Junyali Uttarakhand

उत्तराखंड कु सबकुछ मीललु, राजनीति छोड़िकि...


Junyali Uttarakhand

गर्मियां बढ़ते ही सड़क किनारे काफल की कंडियां दिखाई देने लगी हैं. छोटी-छोटी लड़कियां सुबह-सुबह जंगल जाती हैं और कंडी भर काफल तोड़कर लाती हैं. फिर आते जाते मुसाफिरों को परोसती हैं. 20-30 रुपए की एक कुप्पी (कागज की बनी). कहीं-कहीं 50 की भी हैं, वो अपेक्षाकृत बड़े पैकेट हैं. काफल मुंह में रखते ही मजा आ जाता है. इनका खट्टा मीठा स्वाद सैलानियों को ताजगी और सुकून का अहसास करवाता है.

कहीं कहीं हिंसर और किनगोड़ा भी पकने लगे हैं. ये भी पहाड़ी जंगली फल हैं. जो गर्मियों से लेकर बरसात तक उपलब्ध रहते हैं. तो आइये हमारे पहाड़ काफल और हिंसर-किनगोड़े खाने.

#kafal

2 weeks ago | [YT] | 49

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कल जोरदार बारिश और बेतहाशा ठंड के बाद आज 1 मई को केदारनाथ में शानदार धूप खिली है. आप सबको बुद्ध पूर्णिमा की ढेरों शुभकामनाएं...
#kedarnath
#BuddhPurnima

1 month ago | [YT] | 17

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केदारनाथ से आज सुबह की ताजा तस्वीरें. ये तस्वीरें पंडित राकेश बंदूनी ने भेजी हैं. केदारनाथ के कपाट खुले अभी मात्र 5 दिन बीते हैं मगर लगभग 2 लाख से अधिक लोग दर्शन कर चुके हैं. प्रतिदिन 15 से 20 हजार अनुमानित श्रृद्धालु दर्शन कर रहे हैं. जय बाबा केदार, हर हर महादेव...
#kedarnath
#babakedar

1 month ago | [YT] | 51

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यूं तो उत्तराखंड के अलावा बैसाखी का पर्व कई और प्रदेशों में भी मनाया जाता है. मगर पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में इसका विशेष महत्व है. प्रकृति ने उत्तराखंड को अमूल्य धरोहर पहाड़ और नदियों से संवारा है. इसीलिए यहां प्रकृति पर्व बैसाखी का महत्व और भी बढ़ जाता है. जहां एक ओर गढ़वाल में बैसाखी मेले, कुमाऊं में बिखोती मेले आयोजित होते हैं तो वहीं संस्कृति समृद्ध जौनसार में इसे बिस्सू मेले के रूप में मनाया जाता है.



आज बैसाखी के दिन कई जगहों पर कौथिग (मेले) आयोजित होते हैं. मगर इसका असली उद्देश्य कृषि से जुड़ा हुआ है. आज से ही रबी की फसलों में प्रमुख गेहूं, सरसों, चना और मसूर की कुछ बालियों को मंदिर में चढ़ाया जाता है. इसे लोक देवताओं के भोग के रूप में प्रस्तुत किया जाता है. यानी पहले देवता को चढ़ाया जाता है और फिर स्वयं ग्रहण करते हैं. देवता से पहले अनाज का स्वयं के लिए उपयोग वर्जित है.


आज के दिन लगने वाले इन मेलों में स्याल्दे अल्मोड़ा का बिखोती मेला, डांडा नागरजा के मंदिर में बिखोती मेला, एकेश्वर महादेव का कौथिग और जौनसार बावर में बिस्सू का मेला प्रमुख हैं. साथ कई गांवों के ​धार और थॉळ में छोटे-छोटे मेले आयोजित होते हैं.


आपको और हमारे जुन्याळी उत्तराखंड के सभी सब्सक्राइबर्स / व्यूवर्स को भी बैसाखी 2026 की ढेरों शुभकामनाएं. आप स्वस्थ रहें, कुशल रहें और प्रफुल्लित रहें.
#baishakhi2026

1 month ago | [YT] | 10

Junyali Uttarakhand

AI ChatGPT ने दिए बसंत के खूबसूरत रंग. हमारा उत्तराखंड है ही बहुत खूबसूरत...

2 months ago (edited) | [YT] | 11

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एआइ ने दिखाया दादी नाती का प्यार...
#balasejadi #बाला_से_जादी #NarendraSinghNegiSong

3 months ago | [YT] | 27

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इन्हीं तस्वीरों को देखकर नरेंद्र सिंह नेगी जी ने लिखा होगा:
मेरा डांडी कान्ठ्यूं का मुलुक जैल्यु बसंत ऋतु मा जैई,
बसंत ऋतु मा जैई...


हैरा बणु मा बुरांशी का फूल जब बणांग लगाणा होला,
भीटा पाखौं थैं फ्योंळी का फूल पिंगल़ा रंग मा रंगाणा होला,
लय्या पय्यां ग्वीर्याळ फुलू न होली धरती सजीं देखि ऐई. बसंत ऋतु मा जैई...

धन्य हो हमरी जलमभूमि...

3 months ago | [YT] | 11

Junyali Uttarakhand

ये दरांती ज्योति अधिकारी नहीं अंकिता के हाथ में होनी चाहिए थी...
#ankitabhandari
#jyotiadhikari

4 months ago | [YT] | 48

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अंकिता भंडारी के न्याय की लड़ाई में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें.
#ankitabhandarimurdercase
#JusticeForAnkita

5 months ago | [YT] | 20

Junyali Uttarakhand

गांव के फल-सब्जियां
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उत्तराखंड के जैविक फल और सब्जियों की बात ही कुछ और है. पहचानिए आपको इस खजाने में क्या-क्या सब्जियां और फल दिखाई दे रहे हैं?

5 months ago | [YT] | 8