Shantikunj Rishi Chintan- AWGP

This is the official YouTube channel of the thoughts of Param Pujya Gurudev Pandit Shriram Sharma Acharya Ji.

शांतिकुंज हरिद्वार के Youtube Channel Shantikunj Rishi Chintan के द्वारा युग ऋषि वेदमूर्ति तपोनिष्ठ परम पूज्य गुरुदेव पं श्रीराम शर्मा आचार्य जी के विचारों को जन जन तक पहुँचाने का एक छोटा सा प्रयास है।

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स्वाध्याय हमारे चरित्र-निर्माण में सहायक बनकर हमें प्रभु प्राप्ति की ओर अग्रसर करता है। स्वाध्याय स्वर्ग का द्वार और मुक्ति का सोपान है।
अखण्ड ज्योति 1964 फरवरी

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#PositiveThinking #Motivation #Spirituality #RishiChintan

16 hours ago | [YT] | 462

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"बुद्धिवाद कितना ही उपयोगी क्यों न हो उसकी गरिमा हृदयवाद से ऊँची नहीं हो सकती।"
~ अखण्ड ज्योति, 1974 मार्च

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1 day ago | [YT] | 403

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जन्म शताब्दी वर्ष 2026 के अंतर्गत नोएडा में विराट कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित।

नोएडा। जन्म शताब्दी वर्ष 2026 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर-12 में "नारी जागरण से राष्ट्र जागरण" विषय पर विराट कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में दिल्ली-एनसीआर एवं आसपास के क्षेत्रों से हजारों गायत्री परिजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम में गायत्री परिवार मुख्यालय शांतिकुंज की महिला मंडल प्रमुख आदरणीया शेफाली पंड्या जी ने परम वंदनीया माता जी के जीवन-दर्शन, नारी शक्ति, संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण के प्रेरक विचारों से सभी का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि जब नारी संस्कारों की वाहक बनती है, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र में सकारात्मक परिवर्तन का प्रवाह प्रारंभ होता है।

सम्मेलन में जन्म शताब्दी वर्ष 2026 के अंतर्गत प्रत्येक परिवार तक युग निर्माण का संदेश पहुँचाने तथा समाज में नैतिक एवं सांस्कृतिक जागरण का संकल्प दोहराया गया। यह आयोजन संगठन, सेवा और संस्कार के प्रति गायत्री परिवार की बढ़ती जनभागीदारी का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरा।

इस अवसर पर परम वंदनीया माता जी की प्रेरणादायी पुस्तक "शिक्षित नारियाँ आगे आएँ" का भी आह्वान किया गया। नारी शक्ति के जागरण और नेतृत्व को समर्पित इस साहित्य के माध्यम से महिलाओं से युग निर्माण के महायज्ञ में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया गया।

2 days ago | [YT] | 1,550

Shantikunj Rishi Chintan- AWGP

कार्यव्यस्त व्यक्ति भी इतना तो कर ही सकते हैं कि नींद खुलने पर शैया त्यागने तक का जो समय आलस्य जैसी स्थिति में बिताना पड़ता है उसे ईश्वर उपासना में लगा दें।
~ अखण्ड ज्योति 1964 मार्च~

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2 days ago | [YT] | 494

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🌞 शुभ प्रभात 🙏 Sunday Special विचार के साथ ✨

अपने आपकी समालोचना करो।

जो कुछ हो, होने दो। तुम्हारे बारे में जो कहा जाए उसे कहने दो। तुम्हें ये सब बातें मृगतृष्णा के जल के समान असार लगनी चाहिए। यदि तुमने संसार का सच्चा त्याग किया है तो इन बातों से तुम्हें कैसे कष्ट पहुँच सकता है। अपने आपकी समालोचना में कुछ भी कसर मत रखना तभी वास्तविक उन्नति होगी।

प्रत्येक क्षण और अवसर का लाभ उठाओ। मार्ग लंबा है। समय वेग से निकला जा रहा है। अपने संपूर्ण आत्मबल के साथ कार्य में लग जाओ, लक्ष्य तक पहुँचोगे।

किसी बात के लिए भी अपने को क्षुब्ध न करो। मनुष्य में नहीं, ईश्वर में विश्वास करो। वह तुम्हें रास्ता दिखाएगा और सन्मार्ग सुझाएगा।

पुस्तक -हारिए न हिम्मत के लेख से ...

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#सुप्रभात #SundaySpecial #PositiveThinking #Motivation #RishiChintan

3 days ago | [YT] | 2,932

Shantikunj Rishi Chintan- AWGP

अमृतवाणी:- महापुरुषों की कथाएँ क्यों सुनें?

क्या भगवान की कथाएँ केवल धार्मिक अनुष्ठान हैं?
या उनके पीछे छिपा है जीवन निर्माण का महान विज्ञान?

जानिए परम पूज्य गुरुदेव के प्रेरक प्रवचन में।

https://youtu.be/RriJCP6Fg8A

🗓️ 19 जुलाई | रविवार
🕑 दोपहर 2:00 बजे
📺 शांतिकुंज ऋषि चिंतन

4 days ago (edited) | [YT] | 592

Shantikunj Rishi Chintan- AWGP

*दो दिवसीय तनाव प्रबंधन शिविर का शुभारंभ।*

*शांतिकुंज, हरिद्वार। उत्तराखंड यातायात पुलिस कर्मियों के लिए आयोजित दो दिवसीय तनाव प्रबंधन शिविर का शुभारंभ देवसंस्कृति एवं भारतीय संस्कृति की परंपरा के अनुरूप दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।*

शिविर का शुभारंभ शांतिकुंज के व्यवस्थापक आदरणीय योगेंद्र गिरी जी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पुलिस कर्मी अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी सेवाएँ प्रदान करते हैं। ऐसे में मानसिक संतुलन, तनावमुक्त जीवन, सकारात्मक चिंतन एवं आध्यात्मिक साधना उनके लिए अत्यंत आवश्यक है। शांतिकुंज द्वारा आयोजित यह शिविर उनके व्यक्तित्व विकास, मानसिक सशक्तीकरण तथा कार्यक्षमता में वृद्धि का माध्यम बनेगा।

उद्घाटन समारोह में शांतिकुंज के अनेक वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित रहे तथा उत्तराखंड यातायात पुलिस के अधिकारी एवं पुलिसकर्मियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। शिविर के दौरान प्रतिभागियों को योग, प्राणायाम, ध्यान, जीवन प्रबंधन, सकारात्मक चिंतन एवं भारतीय संस्कृति पर आधारित विभिन्न सत्रों के माध्यम से तनावमुक्त एवं संतुलित जीवन की प्रेरणा प्रदान की जाएगी।

4 days ago | [YT] | 1,580

Shantikunj Rishi Chintan- AWGP

🌞 शुभ प्रभात - एक प्रेरणादायक विचार के साथ ✨

सत्य पर विश्वास करने वाला प्रत्येक व्यक्ति धैर्य, क्षमा, इन्द्रिय दमन, चोरी न करना, इन्द्रिय निग्रह, बुद्धि का प्रयोग, ज्ञान, सत्य, क्रोध न करने धर्म की सच्चाई और और उपयोगिता को स्वीकार करेगा । इनका पालन करता हुआ यदि किसी को न तो भी श्रेष्ठ धर्मात्मा रह सकता है।

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4 days ago (edited) | [YT] | 216

Shantikunj Rishi Chintan- AWGP

🌞 शुभ प्रभात - एक प्रेरणादायक विचार के साथ ✨

ऊँचा कौन है ? जिसके हृदय में दया-धर्म बसे हुए हैं, जिसके मुख से सदैव अमृत वचन निकलते हैं जिसको सब प्राणियों से प्रेम है और जिसका मस्तक नम्रता से झुका रहता है।
अखण्ड ज्योति-जुलाई-९८४०

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5 days ago | [YT] | 232

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🌞 शुभ प्रभात 🙏 Thursday Special विचार के साथ 🙏

सच्चे शिष्य का एक ही स्वर- निष्काम कर्म।


सद्गुरू का सामीप्य एवं सद्गुरू की कृपा दोनों ही सम्भव है। कई बार नवीन साधक के मन में जिज्ञासा होती है कि कहाँ ढुँढे अपने सद्गुरू को? कैसे मिले सद्गुरू? किसके चरणों में करें अपने समर्पण की साधना? कुछ अक्षरों में गुँथे इन प्रश्नों का उत्तर ढूँढना आसान नहीं लगता, क्योंकि व्यावहारिक अनुभव यही कहता है कि सद्गुरू की प्राप्ति आसान नहीं होती। प्रायः यही होता हैं कि सद्गुरू मिलते ही नहीं और यदि किसी संयोगवश मिल भी गये, तो उनकी सद्गुरू के रूप में पहचान आसान नहीं होती। यह एक ऐसी जटिल पहेली है, जिसे हल करने में लोग अपना सम्पूर्ण जीवन गँवा देते हैं, फिर भी समस्या ज्यों की त्यों रहती है।

इस समस्या के समाधान में एक अनुभव कथा कहने का मन है। यह कथा एक किशोरवय के साधक की है, जो अपने सद्गुरू को ढूँढ रहा था। अपनी इस खोज को उसने अपनी साधना बना लिया। उसकी इस साधना के तीन पहलू रहे- पहला का आस्थापूर्वक पाठ। दूसरा- गुरू रूप में भगवान् शिव का वरण एवं तीसरा- गुरूमंत्र के रूप में गायत्री मंत्र का जप। जो सतत साधना करते हैं, जिनका शास्त्र ग्रन्थों का सम्यक् अध्ययन है- वे इस सत्य को भलीभाँति जानते हैं कि भगवान् शिव अपने दक्षिणामूर्ति स्वरूप में सभी प्राणियों के गुरू हैं। दस रूप में वे सभी को सद्गुरू प्राप्ति का वरदान देते हैं।

कोई भी साधक यदि उपरोक्त साधना ठीक से करता रहे, तो एक दिन भगवान् शिव ही उसे उसके सद्गुरू का परिचय देते हैं और उनकी प्राप्ति कराते हैं। अनुभूति कथा के इस किशोर साधक को भी अपनी यह साधना निरन्तर आठ वर्षों तक करनी पड़ी। अन्त में एक दिन स्वयं भगवान् सदाशिव ने उसके स्वप्न में आकर कहा- देख, मुझे पहचान मैं हूँ तेरा सद्गुरू। और इस स्वप्न में ही भगवान् शिव का दिव्य कलेवर उसके सद्गुरू के रूप में बदल गया। हाँ यह बात अलग है, इस स्वप्न परिचय को साकार होने में उसे दो वर्षों की साधना और करनी पड़ी। इन दो वर्षों में परिस्थिति चक्र में आश्चर्यजनक मोड़ आये, उसे उसके सद्गुरू का सान्निध्य भी मिला और कृपा भी। यह सत्य कथा किसी भी साधक के जीवन का सच बन सकती है। बस, प्रयास हो भावभरे मन से साधना की। साधना बनी रहे, तो सिद्धि मिलते, सिद्ध बनते देर नहीं लगती।

श्री गुरूकृपा से इस परम तत्त्व का अवलोकन करने के बाद वह शिष्य ,साधक सभी आसक्तियों से रहित, एकाकी, निःस्पृह, शान्त और स्थिर हो जाता है। उसे अभीष्ट मिले या फिर न मिले, उसे ज्यादा मिले या कम मिले, इस चिन्ता को छोड़कर वह सभी कामनाओं से रहित, संतुष्ट चित्त होकर जीवन यापन करता है। उसे यह सब मिलता है-

निष्काम कर्म की वह दिव्य अवस्था, जहाँ कर्म तो होते हैं पर अहंकार नहीं रहता, सेवा होती है पर स्वार्थ नहीं रहता। सद्गुरू कृपा से शिष्य का जीवन स्वयं के लिए नहीं, बल्कि समष्टि के कल्याण के लिए समर्पित हो जाता है। यही गुरूभक्ति की पूर्णता और साधना की सिद्धि है।

पुस्तक - गुरुगीता के लेख से ...

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6 days ago | [YT] | 2,030