नमस्कार, मैं रमेश शर्मा हूँ — Registered Pharmacist।

M.Pharm (Pharmaceutics), MSc (Computer Science), MA (History), PGDCA एवं CHMS की शैक्षिक पृष्ठभूमि के साथ मैं स्वास्थ्य, शिक्षा, करंट अफेयर्स, जागरूकता और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी उपयोगी जानकारियाँ सरल एवं तथ्यपरक रूप में साझा करता हूँ।

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Ramesh Sharma

गुस्से और झगड़े में गाली देना अश्लीलता नहीं, ऐसा सुप्रीम कोर्ट का कहना है। आपका इस बारे में क्या कहना है?

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3 days ago | [YT] | 0

Ramesh Sharma

Generic Medicine का पूरा सच | क्या महंगी दवा ही अच्छी होती है?

अगर आप मेडिकल स्टोर पर दवा खरीदने जाते हैं, तो अक्सर दो तरह की बातें सुनने को मिलती हैं।

कोई कहता है – "ब्रांडेड दवा लो, वही अच्छी होती है।"

तो कोई कहता है – "जनरिक दवा लो, वही सस्ती होती है।"

यहीं से लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल पैदा होता है कि आखिर ब्रांडेड और जनरिक दवा में क्या फर्क है?

क्या सस्ती दवा कम असर करती है?

क्या महंगी दवा ज्यादा असर करती है?

और अगर दोनों में एक ही दवा है, तो कीमत में इतना अंतर क्यों है?

आइए इसे बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं।

दवा की शुरुआत कहाँ से होती है?

मान लीजिए किसी कंपनी ने कई वर्षों की मेहनत और रिसर्च के बाद एक बिल्कुल नई दवा खोजी।

उस दवा को बनाने में वर्षों का समय, हजारों करोड़ रुपये का खर्च और कई तरह की वैज्ञानिक जांच होती है।

जब यह साबित हो जाता है कि दवा सुरक्षित और असरदार है, तब उस दवा पर कंपनी को Patent मिल सकता है।

Patent क्या होता है?

Patent एक कानूनी अधिकार है।

सामान्यतः नई दवा पर लगभग 20 साल तक पेटेंट रहता है।

इस दौरान उस दवा को केवल वही कंपनी बना और बेच सकती है जिसने उसे खोजा है।

यानी दूसरी कोई कंपनी वही दवा नहीं बना सकती।

Patented Medicine क्या होती है?

जिस दवा पर अभी भी Patent लागू है, उसे Patented Medicine कहते हैं।

यह दवा सामान्यतः कंपनी के अपने Brand Name से ही बिकती है।

जब तक Patent रहता है, तब तक उसका Generic Version सामान्य परिस्थितियों में बाजार में उपलब्ध नहीं होता।

Patent खत्म होने के बाद क्या होता है?

यही सबसे महत्वपूर्ण बात है।

जैसे ही Patent खत्म होता है, उस दवा को बनाने का अधिकार दूसरी कंपनियों को भी मिल जाता है।

अब कोई भी योग्य कंपनी उसी Active Ingredient वाली दवा बना सकती है।

यहीं से शुरू होती है Generic Medicine।

Generic Medicine क्या होती है?

Generic Medicine में वही Active Ingredient होता है, जो Original दवा में था।

उसकी Strength भी वही होती है।

Dosage भी वही होता है।

बीमारी भी वही ठीक करती है।

यानी मुख्य दवा वही रहती है।

फर्क केवल नाम, पैकिंग, रंग या कंपनी का हो सकता है।

भारत में सबसे बड़ा भ्रम

भारत में आम लोग दवाओं को केवल दो भागों में जानते हैं—

पहली – Branded Medicine

दूसरी – Generic Medicine

लेकिन सच्चाई थोड़ी अलग है।

असल में दवा की यात्रा इस प्रकार होती है—

नई दवा → Patent → Patented Medicine

फिर

Patent समाप्त → Generic Medicine

और इसके बाद वही Generic Medicine दो रूपों में बिक सकती है—

1. Branded Generic

2. Pure Generic (Unbranded Generic)

Branded Generic क्या होती है?

जब कोई कंपनी Generic Medicine को अपना Brand Name देकर बेचती है, तो उसे Branded Generic कहते हैं।

उदाहरण—

Generic Name है—

Paracetamol

अब अलग-अलग कंपनियाँ उसी Paracetamol को अलग-अलग Brand Name से बेचती हैं।

जैसे—

Crocin

Dolo

Calpol

Pacimol

इन सभी में मुख्य दवा Paracetamol ही है।

फर्क केवल कंपनी और Brand का है।

Pure Generic क्या होती है?

अगर उसी दवा पर कोई Brand Name न लिखा हो और केवल Generic Name लिखा हो, जैसे—

Paracetamol Tablets IP 500 mg

तो उसे Pure Generic या Unbranded Generic कहा जाता है।

ऐसी दवाएँ अक्सर जन औषधि केंद्रों पर मिलती हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात

याद रखिए...

जब तक दवा पर Patent रहता है, तब तक वह सामान्यतः केवल Brand Name से बिकती है।

लेकिन...

जैसे ही Patent समाप्त होता है, वही दवा Generic बन जाती है।

इसके बाद कंपनियाँ उसे दो तरह से बेच सकती हैं—

Brand Name के साथ

या

बिना Brand Name के।

आम आदमी के लिए सबसे जरूरी बात

भारत में आज रोज़मर्रा में इस्तेमाल होने वाली अधिकांश पुरानी दवाओं का Patent समाप्त हो चुका है।

इसलिए निजी मेडिकल स्टोर पर मिलने वाली अधिकांश Branded दवाएँ वास्तव में Branded Generic होती हैं।

जबकि जन औषधि केंद्रों पर वही दवाएँ Pure Generic के रूप में मिलती हैं।

यानी दोनों में Active Ingredient एक ही होता है।

फर्क मुख्य रूप से Brand Name और कीमत का होता है।

कीमत में इतना अंतर क्यों होता है?

अगर दवा एक ही है, तो एक ₹20 की और दूसरी ₹150 की क्यों?

क्योंकि महंगी दवा में अक्सर ये खर्च जुड़े होते हैं—

Brand बनाने का खर्च।

Marketing।

Medical Representatives।

Advertisement।

Distribution।

Packaging।

इसी वजह से कीमत बढ़ जाती है।

जबकि Pure Generic में ऐसे खर्च बहुत कम होते हैं।

इसलिए वह काफी सस्ती मिलती है।

क्या Generic दवा कम असर करती है?

नहीं।

यदि Generic दवा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार बनाई गई है, तो उसमें वही Active Ingredient होता है और उससे वही चिकित्सीय प्रभाव अपेक्षित होता है।

सिर्फ सस्ती होने का मतलब यह नहीं कि वह कम असर करेगी।

क्या महंगी दवा ज्यादा असर करती है?

जरूरी नहीं।

महंगी दवा का महंगा होना कई बार Brand और Marketing की वजह से होता है।

दवा का असर उसके Active Ingredient और गुणवत्ता पर निर्भर करता है, केवल कीमत पर नहीं।

जन औषधि की दवाएँ क्या अलग होती हैं?

नहीं।

जन औषधि केंद्रों पर मिलने वाली दवाएँ भी वही Active Ingredient रखती हैं।

फर्क इतना है कि उनमें Brand Name नहीं होता।

इसलिए उनकी कीमत कम होती है।

क्या जन औषधि की Quality भी जांची जाती है?

हाँ।

जन औषधि के लिए खरीदी जाने वाली दवाओं की भी गुणवत्ता जांची जाती है।

निर्धारित मानकों को पूरा करने के बाद ही उन्हें जन औषधि केंद्रों पर भेजा जाता है।

इसलिए केवल कम कीमत देखकर यह मान लेना कि दवा खराब होगी, सही नहीं है।

क्या हमेशा Generic ही लेनी चाहिए?

यह बात डॉक्टर की सलाह, बीमारी और दवा की उपलब्धता पर निर्भर करती है।

अगर डॉक्टर ने किसी विशेष Brand की आवश्यकता नहीं बताई है, तो कई मामलों में उसी Active Ingredient वाली कम कीमत की Generic या Branded Generic दवा भी उपयुक्त विकल्प हो सकती है।

लेकिन बिना डॉक्टर या योग्य फार्मासिस्ट की सलाह के अपनी दवा बदलना सही नहीं है।

निष्कर्ष

अब पूरी बात एक मिनट में समझिए।

नई दवा बनती है।

उसे Patent मिलता है।

20 साल तक वह सामान्यतः केवल Original कंपनी के Brand Name से बिकती है।

जैसे ही Patent समाप्त होता है, वही दवा Generic बन जाती है।

इसके बाद वही दवा दो रूपों में बाजार में मिल सकती है—

Brand Name के साथ – Branded Generic

बिना Brand Name के – Pure Generic

भारत में रोज़मर्रा में इस्तेमाल होने वाली अधिकांश पुरानी दवाएँ इसी श्रेणी में आती हैं।

इसलिए केवल महंगा Brand खरीदना हमेशा ज़रूरी नहीं होता।

अगर डॉक्टर ने किसी विशेष Brand की सलाह नहीं दी है, तो कई मामलों में उसी Active Ingredient वाली कम कीमत की Generic या Branded Generic दवा भी एक अच्छा विकल्प हो सकती है।

याद रखिए, दवा की असली ताकत उसके Active Ingredient और गुणवत्ता में होती है, केवल उसके Brand Name या कीमत में नहीं।

#GenericMedicines #medicines #rameshsharma

2 weeks ago | [YT] | 3

Ramesh Sharma

🚗 राजस्थान के वाहन मालिकों के लिए बड़ी खबर!

अब राजस्थान में 15 साल या उससे अधिक पुराने तिपहिया, चौपहिया और लाइट कमर्शियल वाहन (LCV) को इलेक्ट्रिक (EV) में कन्वर्ट कराया जा सकेगा।

क्या है पूरी प्रक्रिया?

✅ सबसे पहले VAHAN पोर्टल पर आवेदन करें।
✅ संबंधित DTO लगभग 15 दिनों में आवेदन की जांच करेगा।
✅ स्वीकृति मिलने के बाद अधिकृत रेट्रोफिटमेंट सेंटर पर ARAI या ICAT से प्रमाणित इलेक्ट्रिक किट लगवानी होगी।
✅ किट लगने के 15 दिनों के भीतर RC अपडेट कराने के लिए फिर से DTO के पास आवेदन करना होगा।
✅ जांच पूरी होने के बाद वाहन की RC में Fuel Type "Electric" दर्ज कर दिया जाएगा।

इस फैसले से पुराने वाहनों को नई जिंदगी मिलेगी, पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम होगी और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलेगा। यदि आपके पास 15 साल या उससे पुराना वाहन है, तो यह जानकारी आपके लिए उपयोगी हो सकती है।

इस महत्वपूर्ण जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए पोस्ट को शेयर जरूर करें।

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2 weeks ago | [YT] | 1

Ramesh Sharma

क्या इस चोर को कोई दूसरा मुखौटा नहीं मिला लगाने को?

#RameshSharma

3 weeks ago | [YT] | 1

Ramesh Sharma

सरकारी टीचर्स को अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढाने की सलाह देने वाले माननीय मंत्री जी के खुद के पोते प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे हैं। देखिए आज के दैनिक भास्कर में यह खबर

#teachers #rameshsharma

3 weeks ago | [YT] | 1

Ramesh Sharma

Rajasthan mein illegal parking ke khilaf bada action! 🚗 Ab road ya ghar ke bahar galat parking karne par challan ke saath FIR bhi ho sakti hai. Janiye naye Parking Policy ke bade rules aur iska asar car owners par.

#Rajasthan #ParkingRule #TrafficUpdate #CarOwners #rameshsharma

4 weeks ago | [YT] | 0

Ramesh Sharma

बिना Prescription नहीं मिलेगा Cough Syrup, क्या ये सही है?

1 month ago | [YT] | 0

Ramesh Sharma

Ghoonghat in Rajasthan

#rajasthan #ghoonghat #rameshsharma

1 month ago | [YT] | 2

Ramesh Sharma

आपके आसपास की हरियाली आपको सूखने से नहीं बचा सकती क्योंकि सभी का अपना स्वार्थ होता है।
जब संकट आपके अस्तित्व पर होता है तो आपके आसपास मौजूद पौधे भी आपका साथ छोड़ देते हैं।

#quote #rameshsharma

1 month ago | [YT] | 3

Ramesh Sharma

खुशियाँ सुविधा और पैसों की मोहताज नहीं होती। जहाँ पर भी मौका मिले, खुल कर जी लो।
#khushi #happiness #rameshsharma

1 month ago | [YT] | 1