🙏
7 months ago | [YT] | 60
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PustiGyan Satsang
*परम दयाल श्री गुसाईजी के तृतीय पुत्र श्री बालकृष्णजी का उत्सव (१६०६)..*
आपको श्री गुसांईजी ने प्रभु श्री द्वारकाधीशजी का स्वरुप सेवा हेतु दिया. आप उनकी सेवा काफी श्रृद्धा, स्नेह से करते थे.
तब प्रभु श्री द्वारकाधीशजी के संग स्वामिनीजी नहीं विराजते थे. आपको श्री द्वारकाधीशजी की स्वामिनीजी की सेवा की बहुत इच्छा थी.
बालकृष्णजी को एक रात्रि स्वप्न में यमुनाजी ने दर्शन दिए और कहा कि मैं श्री द्वारकाधीश प्रभु की स्वामिनी हूँ अतः मुझे उनके संग पधराओ. प्रात: उठकर आपने गुंसाईजी के सम्मुख स्वप्न दृष्ट स्वामिनीधेर्यआष्टक की रचना सुनाई. इसे सुनकर गुसांईजी अत्यंत प्रसन्न हुए और उनकी आतुरता देख बालकृष्णजी को स्वर्ण के दो कंगन दिए और आज्ञा की कि मुखारविंद से परिक्रमा प्रारम्भ करो और जिनके हाथ में ये कंगन सही माप के हों उनको पधरा कर ले आओ, वही प्रभु की स्वामिनीजी होंगी. आपने अनेक स्थानों पर जा कर स्वामिनीजी की खोज की और अंत में विक्रमाब्द 1638 में गुंजावन में आपको श्री यमुनाजी ने दर्शन दिए और अपने कंगन मांगे.
उस स्वरूप को श्री बालकृष्णजी पधरा ले आये. तब से स्वामिनीजी का काष्ट स्वरुप प्रभु श्री द्वारकाधीशजी के साथ गुप्त रूप से विराजित हैं अर्थात वहां सामान्यजनों को स्वामिनीजी के दर्शन नहीं कराये जाते ।
8 months ago | [YT] | 139
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