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INTERNATIONAL STAGE DIRECTOR CAROLINE CLEGG SUPPORTS WILDLIFE CONSERVATION THROUGH VOLUNTEERING, VISITS WILDLIFE SOS
Agra. Strengthening a decade of support, she enters the field to witness Wildlife SOS’s work up close. Caroline Clegg, a long-time supporter and an acclaimed international stage director, recently completed a meaningful 3-day volunteering experience at the organisation’s conservation centres in Agra and Mathura. Visiting Wildlife SOS’ centres for the first time, Caroline engaged closely with teams at the Agra Bear Rescue Facility (ABRF), the Elephant Conservation and Care Centre (ECCC) and the Elephant Hospital Campus, gaining an in-depth understanding of the organisation’s mission to rescue and protect bears and elephants.
Having followed Wildlife SOS for nearly a decade, she spent her time learning about bear and elephant care, participating in hands-on enrichment activities across the centres. At the Agra Bear Rescue Facility, Caroline assisted caregivers with cleaning enclosures and observing the daily routine crafted for rescued sloth bears. She also interacted with the staff to understand how the organisation rehabilitates former ‘dancing’ bears and provides them lifelong care.
Her visit continued at the Elephant Conservation and Care Centre, where she took part in more volunteering activities that support the daily care of rescued elephants. Additionally, Caroline visited India’s first Elephant Hospital, witnessing firsthand the specialised treatments provided to injured, sick, and geriatric elephants rescued from decades of captivity.
A deeply special moment for her was an evening walk with elephants Maya, Phoolkali, Emma, and Tara, an experience she described as emotional and grounding.
Speaking about her experience, Caroline shared, “My experience here has been truly life-changing. I have been campaigning for animals all my life, but seeing the work on ground at Wildlife SOS is completely different from supporting a charity from the UK. The dedication, passion, and sensitivity of the team and caregivers is extraordinary. Anybody can come, and I would urge everyone to visit Wildlife SOS, it’s incredible.”
Kartick Satyanarayan, Co-founder & CEO of Wildlife SOS, said, “Caroline’s long-term support and her decision to volunteer with us reflect her genuine commitment to conservation. Her curiosity, humility, and compassion were evident throughout the visit, and we are grateful to have supporters who share our passion for creating lasting change.”
Geeta Seshamani, Co-founder & Secretary of Wildlife SOS, added, “It was a pleasure hosting Caroline. Her willingness to learn about our rescued animals truly stood out. Supporters like her help amplify our work and bring global attention to the challenges faced by India’s wildlife.”
6 months ago | [YT] | 4
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भारतीय जाटव समाज संस्था का विशाल उत्थान समारोह हुआ संपन्न, उपमुख्यमंत्री ने 5 करोड़ के आयुर्वेद अस्पताल की घोषणा की,कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मोक्ष धाम समस्या के तत्काल समाधान का दिया आश्वासन
महवा (जिला दौसा):-भारतीय जाटव समाज संस्था के तत्वावधान में रविवार को महवा के अंबेडकर कॉलोनी, भरतपुर रोड पर प्रदेश स्तरीय विशाल उत्थान समारोह धूमधाम से आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चंद बैरवा तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा उपस्थित रहे।
समारोह में समाज की प्रमुख मांगों को राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह ने प्रभावी ढंग से उठाया। इन पर संज्ञान लेते हुए उपमुख्यमंत्री श्री बैरवा ने महवा में 5 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक आयुर्वेद अस्पताल के निर्माण की घोषणा की। साथ ही उन्होंने महवा बस स्टैंड के विस्तार का भी भरोसा दिलाया।
वहीं कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने महवा क्षेत्र में लम्बे समय से चली आ रही मोक्ष धाम (शमशान घाट) की समस्या को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
अपने संबोधन में राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह ने समाज को शिक्षा, संगठन और जागरूकता के माध्यम से आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने नशा, मृत्युभोज और अन्य सामाजिक कुप्रथाओं के उन्मूलन का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में मिशनरी गायिका निशा बौद्ध और गायक मनीष मस्ताना की प्रस्तुति ने विशेष आकर्षण बटोरा।
*एकता के साथ हुआ उत्थान समारोह का समापन*
अतिथियों एवं पदाधिकारियों ने समाज के शैक्षिक और आर्थिक उत्थान पर विशेष जोर देते हुए अपने विचार रखे। अंत में समाज की एकता और प्रगति के जयघोष के साथ समारोह का शुभ समापन हुआ।
कार्यक्रम में समाज एवं राजनीतिक जगत की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं जज साहब अनिल कुमार, राष्ट्रीय संरक्षक नत्थी सिंह जसोरा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य लायक सिंह, प्रदेश अध्यक्ष चंद्रभान ठेकेदार, महिला सभा प्रदेशाध्यक्ष कश्मीरा सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष रामदयाल सोकरिया, प्रदेश महासचिव दिनेश ठेकेदार, प्रदेश सचिव दरव सिंह ठेकेदार, जिलाध्यक्ष मुंशी बारोलिया, जिला प्रवक्ता दीनदयाल ठेकेदार व जिला उपाध्यक्ष हाकिम खेड़ला,दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष एम. के. चंद्रा, तेज कपूर, अमर पाल,महवा विधायक राजेंद्र मीणा,हिंडौन सिटी विधायक श्रीमती अनीता जाटव,बसेड़ी विधायक संजय जाटव,पूर्व विधायक श्रीमती राजकुमारी जाटव,सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं सैकड़ों प्रबुद्धजन शामिल हुए।
6 months ago | [YT] | 4
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हथिनी मिया की आज़ादी का एक दशक: सर्कस में करतब दिखाने से लेकर सुरक्षित देखभाल तक का सफ़र
दस साल पहले, एक लाचार हथिनी को सर्कस के रिंग से बचाया गया था, जो सालों तक कठोर प्रदर्शन दिखाने को मजबूर थी और जिसके कारण उसके शरीर पर बहुत बुरा असर पड़ा था। छोटी बच्ची के रूप में जंगल से लाई गई उस हथिनी को करतब दिखाने और कठोर प्रशिक्षण भरे जीवन में धकेल दिया गया था l मिया ने आखिरकार दर्द और दुर्व्यवहार की दुनिया को पीछे छोड़ा, जब वाइल्डलाइफ एसओएस ने उसे 2015 में तमिलनाडु से बचाया। वह क्षण उसके लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ था, जहाँ से उसे आवश्यक उपचार मिलना शुरू हुआ।
कभी सर्कस में प्रताड़ित मिया का जीवन कठोर प्रशिक्षण, अप्राकृतिक दिनचर्या और अथक शारीरिक परिश्रम से भरा था। 2015 में वन विभाग के सहयोग से वाइल्डलाइफ एसओएस द्वारा बचाए जाने पर, वह गंभीर और लंबे समय से चली आ रही चोटों के साथ मथुरा स्थित हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र लाई गई। बढ़ती उम्र संबंधित चुनौतियों से जूझते हुए, मिया की दोनों आँखों में कॉर्नियल अपारदर्शिता के लक्षण दिखाई दिए, जिसके परिणामस्वरूप उसे ठीक से दिखाई भी नहीं देता। उसके दोनों आगे के पैरों के नाखून कटी-फटी स्थिति में थे, नाखूनों की सतह खुली हुई थी और क्यूटिकल्स क्षतिग्रस्त थे, जिससे उसे सामान्य गति में चलने में भी असुविधा हो रही थी।
मिया की उपचार यात्रा धीमी और स्थिर रही है, लेकिन उल्लेखनीय है। निरंतर उपचार से, उसके क्षतिग्रस्त नाखून धीरे-धीरे ठीक होने लगे हैं। नियमित औषधीय फुट बाथ, फुट-केयर रूटीन और विशेष वृद्धावस्था देखभाल ने उसे बेहतर ढंग से और कम असुविधा के साथ अपना वजन संभालने में मदद की है।
आज, मिया उसी सर्कस से बचाई गई एक और हथिनी रिया के साथ एक बड़े बाड़े में रहती है। साथ मिलकर, वे धीरे-धीरे टहलते हुए, धूल उड़ाते हैं और अपने आस-पास के वातावरण में सुकून से अपना दिन बिताते हैं। इन आज़ादी भरे दस साल में मिया अपनी साथी रिया के साथ हर दिन का आनंद लेते हुए मौसमी व्यंजनों का लुफ्त उठाती है।
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ, कार्तिक सत्यनारायण ने कहा, "पिछले दस वर्षों में मिया को फलते-फूलते देखना दर्शाता है कि समर्पित दीर्घकालिक देखभाल से क्या हासिल किया जा सकता है। यह हमारे इस संकल्प को और भी मज़बूत करता है जिसमे ज़ंजीरों में जकड़े हर हाथी को भी वही सम्मान और आज़ादी मिले।"
वाइल्डलाइफ एसओएस की सह-संस्थापक और सचिव, गीता शेषमणि ने कहा, "मिया के शुरुआती दिनों में वह अपनी नई दुनिया को लेकर सतर्क और अनिश्चित थी। अब उसे फलते-फूलते और निडर देखना बेहद सुखद है। इन दस सालों में उसने जो नया जीवन पाया है, उसमे सिर्फ़ स्वास्थ्य संबंधित ही नहीं, बल्कि एक हाथी का शांत आत्मविश्वास भी झलकता है जिसे आखिरकार सहजता से जीने की आज़ादी मिल गई है।"
वाइल्डलाइफ एसओएस की पशु चिकित्सा सेवाओं के उप निदेशक, डॉ. इलियाराजा ने बताया*, "मिया की वृद्धावस्था देखभाल की ज़रूरतें व्यापक हैं, लेकिन वह उपचार के प्रति बहुत अच्छी प्रतिक्रिया दे रही है। उसके पैरों में काफ़ी सुधार हुआ है, उसके घाव भर गए हैं, और उसका स्वास्थ्य स्थिर है। उसे आराम और विश्वास से भरा जीवन जीते देखना बेहद संतोषजनक है।"
6 months ago | [YT] | 2
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श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया शहीदी दिवस, कीर्तन दरबार की बही रसधार, युवाओं ने रक्तदान दिवस में बढ़चढ़ कर किया रक्तदान
Agra. गुरु तेग बहादुर साहिब महाराज और उनके तीन सिख भाई मती दास भाई सती दास और भाई दयाला के 350 वे शहीदी दिवस के अवसर पर गुरुद्वारा गुरु का ताल में भव्य कीर्तन समागम का आयोजन किया गया जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आये रागी जत्थों व धर्म प्रचारकों के साथ-साथ आगरा के भी जत्थों ने हिस्सा लिया और गुरु तेग बहादुर जी महाराज जी की उच्चरित वाणी का गायन किया।गुरु महाराज के 350 में शहीदी शताब्दी वर्ष को मनाते हुए इस वर्ष आगरा में भी देशभर से विभिन्न धार्मिक यात्राएं आयी और आगरा से दिल्ली तक विशाल नगर कीर्तन निकाले जाने के साथ वर्ष भर अनेक धार्मिक आयोजन भी किए गए। इन सभी आयोजनों की अपार सफलता में अहम भूमिका निभाने वाली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों, सोसाइटियों व अन्य सभी सहयोगियों का कीर्तन समागम के दौरान सिरोंपा देकर सम्मान भी किया गया।
शाम का मुख्य समागम:
गुरुद्वारा गुरु का ताल परिसर में बने भाई नंदलाल हाल में बहुत ही श्रद्धा भावना के साथ आयोजित किया गया।गुरु महाराज के स्वरूप को बहुत ही आदर सत्कार के साथ कीर्तन व पुष्प वर्षा करते हुए भाई नंदलाल हाल में लाया गया। गुरु महाराज को विराजमान करने के बाद सबसे पहले रहरास साहब का पाठ किया गया। कीर्तन समागम में मुख्य रूप से भाई सरवन सिंह जी खालसा हजूरी रागी दरबार साहिब अमृतसर, सिंह साहिब ज्ञानी हरपाल सिंह जीहेड ग्रंथी फतेहगढ़ साहिब, रागी भाई अनंतवीर सिंह जी ,रागी भाई सतविंदर सिंह जी ने कीर्तन की हाजिरी भरी ।इसके अलावा गुरुद्वारा गुरु का ताल के हजूरी रागी भाई हरजीत सिंह ,भाई लवजीत सिंह जी ने भी गुरबाणी गायन किया। कीर्तन समागम के दौरान गुरुद्वारा गुरु का ताल के मौजूदा मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह जी ने कहा कि 350 वर्ष के समागम का आयोजन करना उनके लिए एक बड़े सौभाग्य की बात है साथ ही जिन लोगों ने भी इन सभी आयोजनों के दौरान अपनी हाजिरी भरी और इन आयोजनों में सहयोग दिया वे सभी गुरु महाराज की खुशियों के हकदार हैं । उन्होंने अपील की संगत अपनी अगली पीढ़ी को भी गुरु घर के साथ जोड़े। बच्चों को निरंतर अपने साथ गुरुद्वारा लेकर आए और अपने इतिहास , महापुरुष,गुरुओं की वाणी और उनकी शहादतों से नई पीढ़ी को अवश्य रूबरू कराए।
मीडिया प्रभारी जसबीर सिंह ने बताया कि शहीदी दिवस के अवसर पर गुरुद्वारे में एक रक्तदान शिविर और एक चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया था । जहां चिकित्सा शिविर मैं मरीज को वरिष्ठ चिकित्सकों की ओर से की ओर से मरीजों को निशुल्क परामर्श व दवाई दी गई तो वहीं रक्तदान शिविर में भी गुरुद्वारे के सेवादारों में बढ़-चढ़कर रक्तदान किया।
कीर्तन समागम के दौरान वर्ष भर चले आयोजनों और नगर कीर्तन में सहयोग करने वाले सभी गुरुद्वारा प्रबंध कमेटियों के सदस्यों विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी व हर उसे व्यक्ति का सम्मान किया गया जिन्होंने इन आयोजनों को सफल बनाने में सहयोग दिया है। इस दौरान गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा माईथान के प्रधान कवलदीप सिंह हेड ग्रंथि ज्ञानी कुलविंदर सिंह दलजीत सिंह सेतिया ,गुरमीत सिंह सेठी ,चौधरी मनजीत सिंह ,उपेंद्र सिंह लवली, बॉबी वालिया,राजू सलूजा ,अरविंद चावला ,जसपाल चावला, परमजीत मक्कड़, प्रवीण अरोड़ा, श्याम भोजवानी लकी सेतिया, बंटी ग्रोवर,परमात्मा सिंह अरोड़ा , परमीत सिंह छाबड़ा सतपाल बत्रा आदि का सम्मान किया।
सहज पाठों का हुआ सामूहिक समापन:
गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर गुरुद्वारा गुरु का ताल में गुरु तेग बहादुर साहिब जी महाराज की शहादत को समर्पित करते हुए सहज पाठ शुरू किए गए थे ।लगभग 6 माह तक चले इन सभी सहज पाठ का सामूहिक रूप से समापन 350 वे शहीदी दिवस के अवसर पर किया गया ।दरबार साहिब गुरुद्वारा गुरु का ताल में सुबह के दीवान में सभी सहज पाठों का सामूहिक रूप से समापन किया गया। सहज पाठ की सेवा लेने वाले परिवार अपनी संची साहब लेकर गुरुद्वारा दरबार हॉल में मौजूद रहे। श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की ओर से उच्चारित की गई वाणी श्लोक महला नावा के पाठ के साथ सहज पाठ की समाप्ति की गई। गुरुद्वारा गुरु का ताल के मौजूदा संत बाबा प्रीतम सिंह जी ने सहज पाठ पूरा किए जाने पर सभी को बहुत-बहुत बधाइयां दी और सिरोपा देकर सम्मानित किया ।उन्होंने कहा गुरु के हर सिख को जीवन में एक बार सहज पाठ अवश्य करना चाहिए। उन्होंने कहा जो लोग सहज पाठ शुरू करके अभी समाप्त नहीं कर पाए हैं वह साहिबजादो के शहीदी समागम तक इन्हें समाप्त जरूर कर लें। इस अवसर पर आयोजित कीर्तन समागम में मुख्य रूप से भाई दलीप सिंह जी फक्कड़ पटियाला वालों ने कीर्तन की हाजिरी भरी और बाबा अमरीक सिंह जी ने संगत के साथ गुरमत विचार साझा करते हुए गुरुद्वारा गुरु का ताल का इतिहास और गुरु महाराज की गिरफ्तारी के बारे में विस्तार से बताया ।अंत में ग्रंथी अजायब सिंह टीटू ने अरदास की और ग्रंथि हरबंस सिंह जी ने हुकुमनामें के साथ समाप्ति की ।अंत में सहज पाठ संपूर्ण करने वालों को संत बाबा प्रीतम सिंह जी और जत्थेदार राजेंद्र सिंह जी ने सिरोंपा देकर सम्मानित किया ।इस अवसर पर जत्थेदार पाल सिंह , जत्थेदार सतनाम सिंह,महंत हरपाल सिंह, ग्रंथि सुशील सिंह ,वीर सिंह ,ज्ञानी केवल सिंह आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।
6 months ago | [YT] | 2
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आज़ादी के 15 साल: जानिये कैसे ट्रक एक्सीडेंट में घायल हुए हाथी ने रची आत्मविश्वास और द्रढ़ता की नई कहानी
Agra. पंद्रह साल पहले, नोएडा के एक हाईवे पर दुखद सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद, वाइल्डलाइफ एसओएस द्वारा देर रात बचाए गए हाथी भोला के जीवन की दिशा हमेशा के लिए बदल गई। दशकों तक क्रूरता और दुर्व्यवहार सहने को मजबूर, आज यह 60 वर्षीय मखना हाथी आज़ादी के 15 साल पूरे कर चुका है, जो इस बात का जीता जागता सबूत है कि जानवर को बचाना एक शुरुआत है और उसके बाद जो होता है वही आज़ादी की सच्ची परिभाषा है।
बचाए जाने से पहले, भोला का जीवन दर्द और दुर्व्यवहार से भरा था। आंशिक रूप से नेत्रहीन और ढलती उम्र वाला यह नर हाथी उत्तर प्रदेश के गाँवों की गलियों में भीख माँगने को मजबूर था, उसे बुलहुक से मारा जाता था और सालों तक चिलचिलाती धूप और मूसलाधार बारिश में जंजीरों से जकड़ कर रखा जाता था। 2010 में, रात के अंधेरे में अवैध रूप से राज्य की सीमाओं के पार ले जाते समय, वह एक तेज़ रफ़्तार ट्रक की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से घायल होकर हाईवे पर गिर गया। उत्तर प्रदेश वन विभाग के सहयोग से वाइल्डलाइफ एसओएस द्वारा उसके बचाव ने उसके स्वस्थ होने की लंबी यात्रा की शुरुआत की।
मथुरा स्थित वाइल्डलाइफ एसओएस द्वारा संचालित हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र में लाए गए भोला को आखिरकार ज़रूरी चिकित्सा देखभाल मिली। आज, वह शांति से अपना दिन बिताता है, सुबह की सैर करता है, अपने पूल में पानी से खेलता है और अपने पसंदीदा व्यंजनों को खाने में समय बिताता है। आंशिक रूप से नेत्रहीन होने के बावजूद, भोला शांत और आत्मविश्वास से भरा हुआ है, मानो आज़ादी के एक और दिन का स्वागत कर रहा हो। इस सम्मान को चिह्नित करने के लिए, वाइल्डलाइफ एसओएस ने भोला के पसंदीदा केले, कद्दू, गन्ना और तरबूज जैसे फलों के एक विशेष भोज का आयोजन किया, जो इस बात का प्रतीक है कि जहाँ उसके बचाव ने उसे आज़ादी दी, वहीं उसके स्वास्थ में सुधार आने से उसे सम्मानजनक जीवन जीने का एक और मौका दिया।
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ, कार्तिक सत्यनारायण ने कहा, "भोला का जीवन दर्शाता है कि कैसे क्रूरता की जगह देखभाल जीवन में सुधार का मुख्य आधार बन सकता है। भोला की यात्रा हर उस हाथी के लिए हमारी लड़ाई को प्रेरित करती है, जो अभी भी इस क्रूरता भरे जीवन से गुज़र रहे हैं।"
वाइल्डलाइफ एसओएस की सह-संस्थापक और सचिव, गीता शेषमणि ने बताया, "जब भोला को केंद्र में लाया गया, तब वह बहुत अधिक कमज़ोर और थका हुआ था। पहले वह काफी डरा हुआ था और उसे लगता था कि केवल जीवित रहना ही उसका एकमात्र लक्ष्य है, लेकिन धैर्य और सावधानी के साथ उसने अपने जीवन को फिर से संजोया है।"
वाइल्डलाइफ एसओएस के पशु चिकित्सा सेवाओं के उप निदेशक, डॉ. इलियाराजा ने कहा, "भोला को निरंतर चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता है और उसे नियमित रूप से औषधीय फुट बाथ और घाव की देखभाल की आवश्यकता है एवं सकारात्मक कंडीशनिंग का उस पर अच्छा प्रभाव पड़ा है। अब उसे उन हाथों पर भरोसा है, जिन्होंने कभी उसे बचाने के लिए संघर्ष किया था।"
7 months ago | [YT] | 1
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होटल डबल ट्री बाय हिल्टन के कमरे से लाखों रूपये की अंगूठियां चोरी, हाउस कीपिंग स्टाफ पर मुकदमा दर्ज
Agra. थाना ताजगंज क्षेत्र स्थित ताजनगरी स्थित सितारा होटल डबल ट्री बाय हिल्टन के हाउसकीपिंग स्टाफ की महिला और युवक पर चोरी का आरोप लगा है। होटल में ठहरी महिला ने दोनों को नामजद करते हुए थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमे में तीन हीरे और एक चांदी की अंगूठी चोरी कर लेने का आरोप है। चोरी गई अंगूठियों की अनुमानित कीमत दस लाख रुपये बताई जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इंदौर के ओसियन पार्क एच ब्लाक की रहने वाली 47 वर्षीय श्वेता शर्मा ने दर्ज कराए मौके में कहा कि आरोपियों ने बिना अनुमति कमरा खोला और सामान निकाल कर बाहर रखने के दौरान अंगूठियां चोरी कर लीं। श्वेता शर्मा विगत पांच नवंबर को होटल डबल ट्री बाय हिल्टन में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने आई थीं। उनके लिए कमरा नंबर 3237 बुक था। उन्हें सात नवंबर को चेक आउट करना था। श्वेता ने अपनी तीन हीरे और एक चांदी की अंगूठी बेड पर तकिये के नीचे रख दी थीं। चेक आउट के समय वह सामने के कमरा नंबर 3230 में परिचित से मिलने गईं थी।
बीस मिनट रुकने के बाद जब कमरे में गईं तो वहां सारा सामान नहीं मिला। तकिये के नीचे रखी अंगूठियां भी गायब थीं। नीचे बाकी सामान रखा मिलने पर उन्होंने बिना अनुमति कमरा खोलने और चोरी हो जाने की शिकायत की। इस पर होटल के सिक्योरिटी स्टाफ ने सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग देखी। उसमें पता चला कि हाउसकीपिंग स्टाफ की राधा और होटल का पेंटर विपिन कई बार बिना अनुमति कमरा खोलकर अंदर गए और कुछ समय दोनों एक साथ कमरे में भी रहे। श्वेता ने दोनों पर चोरी का शक जताते हुए नामजद मुकदमा दर्ज कराया और नियम विरुद्ध बिना अनुमति कमरा खोलने पर होटल प्रबंधन पर भी कार्रवाई करने की अपील की।
होटल की प्रवक्ता रजनी नायर ने मीडिया से कहा कि हम स्थानीय पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर जांच कर रहे हैं और पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। इस मामले में एसीपी पीयूषकांत राय का कहना है कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य के आधार पर जांच कर रही है। कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
7 months ago | [YT] | 1
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समझौता कराने के नाम पर गैंगरेप पीड़िता के साथ फिर हुआ दुराचार,इस बार हैवान बना एक अधिवक्ता
Agra. आगरा में एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। रेप पीड़िता के साथ समझौता कराने के नाम पर अपने साथ ले गए अधिवक्ता ने ही बलात्कार कर दिया। इस घटना से पीड़िता पूरी तरह से टूट गई। होटल से छुटकर थाने पहुंची पीड़िता ने अपनी आपबीती पुलिस को बताई। पुलिस तुरत एक्शन मोड में आई। पुलिस आरोपी को पकड़ने गई तो वह पुलिस से बचने के लिए घर की छत से नीचे कूद गया। पुलिस ने उसे इलाज के लिए एसएन में भर्ती कराया है।
औरेया निवासी पीड़िता ने पुलिस को बताया कि साल 2022 में उसने एत्मादपुर क्षेत्र के कुछ युवकों पर गैंगरेप का केस दर्ज कराया था। गुरुवार को केस की तारीख पर आगरा पहुंची थी। तभी आरोपी पक्ष के अधिवक्ता जितेंद्र सिंह धाकरे उर्फ संतोष सिंह ने उसे फोन किया और कहा कि “समझौता करा दूंगा, झंझट खत्म कर देते हैं।” पीड़िता राजी हो गई। इसके बाद वकील उसे अपनी कार से ले गया और रास्ते में बीयर पिलाई।
वकील पहले उसे कुबेरपुर लेकर गया, जहां एक आरोपी से मिलवाया। बात नहीं बनी तो उसने कहा कि रात आगरा में ही रुक जाओ। युवती उसके झांसे में आ गई। वकील उसे शिल्पग्राम के पास स्थित होटल ताज रॉयल ले गया और कमरा नंबर 106 बुक कराया। रात में वह दोबारा कमरे में लौटा और “केस पर बात करनी है” कहकर अंदर आया। इसके बाद जबरन युवती को दबोच लिया और रेप किया। किसी तरह मौका पाकर युवती कमरे से निकल भागी और अगले दिन थाने पहुंचकर तहरीर दी।
एफआईआर दर्ज होने के बाद एकता थाना पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। शुक्रवार शाम को जब टीम ट्रांसयमुना जी ब्लॉक स्थित घर पहुंची तो आरोपी वकील छत से कूदकर भागने की कोशिश करने लगा। इस दौरान उसके दोनों पैर की हड्डी टूट गई । पुलिस ने उसे घायल अवस्था में पकड़कर एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। पुलिस ने होटल से रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए हैं। रिकॉर्ड में वकील की एंट्री दर्ज मिली। फोरेंसिक टीम ने कमरे से साक्ष्य जुटाए हैं। युवती का मेडिकल कराया गया है और उसके कोर्ट में बयान दर्ज कराए जा रहे हैं।
छानबीन में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी जितेंद्र सिंह का भाई जेपी धाकरे भी आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। वह कुछ समय पहले “लुटेरी दुल्हन” प्रकरण में जेल जा चुका है।
7 months ago | [YT] | 1
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Meet at Agra 2025: जूता उद्योग का तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महाकुंभ 7 नवम्बर से शुरू,नई तकनीक, नए इनोवेशन और वैश्विक ट्रेंड्स के साथ आगरा बनेगा फुटवियर इंडस्ट्री का ग्लोबल हब
आगरा। फुटवियर उद्योग के तीन दिवसीय महाकुंभ के रूप में प्रतिष्ठित फेयर “Meet at Agra 2025” का आयोजन इस वर्ष 7 से 9 नवम्बर 2025 तक किया जाएगा। यह आयोजन आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैम्बर (एफमेक) द्वारा आगरा ट्रेड सेंटर, सींगना गाँव, एनएच–2, आगरा में आयोजित किया जा रहा है। इस इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में भारत सहित विभिन्न देशों के 250 से अधिक एग्जीबिटर्स भाग ले रहे हैं। आगरा ट्रेड सेंटर में एक ही छत के नीचे विश्व का फुटवियर बाजार साकार होगा।
मीडिया को सम्बोधित करते हुए एफमेक अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने कहा कि लगभग 19 वर्ष पहले कैप्टन ए.एस. राणा ने ‘मीट एट आगरा फेयर’ की शुरुआत इस सोच के साथ की थी कि हमारी फुटवियर इंडस्ट्री की सप्लाई चेन को मजबूत बनाया जाए। उस समय यह केवल एक विचार था, लेकिन आज यह एक बड़ा आंदोलन बन चुका है।
इस आयोजन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में पूर्व अध्यक्ष पूरन डावर का भी बहुत बड़ा योगदान रहा है। कोरोना महामारी के कारण दो साल तक यह आयोजन नहीं हो सका, लेकिन अब हम सबकी मेहनत और सहयोग से एक बार फिर उसी उत्साह के साथ इसका 17वाँ संस्करण आयोजित करने जा रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि यह फेयर अब सिर्फ इंडस्ट्री को जोड़ने का नहीं, बल्कि उसे नई दिशा देने का मंच बन गया है। इस बार हमने इंडस्ट्री को और मजबूत बनाने के लिए रेटिंग और फैक्टरिंग से जुड़ी संस्थाओं को भी आमंत्रित किया है ताकि हमारे कारोबारी साथियों को वित्तीय योजनाओं और अवसरों की बेहतर जानकारी मिल सके।
हमारा मानना है कि अगर सप्लाई चेन मजबूत होगी तो जूता निर्माता और निर्यातक भी मजबूत होंगे। एफमेक का हमेशा यही प्रयास रहता है कि इंडस्ट्री के भीतर सहयोग बढ़े, विदेशी वेंचर्स से साझेदारी बने और जो चीजें हम आज बाहर से मंगवाते हैं, वे आगरा में ही निर्मित हों यही ‘मेक इन इंडिया’ का असली उद्देश्य है।”
उन्होंने इंडस्ट्री से जुड़े सभी कारोबारियों, फैक्ट्री मालिकों, परचेज मैनेजरों और आरएंडडी विभाग के वरिष्ठ सहयोगियों से आग्रह किया कि वे इस फेयर में अवश्य आएँ और इसका अधिक से अधिक लाभ उठाएँ।
“फुटवियर के साथ-साथ आगरा की अन्य इंडस्ट्री को भी इस आयोजन से सीधा लाभ मिलेगा। इसलिए मैं सभी उद्योगों से भी आग्रह करता हूँ कि वे ‘Meet at Agra’ का हिस्सा बनें।”
श्री गुप्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार के माननीय मंत्री, एनआरआई एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के श्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ जी 7 नवम्बर को उद्घाटन समारोह में
मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।
यूएस के टैक्स का नहीं होगा असर
अमेरिका के प्रेसिडेंट ट्रंप ने भारत के प्रति अपनी व्यापारिक नीति को बदल दिया है और टैक्स में इजाफा कर दिया है। जिसका असर शूज इंडस्ट्रीज पर है। लेकिन meet at Agra ke आयोजन कर्ताओं का कहना है कि इससे सबसे अधिक नुकसान केवल अमेरिका का ही है क्योंकि वहां की जनता को दुगना महंगा अमेरिकी जूता खरीदना पड़ रहा है। भारत तो अपनी शूज व्यापार के लिए अन्य राष्ट्रों में संभावनाएं तलाश रहा है।
लेदर की अपेक्षा सिंथेटिक पर जोर:
मीट एट आगरा के आयोजन करतब का कहना है कि इस समय लीटर की अपेक्षा सिंथेटिक पर अधिक जोर दिया जा रहा है क्योंकि ग्लोबल मार्केट में अस्सी से नब्बे प्रतिशत मार्केट सिंथेटिक का है। इसीलिए भारत के शिव व्यापारी भी सिंथेटिक में उतर रहे हैं।
फेयर के प्रमुख आकर्षण और संभावनाएँ:
अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने आगे बताया कि इस वर्ष अनुमानित 8,000 ट्रेड विजिटर्स और 25,000 से अधिक फुटफॉल की संभावना है। “भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में आगरा का जूता उद्योग अहम भूमिका निभा रहा है। सरकार और उद्योग–संगठनों के प्रयासों से मौजूदा 26 बिलियन डॉलर के भारतीय फुटवियर बाज़ार को 2030 तक 47 बिलियन डॉलर तक बढ़ाया जा सकता है। यह वृद्धि मुख्य रूप से गैर–चमड़े के जूतों जैसे स्पोर्ट्स, रनिंग, कैज़ुअल वियर और स्नीकर्स की बढ़ती मांग के बल पर संभव है।”
फेयर आयोजन समिति के चेयरमैन कुलबीर सिंह ने कहा कि यह आयोजन अब वर्ल्ड फुटवियर कैलेंडर में शामिल हो चुका है और विभिन्न देशों के उद्योग जगत से जुड़े कारोबारी हर साल इसका इंतजार करते हैं।
एफमेक उपाध्यक्ष राजीव वासन ने कहा कि फुटवियर कंपोनेंट इंडस्ट्री जब मजबूत होगी तभी अच्छा जूता बन सकेगा। “यह फेयर कंपोनेंट इंडस्ट्री और मैन्युफैक्चरर्स के बीच सेतु की तरह काम कर रहा है। इस बार तकनीकी सत्रों में डिजाइन ट्रेंड्स, मैन्युफैक्चरिंग तकनीक और मार्केटिंग स्ट्रेटेजी जैसे विषयों पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे - ये सत्र उद्योग के वर्तमान और भविष्य की दिशा तय करने में मददगार होंगे।”
एफमेक के उपाध्यक्ष राजेश सहगल ने कहा कि भारत अब चीन के एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर रहा है। “टाटा, रिलायंस, वॉलमार्ट और फ्यूचर ग्रुप जैसी कंपनियाँ अब भारतीय उत्पादों पर निर्भर हैं। यह हमारे लिए अवसर का समय है अब हमें अपनी क्वालिटी को वैश्विक मानकों के अनुरूप और मजबूत बनाना होगा।”
एफमेक महासचिव प्रदीप वासन ने बताया कि भारत दुनिया के कुल फुटवियर उत्पादन का लगभग 13% हिस्सा बनाता है, जबकि निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 2.2% है। “हमारे पास उत्पादन और निर्यात दोनों को बढ़ाने की अपार संभावनाएँ हैं - सरकार और उद्यमियों के सामूहिक प्रयास से इस मौके का पूरा लाभ उठाया जा सकता है।”
एफमेक सचिव अनिरुद्ध तिवारी ने कहा कि भारत में जूतों-चप्पलों पर प्रति व्यक्ति खर्च अभी भी बहुत कम है लगभग ₹1,500 प्रति वर्ष, जबकि वैश्विक औसत इससे कई गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि “तीन डॉलर आयात मूल्य से कम के फुटवियर पर कस्टम ड्यूटी 35% की जानी चाहिए और घरेलू उद्योग को न्यूनतम समर्थन मूल्य जैसी सुविधा मिलनी चाहिए, ताकि स्थानीय उत्पादकों को प्रोत्साहन मिल सके।”
इस अवसर पर ललित अरोरा, इफ्कोमा के महासचिव दीपक मनचंदा, द शू फेक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष विजय सामा, विजय निझावन, रेनुका डंग, नकुल मनचंदा, अर्पित ग्रोवर, दिलीप रैना सहित कई उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियाँ विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
7 months ago | [YT] | 2
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धर्म रक्षा के लिए कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय को किया सम्मानित, धर्मांतरण मामले के पर्दाफाश में योगेंद्र उपाध्याय ने निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका
आगरा। सतनाम साक्षी स्वामी श्री टेउराम आश्रम केदार नगर में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का भव्य स्वागत किया गया। विगत माह थाना शाहगंज क्षेत्र में लालच देकर जबरन धर्म परिवर्तन कराने वाले 8 लोगो को जेल में भिजवाने कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने अहम भूमिका निभाई थी। आश्रम की संचालिका भगवती संजनानी ने उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय को अंग वस्त्र भैंटकर स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
इस मौके पर जय जय श्री राम सनातन धर्म की जय हो की जयकार के साथ धर्म रक्षा के संकल्प का नारा गूंज उठा। गौरतलब है कि शाहगंज क्षेत्र में धर्मांतरण के आरोपी राजकुमार लालवानी सहित आठ लोगों को पुलिस ने जेल भेजा था। पुलिस ने धर्मांतरण के बड़े मामले का खुलासा किया था जिसमें कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने सहयोग करके महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस मौके पर धर्मांतरण के आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए करीब 2 महीने तक अनवरत मेहनत करने वाले थाना शाहगंज इंस्पेक्टर वीरेश पाल गिरी, महिला थाने की इंस्पेक्टर संगीता सोलंकी, महिला थाने की वरिष्ठ उप निरीक्षक करुणा सिंह, महिला इंस्पेक्टर कोमल पांडे, हेड कांस्टेबल पूजा ,को उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा उत्तर प्रदेश की योगी सरकार धर्म रक्षा के साथ राष्ट्र के विकास के लिए संकल्पित है। धर्मांतरण के आरोपी समाज के भी गुनेहगार हैं ।योगी सरकार कानून व्यवस्था कानून से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए तत्पर है। इस अवसर पर उन्होंने सिंधी समाज के लोगों का आभार व्यक्त किया और कहा सिंधी समाज में मान सम्मान और स्वाभिमान के लिए पाकिस्तान छोड़ना स्वीकार किया था लेकिन अपना धर्म परिवर्तन नहीं किया था आज भी यह समाज सनातन धर्म के प्रति समर्पित है।
इनकी रही मौजूदगी
कार्यक्रम के दौरान प्रमुख रूप से उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय,आश्रम संचालिका भगवंती साजनानी, हेमंत भोजवानी, सुनील करमचांदनी, धर्मांतरण मामले के वादी घनश्याम हेमलानी, भीम सचदेवा, नीरज झा, हेमंत शोभनानी, मोटू भाई, पंडित रतन गौतम,दिलीप सिंह तोमर, रोबिन सिंह तोमर, अरुण पाराशर, डॉन भाई, राकेश चाहर,जैकी साजलानी, मनीष साजनानी, राज साजनानी, अमित कोडलानी, मनीष खेमानी, प्रताप लालवानी, जगदीश मोनानी, किशोर, राजू,आदि लोग उपस्थित रहे।
8 months ago | [YT] | 3
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कोर्ट परिसर में अधिवक्ता को आया हार्ट अटैक, बेटी के सामने ही तोड़ दिया दम, बेटी के मुकदमे में पैरवी के लिए आए थे
Agra. आगरा दीवानी स्थित कोर्ट परिसर में सोमवार को एक वकील के सीने में तेज दर्द उठा और वह वहीं गिर पड़े। वहां मौजूद अधिवक्ताओं ने यह दृश्य देखा तो अफरा तफरी मच गई। साथी अधिवक्ता उन्हें तुरंत पास के अस्प्ताल ले गए लेकिन इलाज के दाैरान उनकी माैत हो गई। इस घटना से सभी अधिवक्ता स्तंभ है।
पूरा मामला दीवानी स्थित फैमिली कोर्ट परिसर का है।
थाना जगदीशपुरा के खतैना निवासी वकील सुरेश बाबू बघेल(65) सोमवार को अपनी बेटी के केस के सिलसिले में फैमिली कोर्ट आगरा न्यायालय में आए थे। दोपहर करीब 12.40 बजे उन्हें सीने में तेज दर्द उठा। वे वहीं गिर पड़े।
वकील को जमीन पर गिरता देख अन्य अधिवक्ताओं में अफरा तफरी मच गई। ड्यूटी पर तैनात यूपीएसएसएफ के जवान वकील को न्यायालय स्थित चिकित्सालय लाए। यहां प्राथमिक उपचार देने का प्रयास किया गया, किंतु वकील को आराम नहीं मिला।
इसके बाद वकील को एंबुलेंस के माध्यम से एसएन हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से मृतक अधिवक्ता के घर में कोहराम मचा हुआ है तो वहीं अधिवक्ता भी इस घटना के बाद स्तंभ रह गए हैं।
मृतक की बेटी ने बताया कि पापा मेरे केस की पैरवी करने आए थे। वह अदालत के बाहर कुर्सी पर बैठे थे। तभी अचानक सीने में तेज दर्द हुआ और नीचे गिर पड़े। अस्पताल ले जाते समय मेरे सामने ही पिता की मौत हो गई। मैं कुछ नहीं कर पाई।
8 months ago | [YT] | 2
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