कुछ छात्र व उनके पेरेंट्स अपने बच्चे की सुनिश्चित सफलता पर प्रसन्न होंगे, उन्हें मेरी हार्दिक बधाई।
कुछ छात्र छात्राएं व उनके पेरेंट्स आशा-निराशा के बीच झूल रहे होंगे कि पता नहीं कॉलेज मिल पायेगा कि नहीं या कौन सा कॉलेज मिलेगा।
आप सभी को मेरी शुभकामनाएं कि आपके लाड़ले-लाड़ली को मेडिकल कॉलेज मिले।
लेकिन हजारों बल्कि लाखों की संख्या में ऐसे बच्चे-बच्चियां होंगे जो निराश होंगे और उनसे भी ज्यादा उनके माता-पिता निराश होंगे।
मैं पेरेंट्स से बस इतना कहना चाहूँगा कि इस वक्त आपके बच्चे को आपकी सबसे ज्यादा जरूरत है।
उसके सिर पर हाथ फेरें और उससे बस इतना कहें कि क्या हुआ जो पेपर खराब गया, तूने तो अपना पूरा प्रयास किया था।
हो सकता है आपका बच्चा आपसे लिपटकर रो पड़े।
प्लीज उसे रोने देना और आप बस उसके सिर पर हाथ फेरकर यह एहसास दिलाते रहना कि आप हरदम उसके साथ हैं।
कुछ ऐसे भी बच्चे होंगे जो पहले ही हार मान चुके होंगे, लेकिन अपने माता-पिता की खातिर पेपर देने गये होंगे।
ऐसे बच्चों के माता-पिता से भी यही कहना चाहूंगा कि बच्चे को बजाय डांटने या हताशा प्रकट करने के उससे सामान्य ढंग से पेश आएं और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करें।
ये सारी बातें सिर्फ एक ही वजह से कर रहा हूँ कि डाँट के क्षोभ या असफलता से माता-पिता की समाज में तथाकथित किरकिरी की संभावना में आत्मग्लानि में कुछ बच्चे ऐसा कदम उठा लेते हैं जो जीवन भर के लिए आँसू व गम दे जाते हैं।
आज आपका बच्चा एक युद्ध लड़कर आया है। सफलता-असफलता की अशाओं व आशंकाओं को परे हटाकर एक योद्धा की तरह उसका स्वागत कीजिये।
उसे गले से लगाकर जादू की झप्पी दीजिये।
यह स्नेह उसके मन के घावों पर संजीवनी की तरह काम करेगा और वह अगले युद्ध के लिए तैयार हो सकेगा।
आपका बच्चा अनमोल है, उसकी कीमत पहचानिए।
नियति ने उसे किस महान कार्य के लिए डॉक्टर बनने से रोका है, कौन जाने।
याद रखें की जीवन में आगे बढ़ने के लिए और भी विकल्प हैं।
PHYSICS WITH Dr SANJAY BHARGAVA
@sanjaybhargava167
2 years ago (edited) | [YT] | 2
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PHYSICS WITH Dr SANJAY BHARGAVA
NEET-2024 exam संपन्न हुआ।
कुछ छात्र व उनके पेरेंट्स अपने बच्चे की सुनिश्चित सफलता पर प्रसन्न होंगे, उन्हें मेरी हार्दिक बधाई।
कुछ छात्र छात्राएं व उनके पेरेंट्स आशा-निराशा के बीच झूल रहे होंगे कि पता नहीं कॉलेज मिल पायेगा कि नहीं या कौन सा कॉलेज मिलेगा।
आप सभी को मेरी शुभकामनाएं कि आपके लाड़ले-लाड़ली को मेडिकल कॉलेज मिले।
लेकिन हजारों बल्कि लाखों की संख्या में ऐसे बच्चे-बच्चियां होंगे जो निराश होंगे और उनसे भी ज्यादा उनके माता-पिता निराश होंगे।
मैं पेरेंट्स से बस इतना कहना चाहूँगा कि इस वक्त आपके बच्चे को आपकी सबसे ज्यादा जरूरत है।
उसके सिर पर हाथ फेरें और उससे बस इतना कहें कि क्या हुआ जो पेपर खराब गया, तूने तो अपना पूरा प्रयास किया था।
हो सकता है आपका बच्चा आपसे लिपटकर रो पड़े।
प्लीज उसे रोने देना और आप बस उसके सिर पर हाथ फेरकर यह एहसास दिलाते रहना कि आप हरदम उसके साथ हैं।
कुछ ऐसे भी बच्चे होंगे जो पहले ही हार मान चुके होंगे, लेकिन अपने माता-पिता की खातिर पेपर देने गये होंगे।
ऐसे बच्चों के माता-पिता से भी यही कहना चाहूंगा कि बच्चे को बजाय डांटने या हताशा प्रकट करने के उससे सामान्य ढंग से पेश आएं और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करें।
ये सारी बातें सिर्फ एक ही वजह से कर रहा हूँ कि डाँट के क्षोभ या असफलता से माता-पिता की समाज में तथाकथित किरकिरी की संभावना में आत्मग्लानि में कुछ बच्चे ऐसा कदम उठा लेते हैं जो जीवन भर के लिए आँसू व गम दे जाते हैं।
आज आपका बच्चा एक युद्ध लड़कर आया है।
सफलता-असफलता की अशाओं व आशंकाओं को परे हटाकर एक योद्धा की तरह उसका स्वागत कीजिये।
उसे गले से लगाकर जादू की झप्पी दीजिये।
यह स्नेह उसके मन के घावों पर संजीवनी की तरह काम करेगा और वह अगले युद्ध के लिए तैयार हो सकेगा।
आपका बच्चा अनमोल है, उसकी कीमत पहचानिए।
नियति ने उसे किस महान कार्य के लिए डॉक्टर बनने से रोका है, कौन जाने।
याद रखें की जीवन में आगे बढ़ने के लिए और भी विकल्प हैं।
2 years ago | [YT] | 5
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