Sant Asharamji Bapu Satsang

कोई चाहे कितनी भी तपस्या कर ले परंतु ब्रम्हज्ञानी महापुरुष के सत्संग की बराबरी नहीं कर सकता,सत्संग जैसा कल्याणकारी साधन के सिवा दूसरा कुछ भी नहीं ।
अतः अधिक से अधिक सत्संग का नियमित लाभ लेना चाहिए ।


Sant Asharamji Bapu Satsang

🪷सत्य को आंच नहीं, झूठ को पैर नहीं ....

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https://youtu.be/Ty_ywScu57Y

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अब जनता जान चुकी है, क्या है संत श्री आशारामजी बापू के केस की सच्चाई !!

7 months ago | [YT] | 28

Sant Asharamji Bapu Satsang

youtube.com/shorts/ydrVUEr-r6...

📚 बच्चों की शिक्षा सिर्फ आधुनिक विषयों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। संस्कार और जीवन मूल्यों की शिक्षा भी उतनी ही ज़रूरी है।
इस शॉर्ट वीडियो में जानिए क्यों हर माता–पिता को अपने बच्चों को भगवद्गीता और रामायण का अध्ययन करवाना चाहिए। 🙏

👨‍👩‍👧‍👦 प्रिय माता–पिता, अपने बच्चों को जीवन के वास्तविक आदर्शों से जोड़ें और उन्हें एक बेहतर इंसान बनने की दिशा में आगे बढ़ाएं।

🔔 अगर आप इस विचार से सहमत हैं वीडियो को Share जरूर करें।

#BhagavadGita #Ramayan #ParentingTips #IndianCulture #Education #Shorts

9 months ago | [YT] | 12

Sant Asharamji Bapu Satsang

वर्ष के साढ़े तीन मुहूर्त :

१. वर्ष प्रतिपदा ( चैत्र शुक्ल प्रतिपदा या गुडी पडवा )
२. अक्षय तृतीया (वैशाख शुक्ल तृतीया )
३. विजयादशमी (आश्विन शुक्ल दशमी या दशहरा ) ये पुरे तीन मुहुर्त स्वयं सिद्ध हैं
४. कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा (बलि प्रतिपदा ) का आधा
इस प्रकार साढ़े तीन मुहुर्त स्वयं सिद्ध हैं ।

2 years ago | [YT] | 403

Sant Asharamji Bapu Satsang

दशहरा के दिन शाम को जब सूर्यास्त होने का समय और आकाश में तारे उदय होने का समय हो वो सर्व सिद्धिदायी विजय काल कहलाता है | उस समय घूमने-फिरने मत जाना | दशहरा मैदान मत खोजना ... रावण जलाता हो देखकर क्या मिलेगा ? धूल उड़ती होगी, मिटटी उड़ती होगी रावण को जलाया उसका धुआं वातावरण मे होगा .... गंदा वो श्वास में लेना .... धूल, मिटटी श्वास में लेना पागलपन है |

ये दशहरे के दिन शाम को घर पे ही स्नान आदि करके, दिन के कपडे बदल के शाम को धुले हुए कपडे पहनकर ज्योत जलाकर बैठ जाये | थोडा
" राम रामाय नम: । "
मंत्र जपते, विजयादशमी है ना तो रामजी का नाम और फिर मन-ही-मन गुरुदेव को प्रणाम करके गुरुदेव सर्व सिद्धिदायी विजयकाल चल रहा है की हम विजय के लिए ये मंत्र जपते है -
"ॐ अपराजितायै नमः "

ये मंत्र १ - २ माला जप करना और
इस काल में श्री हनुमानजी का सुमिरन करते हुए इस मंत्र की एक माला जप करें :-
"पवन तनय बल पवन समाना, बुद्धि विवेक विज्ञान निधाना ।
कवन सो काज कठिन जग माहि, जो नहीं होत तात तुम पाहि ॥"
पवन तनय समाना की भी १ माला कर ले उस विजय काल में, फिर गुरुमंत्र की माला कर ले । फिर देखो अगले साल की दशहरा तक गृहस्थ में जीनेवाले को बहुत-बहुत अच्छे परिणाम देखने को मिल सकते है |

2 years ago | [YT] | 629