https://youtu.be/RgHcYf7idAg माया को कोसना बंद करो | उसके सत्य को जानो माया ईश्वरीय शक्ति है जो सृष्टि को व्यक्त स्वरूप प्रदान करती है। शुद्ध चैतन्य (Consciousness) की कार्य क्षमता, जो उसके संकल्प को—अर्थात एकोहम बहुस्यामि—विस्तार प्रदान करती है। माया जो कि प्रतिपल परिवर्तन को प्राप्त है। माया जो अपनी अज्ञानता के गहरे आवरण के प्रभाव से सत्य के सूर्य के दर्शन ही नहीं होने देती। माया से मार्ग भी है। और वह मार्ग पवित्र स्थिर बुद्धि से ही निकलता है। समस्त साधनाएं इसी को उद्देश्य मानकर आत्मउत्कर्ष की यात्रा पर आगे बढ़ाती हैं।
https://youtu.be/RgHcYf7idAg माया को कोसना बंद करो | उसके सत्य को जानो माया ईश्वरीय शक्ति है जो सृष्टि को व्यक्त स्वरूप प्रदान करती है। शुद्ध चैतन्य (Consciousness) की कार्य क्षमता, जो उसके संकल्प को—अर्थात एकोहम बहुस्यामि—विस्तार प्रदान करती है। माया जो कि प्रतिपल परिवर्तन को प्राप्त है। माया जो अपनी अज्ञानता के गहरे आवरण के प्रभाव से सत्य के सूर्य के दर्शन ही नहीं होने देती। माया से मार्ग भी है। और वह मार्ग पवित्र स्थिर बुद्धि से ही निकलता है। समस्त साधनाएं इसी को उद्देश्य मानकर आत्मउत्कर्ष की यात्रा पर आगे बढ़ाती हैं।
ईशावास्योपनिषद अध्ययन आत्मबोध का मार्ग ; youtube.com/playlist?list... आधुनिक मानस किस प्रकार उपनिषद् की गहराइयों से बड़ी सहजता से जुड़ा है यही इन कक्षाओं का उद्देश्य है। इन कक्षाओं को ज्ञान ऋण से मुक्त कर दिया गया है। जो विद्यार्थी अध्ययन पूर्ण होने के उपरांत स्वेच्छा से देना चाहें तो उन्हें स्वयं ईमेल करते हुए आगे आना होगा (info@dineshji.com) विद्यार्थी अध्ययन करते समय अपने नोट्स स्वयं बनाएं जिससे उनमें ज्ञान आत्मसात हो अध्ययन आरम्भ करने से पूर्व 11 बार सहज गहरी श्वास भरते हुए ॐ का गुंजन करें। ऐसा करने से उनका मस्तिष्क अंतर्मुखी होगा और बिखरावण समाप्त हो कर भीतर सजगता जुटेगी अर्थात एकाग्रता बनाने में सहायता प्राप्त होगी। अध्ययन करते हुए कोई भी जिज्ञासा हो तो निःसंकोच info@dineshji.com पर ईमेल करके पूछ सकते हैं। साथ ही हम सभी को अपने साथ नित्य प्रातः लाइव ब्रह्म मुहूर्त ध्यान में भाग लेने हेतु आमंत्रित करते हैं।
www.youtube.com/playlist?list... ईशावास्योपनिषद अध्ययन आत्मबोध का मार्ग ; आधुनिक मानस किस प्रकार उपनिषद् की गहराइयों से बड़ी सहजता से जुड़ा है यही इन कक्षाओं का उद्देश्य है। इन कक्षाओं को ज्ञान ऋण से मुक्त कर दिया गया है। जो विद्यार्थी अध्ययन पूर्ण होने के उपरांत स्वेच्छा से देना चाहें तो उन्हें स्वयं ईमेल करते हुए आगे आना होगा (info@dineshji.com) विद्यार्थी अध्ययन करते समय अपने नोट्स स्वयं बनाएं जिससे उनमें ज्ञान आत्मसात हो अध्ययन आरम्भ करने से पूर्व 11 बार सहज गहरी श्वास भरते हुए ॐ का गुंजन करें। ऐसा करने से उनका मस्तिष्क अंतर्मुखी होगा और बिखरावण समाप्त हो कर भीतर सजगता जुटेगी अर्थात एकाग्रता बनाने में सहायता प्राप्त होगी। अध्ययन करते हुए कोई भी जिज्ञासा हो तो निःसंकोच info@dineshji.com पर ईमेल करके पूछ सकते हैं। साथ ही हम सभी को अपने साथ नित्य प्रातः लाइव ब्रह्म मुहूर्त ध्यान में भाग लेने हेतु आमंत्रित करते हैं।
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संकल्प की शक्ति जागे तो सामान्य मनुष्य के भीतर से जवालाओं से भी प्रचंड इच्छा शक्ति जगती है ; https://youtu.be/XxfzJdxJZZ8?si=6FEbn...
1 day ago | [YT] | 119
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छोटे छोटे प्रश्न और आत्मचिंतन से समाधान
1 week ago | [YT] | 6
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छोटे छोटे प्रश्न और आत्मचिंतन से समाधान; https://youtu.be/R080SSXbbH4
1 week ago | [YT] | 49
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सम श्वास सहित भृकुटि मध्य ध्यान।
26th June ब्रह्म मुहूर्त ध्यान @0358 Brahma Muhurta Dhyana; youtube.com/live/cx6Vwom7cCE?feature=share
1 week ago | [YT] | 61
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भीतर की सफाई से खुलते अनेकों उत्कर्ष के मार्ग ; https://youtu.be/q9ua9JJ90Wk
1 week ago | [YT] | 159
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अज्ञान और तमस आत्मा की हत्या है | ईशावास्योपनिषद कक्षा 5
https://youtu.be/ZLFhLUY4MB4
1 week ago | [YT] | 65
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https://youtu.be/RgHcYf7idAg
माया को कोसना बंद करो | उसके सत्य को जानो
माया ईश्वरीय शक्ति है जो सृष्टि को व्यक्त स्वरूप प्रदान करती है।
शुद्ध चैतन्य (Consciousness) की कार्य क्षमता, जो उसके संकल्प को—अर्थात एकोहम बहुस्यामि—विस्तार प्रदान करती है।
माया जो कि प्रतिपल परिवर्तन को प्राप्त है।
माया जो अपनी अज्ञानता के गहरे आवरण के प्रभाव से सत्य के सूर्य के दर्शन ही नहीं होने देती।
माया से मार्ग भी है।
और वह मार्ग पवित्र स्थिर बुद्धि से ही निकलता है।
समस्त साधनाएं इसी को उद्देश्य मानकर आत्मउत्कर्ष की यात्रा पर आगे बढ़ाती हैं।
1 week ago | [YT] | 98
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https://youtu.be/RgHcYf7idAg
माया को कोसना बंद करो | उसके सत्य को जानो
माया ईश्वरीय शक्ति है जो सृष्टि को व्यक्त स्वरूप प्रदान करती है।
शुद्ध चैतन्य (Consciousness) की कार्य क्षमता, जो उसके संकल्प को—अर्थात एकोहम बहुस्यामि—विस्तार प्रदान करती है।
माया जो कि प्रतिपल परिवर्तन को प्राप्त है।
माया जो अपनी अज्ञानता के गहरे आवरण के प्रभाव से सत्य के सूर्य के दर्शन ही नहीं होने देती।
माया से मार्ग भी है।
और वह मार्ग पवित्र स्थिर बुद्धि से ही निकलता है।
समस्त साधनाएं इसी को उद्देश्य मानकर आत्मउत्कर्ष की यात्रा पर आगे बढ़ाती हैं।
1 week ago | [YT] | 105
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ईशावास्योपनिषद अध्ययन आत्मबोध का मार्ग ;
youtube.com/playlist?list...
आधुनिक मानस किस प्रकार उपनिषद् की गहराइयों से बड़ी सहजता से जुड़ा है यही इन कक्षाओं का उद्देश्य है। इन कक्षाओं को ज्ञान ऋण से मुक्त कर दिया गया है। जो विद्यार्थी अध्ययन पूर्ण होने के उपरांत स्वेच्छा से देना चाहें तो उन्हें स्वयं ईमेल करते हुए आगे आना होगा (info@dineshji.com) विद्यार्थी अध्ययन करते समय अपने नोट्स स्वयं बनाएं जिससे उनमें ज्ञान आत्मसात हो अध्ययन आरम्भ करने से पूर्व 11 बार सहज गहरी श्वास भरते हुए ॐ का गुंजन करें। ऐसा करने से उनका मस्तिष्क अंतर्मुखी होगा और बिखरावण समाप्त हो कर भीतर सजगता जुटेगी अर्थात एकाग्रता बनाने में सहायता प्राप्त होगी।
अध्ययन करते हुए कोई भी जिज्ञासा हो तो निःसंकोच info@dineshji.com पर ईमेल करके पूछ सकते हैं। साथ ही हम सभी को अपने साथ नित्य प्रातः लाइव ब्रह्म मुहूर्त ध्यान में भाग लेने हेतु आमंत्रित करते हैं।
2 weeks ago | [YT] | 75
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www.youtube.com/playlist?list...
ईशावास्योपनिषद अध्ययन आत्मबोध का मार्ग ;
आधुनिक मानस किस प्रकार उपनिषद् की गहराइयों से बड़ी सहजता से जुड़ा है यही इन कक्षाओं का उद्देश्य है। इन कक्षाओं को ज्ञान ऋण से मुक्त कर दिया गया है। जो विद्यार्थी अध्ययन पूर्ण होने के उपरांत स्वेच्छा से देना चाहें तो उन्हें स्वयं ईमेल करते हुए आगे आना होगा (info@dineshji.com) विद्यार्थी अध्ययन करते समय अपने नोट्स स्वयं बनाएं जिससे उनमें ज्ञान आत्मसात हो अध्ययन आरम्भ करने से पूर्व 11 बार सहज गहरी श्वास भरते हुए ॐ का गुंजन करें। ऐसा करने से उनका मस्तिष्क अंतर्मुखी होगा और बिखरावण समाप्त हो कर भीतर सजगता जुटेगी अर्थात एकाग्रता बनाने में सहायता प्राप्त होगी।
अध्ययन करते हुए कोई भी जिज्ञासा हो तो निःसंकोच info@dineshji.com पर ईमेल करके पूछ सकते हैं। साथ ही हम सभी को अपने साथ नित्य प्रातः लाइव ब्रह्म मुहूर्त ध्यान में भाग लेने हेतु आमंत्रित करते हैं।
2 weeks ago | [YT] | 40
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