This channel is about Astrology, Palmistry, Vaastu, Mantra Vigyan and Dharma. Videos are about tutorials on Astrology as well as predictions on social events, both current and future. I do provide personal horoscope readings too. website is www.piousastro.com
Hi, my name is Jay. I am web developer by profession. I am also a MBA and yoga and naturopathy healer and story writer. i have published 4 book yet on amazon by Indus.network .
I started Astrology when i was 14 yares old. I have learnt and practiced Palmistry, Nadi Astrology and Yoga, astrology, ज्योतिष, astrology signs, vedic astrology, ज्योतिष संकेत, vastu, वास्तु, plamestory, हस्तरेखा, गोचर, transit, aaj ka rashifal, ratn vigyan, mantra, mantro ke labh,
Pious Astro
*ॐश्री गणेशाय नमःॐ विष्णवे नमः🙏🏻*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 28 मई 2026*
🌤️ *दिन - गुरूवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - अधिक ज्येष्ठ*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - द्वादशी सुबह 07:56 तक तत्पश्चात त्रयोदशी*
🌤️ *नक्षत्र - चित्रा सुबह 08:08 तक तत्पश्चात स्वाती*
🌤️ *योग - वरीयान 29 मई रात्रि 03:25 तक तत्पश्चात परिघ*
🌤️*राहुकाल - दोपहर 02:16 से शाम 03:56 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 05:58*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:13*
👉 *दिशाशूल - दक्षिण दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- प्रदोष व्रत*
💥 *विशेष - द्वादशी को पूतिका (पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🚩
🌷 *नेत्रज्योति की रक्षा हेतु* 🌷
🙏🏻 *भोजन करने के बाद आँखों पर पानी छिडकें तो ठीक हैं, नहीं तो अपनी गीली हथेलियाँ आँखों पर रखें तो भी नेत्र के रोग मिटते हैं |*
👏🏻 *दोनों हथेलियाँ रगडकर ‘ॐ ॐ ॐ मेरी आरोग्यशक्ति जगे, नेत्रज्योति जगे .... ‘ ऐसा करके आँखों पर रखने से भी आँखों की ज्योति बरकरार रहती है और आँखों के रोग मिटते हैं |*
🚩
🌷 *गुरुवार का व्रत* 🌷
🙏🏻 *गुरुवार के दिन बेसन , मिश्री ऐसा थोड़ा सा मीठा बना दें ..गुरूजी को भोग लगाया.. और थोड़ा खा लिया.. प्रसादके रूप में और पीले वस्त्र अगर हो तो उस दिन पहन सकें तो अच्छा है या पीलेवस्त्र ओढ़ कर सुबह जप करें...शाम को जप करें उस दिन और आम के पेड़ में थोड़ा जल चढ़ा दें | परिक्रमा कर दें | गुरु मंत्र जपे | तो इससे बहुत लाभ होता है*
📚 *विद्या प्राप्तिमें सहायता*
😇 *बुद्धि की वृद्धि*
💵 *धन की स्थिरता*
👰🏻 *और जो बेटे-बेटी को शादीमें अड़चन आती है... अविवाहित है वो भीये गुरुवार का व्रत करें..वो तो मीठा ही खाये उस दिन नमक-मिर्च ना लें और गुरुदेव का जप खूबकरें, गुरुदेव का ध्यान करें |*
7 hours ago | [YT] | 15
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Pious Astro
*श्री गणेशाय नमःबोलो जय जय सीतारामजय श्री राधे-राधे श्याम आपकी मनोकामना पूर्ण करेंगे,*
*दिनाँक:-27/05/2026,बुधवार*
एकादशी, शुक्ल पक्ष,
अधिक ज्येष्ठ
""""""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल)
तिथि-------- एकादशी 06:21:08. तक
पक्ष------------------------- शुक्ल
नक्षत्र------------- हस्त 05:55:46
योग--------- व्यतिपत 27:24:03
करण------- विष्टि भद्र 06:21:08
करण-------------- बव 19:06:05
वार------------------------ बुधवार
माह----------------- अधिक ज्येष्ठ
चन्द्र राशि----- कन्या 18:59:01
चन्द्र राशि------------------ तुला
सूर्य राशि------------------ वृषभ
रितु-------------------------- ग्रीष्म
आयन------------------- उत्तरायण
संवत्सर------------------- पराभव
संवत्सर (उत्तर)------------------ रौद्र
विक्रम संवत--------------- 2083
गुजराती संवत------------- 2082
शक संवत----------------- 1948
कलि संवत---------------- 5127
वृन्दावन
सूर्योदय--------------- 05:26:38
सूर्यास्त--------------- 19:06:22
दिन काल------------- 13:39:43
रात्री काल------------- 10:19:58
चंद्रोदय--------------- 15:43:06
चंद्रास्त---------------- 27:05:21
लग्न---- वृषभ 11°31' , 41°31'
सूर्य नक्षत्र----------------- रोहिणी
चन्द्र नक्षत्र------------------- हस्त
नक्षत्र पाया------------------ रजत
*🚩🚩 पद, चरण 🚩🚩*
ठ---- हस्त 05:55:46
पे---- चित्रा 12:26:42
पो---- चित्रा 18:59:01
रा---- चित्रा 25:32:38
*🚩 ग्रह गोचर 🚩*
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
सूर्य= वृषभ 11°12 , रोहिणी 1 ओ
चन्द्र= कन्या 23°30 , हस्त 4 ठ
बुध = वृषभ 25°52 ' मृगशिरा 1 वे
शु क्र= मिथुन 15°05, आर्द्रा 3 ङ
मंगल= मेष 11°23 अश्वनी 4 ला
गुरु= मिथुन 28°33 पुनर्वसु, 3 हा
शनि=मीन 17°30 ' रेवती , 1 दे
राहू=(व) कुम्भ 10°17 शतभिषा, 2 सा
केतु= (व) सिंह 10°17 मघा 4 मे
*🚩🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩🚩*
राहू काल 15:41 - 17:23 अशुभ
यम घंटा 08:52 - 10:34 अशुभ
गुली काल 12:16 - 13:59 अशुभ
अभिजित 11:49 - 12:44 शुभ
दूर मुहूर्त 08:11 - 09:05 अशुभ
दूर मुहूर्त 23:14 - 24:09* अशुभ
वर्ज्यम 13:07 - 14:50 अशुभ
प्रदोष 19:06 - 21:11 शुभ
चोघडिया, दिन
रोग 05:27 - 07:09 अशुभ
उद्वेग 07:09 - 08:52 अशुभ
चर 08:52 10:34 शुभ
लाभ 10:34 12:16 शुभ
अमृत 12:16 - 13:59 शुभ
काल 13:59 15:41 अशुभ
शुभ 15:41 - 17:23 शुभ
रोग 17:23 - 19:06 अशुभ
🚩चोघडिया, रात
काल 19:06 - 20:23 अशुभ
लाभ 20:23 21:41 शुभ
उद्वेग 21:41 - 22:59 अशुभ
शुभ 22:59 - 24:16* शुभ
अमृत 24:16* - 25:34* शुभ
चर 25:34*- 26:51* शुभ
रोग 26:51* - 28:09* अशुभ
काल 28:09*29:27* अशुभ
होरा, दिन
मंगल 05:27- 06:35
सूर्य 06:35- 07:43
शुक्र 07:43 -08:52
बुध 08:52- 09:59
चन्द्र 09:59 -11:08
शनि 11:08 -12:16
बृहस्पति 12:16- 13:25
मंगल 13:25- 14:33
सूर्य 14:33 -15:41
शुक्र 15:41- 16:49
बुध 16:49- 17:58
चन्द्र 17:58 -19:06
🚩होरा, रात
शनि 19:06- 19:58
बृहस्पति 19:58- 20:49
मंगल 20:49 -21:41
सूर्य 21:41- 22:33
शुक्र 22:33- 23:25
बुध 23:25- 24:16
चन्द्र 24:16-25:08
शनि 25:08-25:59
बृहस्पति 25:59-26:51
मंगल 26:51-27:43
सूर्य 27:43-28:35
शुक्र 28:35-29:27
*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*
वृषभ > 04:42 से 06:42 तक
मिथुन > 06:42 से 08:56 तक
कर्क > 08:56 से 11:16 तक
सिंह > 11:16 से 13:32 तक
कन्या > 13:32 से 15:46 तक
तुला > 15:46 से 18:04 तक
वृश्चिक > 18:04 से 20:24 तक
धनु > 20:24 से 22:28 तक
मकर > 22:28 से 00:14 तक
कुम्भ > 00:14 से 01:46 तक
मीन > 01:46 से 03:14 तक
मेष > 03:14 से 04:44 तक
*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*
(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट
*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
*दिशा शूल ज्ञान------------- उत्तर*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*
*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*
11 + 4 + 1 = 16 ÷ 4 = 0 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l
*🚩 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 🚩*
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
शनि ग्रह मुखहुति
*
* शिव वास एवं फल -:*
11 + 11 + 5 = 27 ÷ 7 = 6 शेष
क्रीड़ायां = शोक, दुःख कारक
*🚩भद्रा वास एवं फल -:*
*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*
*🚩 विशेष जानकारी 🚩*
*कमला एकादशी व्रत (सर्वेषां)
*सर्वार्थ सिद्धि योग 06:56 तक
*🚩 शुभ विचार 🚩*
दर्शनाध्यानसंस्पर्शैर्मत्सी कूर्मी च पक्षिणी ।
शिशुपालयते नित्यं तथा सज्जनसड्गतिः ।।
।।चाoनीo।।
जैसे मछली दृष्टी से, कछुआ ध्यान देकर और पंछी स्पर्श करके अपने बच्चो को पालते है, वैसे ही संतजन पुरुषों की संगती मनुष्य का पालन पोषण करती है.
*🚩🚩 सुभाषितानि 🚩🚩*
गीता -: ज्ञान-विज्ञान योग अo-7
स तया श्रद्धया युक्तस्तस्याराधनमीहते।
लभते च ततः कामान्मयैव विहितान्हि तान्॥
वह पुरुष उस श्रद्धा से युक्त होकर उस देवता का पूजन करता है और उस देवता से मेरे द्वारा ही विधान किए हुए उन इच्छित भोगों को निःसंदेह प्राप्त करता है
॥22॥
1 day ago | [YT] | 25
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Pious Astro
*ॐश्री गणेशाय नमः जय जय राम भक्त हनुमान*
🚩🚩🚩🚩
*अथ पंचांगम्*
*दिनांक :𝀈*
*_26/05/2026, मंगलवार_*
एकादशी, शुक्ल पक्ष,
अधिक ज्येष्ठ
(समाप्ति काल)
तिथि---------एकादशी अहोरात्र तक
पक्ष---------------------------शुक्ल
नक्षत्र--------------हस्त 29:55:46
योग---------------सिद्वि 27:09:24
करण------------वणिज 17:42:16
वार------------------------मंगलवार
माह अधिक-------------------ज्येष्ठ
चन्द्र राशि---------------------कन्या
सूर्य राशि----------------------वृषभ
रितु---------------------------ग्रीष्म
आयन--------------------उत्तरायण
संवत्सर---------------------पराभव
संवत्सर (उत्तर------------------रौद्र
विक्रम संवत-----------------2083
गुजराती संवत---------------2082
शक संवत-------------------1948
कलि संवत------------------5127
वृन्दावन
सूर्योदय-----------------05:26:57
सूर्यास्त--------------- 19:05:50
दिन काल------------- 13:38:52
रात्री काल------------- 10:20:48
चंद्रोदय--------------- 14:48:25
चंद्रास्त---------------- 26:35:02
लग्न ---- वृषभ 10°33' , 40°33'
सूर्य नक्षत्र----------------- रोहिणी
चन्द्र नक्षत्र--------------------हस्त
नक्षत्र पाया------------------ रजत
*दिशा शूल ज्ञान-----------उत्तर*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*
*🚩शुभा$शुभ मुहूर्त🚩*
राहू काल 15:41 - 17:23 अशुभ
यम घंटा 08:52 - 10:34 अशुभ
गुली काल 12:16 - 13:59 अशुभ
अभिजित 11:49 - 12:44 शुभ
दूर मुहूर्त 08:11 - 09:05 अशुभ
दूर मुहूर्त 23:14 - 24:09* अशुभ
वर्ज्यम 13:07 - 14:50 अशुभ
प्रदोष 19:06 - 21:11. शुभ
*🚩पद, चरण 🚩*
पू---- हस्त 10:32:15
ष---- हस्त 16:58:26
ण---- हस्त 23:26:18
*🚩 ग्रह गोचर 🚩*
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
🚩
सूर्य= वृषभ 10°12 , रोहिणी 1 ओ
चन्द्र= कन्या 10°30 , हस्त 1 पू
बुध = वृषभ 23°52 ' मृगशिरा 1 वे
शु क्र= मिथुन 13°05, आर्द्रा 3 ङ
मंगल= मेष 11°23 अश्वनी 4 ला
गुरु= मिथुन 28°33 पुनर्वसु, 3 हा
शनि=मीन 17°30 ' रेवती , 1 दे
राहू=(व) कुम्भ 10°20 शतभिषा, 2 सा
केतु= (व) सिंह 10°20 मघा 4 मे
चोघडिया, दिन
रोग 05:27 - 07:09 अशुभ
उद्वेग 07:09 - 08:52 अशुभ
चर 08:52 10:34 शुभ
लाभ 10:34 12:16 शुभ
अमृत 12:16 - 13:59 शुभ
काल 13:59 15:41 अशुभ
शुभ 15:41 - 17:23 शुभ
रोग 17:23 - 19:06 अशुभ
🚩चोघडिया, रात
काल 19:06 - 20:23 अशुभ
लाभ 20:23 21:41 शुभ
उद्वेग 21:41 - 22:59 अशुभ
शुभ 22:59 - 24:16* शुभ
अमृत 24:16* - 25:34* शुभ
चर 25:34*- 26:51* शुभ
रोग 26:51* - 28:09* अशुभ
काल 28:09*29:27* अशुभ
*नोट :-* दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
*चर-*
* चर में वाहन, मशीन आदि कार्य करें।
*उद्वेग-*
* उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें।
*शुभ-*
* शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें
*लाभ-*
* लाभ में व्यापार करें
*रोग-*
* रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें।
*काल-*
* में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है।
*अमृत-*
* में सभी शुभ कार्य करें।
होरा, दिन
मंगल 05:27 -06:35
सूर्य 06:35 -07:43
शुक्र 07:43 -08:52
बुध 08:52 -09:59
चन्द्र 09:59 -11:08
शनि 11:08 -12:16
बृहस्पति 12:16 -13:25
मंगल 13:25 -14:33
सूर्य 14:33 -15:41
शुक्र 15:41 -16:49
बुध 16:49 -17:58
चन्द्र 17:58- 19:06
🚩होरा, रात
शनि 19:06- 19:58
बृहस्पति 19:58- 20:49
मंगल 20:49- 21:41
सूर्य 21:41 -22:33
शुक्र 22:33 -23:25
बुध 23:25 -24:16
चन्द्र 24:16-25:08
शनि 25:08-25:59
बृहस्पति 25:59- 26:51
मंगल 26:51 -27:43
सूर्य 27:43 -28:35
शुक्र 28:35-29:27
*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*
वृषभ > 04:46 से 06:46 तक
मिथुन > 06:46 से 09:00 तक
कर्क > 09:00 से 11:20 तक
सिंह > 11:20 से 13:36 तक
कन्या > 13:36 से 15:50 तक
तुला > 15:50 से 18:08 तक
वृश्चिक > 18:08 से 20:28 तक
धनु > 20:28 से 22:32 तक
मकर > 22:32 से 00:18 तक
कुम्भ > 00:18 से 01:50 तक
मीन > 01:50 से 03:18 तक
मेष > 03:18 से 04:48 तक
*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*
(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट
*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*
11 + 3 + 1 = 15 ÷ 4 = 3 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l
*🚩ग्रह मुख आहुति ज्ञान🚩*
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
शनि ग्रह मुखहुति
* शिव वास एवं फल -:*
11 + 11 + 5 = 27 ÷ 7 = 6 शेष
क्रीड़ायां = शोक, दुःख कारक
*🚩भद्रा वास एवं फल -:*
*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*
सांय 17:45 से प्रारम्भ
पाताल लोक = धनलाभ कारक
*🚩 विशेष जानकारी 🚩*
*सिद्धि योग 27:04 तक
*🚩 शुभ विचार 🚩*
साधुभ्यस्ते निवर्तन्ते पुत्रामित्राणि बान्धवाः ।
ये च तैः सह गन्तारस्तध्दर्मात्सुकृतं कुलम् ।।
,।।चाoनीo।।
पुत्र , मित्र, सगे सम्बन्धी साधुओं को देखकर दूर भागते है, लेकिन जो लोग साधुओं का अनुशरण करते है उनमे भक्ति जागृत होती है और उनके उस पुण्य से उनका सारा कुल धन्य हो जाता है
*🚩 सुभाषितानि 🚩*
गीता -: ज्ञान-विज्ञान योग अo-7
स तया श्रद्धया युक्तस्तस्याराधनमीहते।
लभते च ततः कामान्मयैव विहितान्हि तान्॥
वह पुरुष उस श्रद्धा से युक्त होकर उस देवता का पूजन करता है और उस देवता से मेरे द्वारा ही विधान किए हुए उन इच्छित भोगों को निःसंदेह प्राप्त करता है
2 days ago | [YT] | 27
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*ॐश्री गणेशाय नमः ॐभास्कर आए नमः सुप्रभात*
जय हिंदू राष्ट्र
🚩🚩🚩🚩
*🕉️ वैदिक पञ्चाङ्ग एवम् राशिफल 🕉️*
*🌻 रविवार, २४ मई २०२६🌻*
*सूर्योदय: 🌅 ०५:४२*
*सूर्यास्त: 🌄 १९:०५*
*चन्द्रोदय: 🌝 १३:०७*
*चन्द्रास्त: 🌜 २५:४४+*
*अयन 🌖 उत्तरायण*
*ऋतु: ☀️ग्रीष्म*
*शक सम्वत: 👉 १९४८ (पराभव)*
*विक्रम सम्वत: 👉 २०८३ (रौद्र)*
*युगाब्द (कलि संवत) 👉 ५१२७*
*मास 👉 ज्येष्ठ (अधिक)*
*पक्ष 👉 शुक्ल*
*तिथि 👉 नवमी (२८:३०+ से दशमी)*
*नक्षत्र 👉 पूर्वफाल्गुनी (२६:५१+ से उत्तराफाल्गुनी)*
*योग 👉 हर्षण (२७:४५+ से वज्र)*
*प्रथम करण 👉 बालव (१६:२३ तक)*
*द्वितीय करण 👉 कौलव (२८:३०+ तक*
*॥ गोचर ग्रहा: ॥*
*🌖🌗🌖🌗*
*सूर्य 🌟 वृषभ*
*चंद्र 🌟 सिंह*
*मंगल 🌟 मेष (उदित, पूर्व, मार्गी)*
*बुध 🌟 वृषभ (उदित, पूर्व , मार्गी)*
*गुरु 🌟 मिथुन (उदित, पूर्व, मार्गी)*
*शुक्र 🌟 मिथुन (उदित, पूर्व, मार्गी)*
*शनि 🌟 मीन (उदित, पूर्व, मार्गी)*
*राहु 🌟 कुम्भ*
*केतु 🌟 सिंह*
🚩
*शुभाशुभ मुहूर्त विचार*
*अभिजित मुहूर्त 👉 ११:५७ से १२:५१*
*अमृत काल 👉 २०:१६ से २१:५४*
*सर्वार्थ सिद्धि योग 👉 २६:५१+ से २९:४२+*
*रवि योग 👉 अहोरात्र*
*विजय मुहूर्त 👉 १४:३८ से १५:३१*
*गोधूलि मुहूर्त 👉 १९:०४ से १९:२५*
*सायाह्न सन्ध्या 👉 १९:०५ से २०:०९*
*निशिता मुहूर्त 👉 २४:०२+ से २४:४५+*
*ब्रह्म मुहूर्त 👉 २८:१७+ से २९:००+*
*राहुकाल 👉 १७:२५ से १९:०५*
*गुलिक काल 👉 १५:४५ से १७:२५*
*यमगण्ड 👉 १२:२४ से १४:०४*
*दुर्मुहूर्त 👉 १७:१८ से १८:१२*
*वर्ज्य 👉 १०:२३ से १२:०२*
*आडल योग 👉 ०५:४२ से २६:५१+*
*विडाल योग 👉 २६:५१+ से २९:४२+*
*होमाहुति 👉 शुक्र (२६:५१+ से शनि)*
*दिशा शूल 👉 पश्चिम*
*नक्षत्र शूल 👉 उत्तर (२६:५१+ से पूर्ण रात्रि)*
*राहु काल वास 👉 उत्तर*
*अग्निवास पृथ्वी*
*चन्द्रवास
*चौघड़िया विचार*
*॥ दिन का चौघड़िया ॥*
*१ - उद्वेग २ - चर*
*३ - लाभ ४ - अमृत*
*५ - काल ६ - शुभ*
*७ - रोग ८ - उद्वेग*
*॥ रात्रि का चौघड़िया॥*
*१ - शुभ २ - अमृत*
*३ - चर ४ - रोग*
*५ - काल ६ - लाभ*
*७ - उद्वेग ८ - शुभ*
*नोट👉 दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।*
🚩
*शुभ यात्रा दिशा*
🚩
*(पूर्व) पान या गुड़ का सेवन करके यात्रा करें*
🚩
*तिथि विशेष*
🚩
*अधिक ज्येष्ठ शुक्ल नवमी, पुरुषोत्तम मास का ९वां दिवस आदि*
🚩
*आज जन्मे शिशुओं का नामकरण*
🚩
*आज २६:५१+ तक जन्मे शिशुओं के नाम पूर्वफाल्गुनी नक्षत्र के अनुसार क्रमशः (मो, टा, टी) नामाक्षर से रखना शास्त्र सम्मत है॥*
🚩
*उदय लग्न मुहूर्त*
*वृषभ - ०५:१४ से ०७:१२*
*मिथुन - ०७:१२ से ०९:२५*
*कर्क - ०९:२५ से ११:४१*
*सिंह - ११:४१ से १३:५३*
*कन्या - १३:५३ से १६:०४*
*तुला - १६:०४ से १८:१९*
*वृश्चिक - १८:१९ से २०:३५*
*धनु - २०:३५ से २२:४०*
*मकर - २२:४० से २४:२६+*
*कुम्भ - २४:२६+ से २५:५९+*
*मीन - २५:५९+ से २७:३०+*
*मेष - २७:३०+ से २९:१०+*
🚩
*पञ्चक रहित मुहूर्त*
*शुभ मुहूर्त - ०५:४२ से ०७:१२*
*चोर पञ्चक - ०७:१२ से ०९:२५*
*शुभ मुहूर्त - ०९:२५ से ११:४१*
*रोग पञ्चक - ११:४१ से १३:५३*
*शुभ मुहूर्त - १३:५३ से १६:०४*
*मृत्यु पञ्चक - १६:०४ से १८:१९*
*अग्नि पञ्चक - १८:१९ से २०:३५*
*शुभ मुहूर्त - २०:३५ से २२:४०*
*रज पञ्चक - २२:४० से २४:२६+*
*शुभ मुहूर्त - २४:२६+ से २५:५९+*
*चोर पञ्चक - २५:५९+ से २६:५१+*
*शुभ मुहूर्त - २६:५१+ से २७:३०+*
*शुभ मुहूर्त - २७:३०+ से २८:३०+*
*चोर पञ्चक - २८:३०+ से २९:१०+*
*शुभ मुहूर्त - २९:१०+ से २९:४२+*
*आज का सुविचार*
🚩
*पेट में गया हुआ विष केवल एक मनुष्य को मारता है,परंतु कान में गया हुआ विष कई संबंधों को मार देता है॥*
🚩
🚩🚩🚩🚩
4 days ago | [YT] | 21
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Pious Astro
*श्री गणेशाय नमः जय जय लक्ष्मी मां*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 22 मई 2026*
🌤️ *दिन - शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - अधिक ज्येष्ठ*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - षष्ठी सुबह 06:24 तक तत्पश्चात सप्तमी*
🌤️ *नक्षत्र - अश्लेशा 23 मई रात्रि 02:08 तक तत्पश्चात मघा*
🌤️ *योग - वृद्धि सुबह 08:19 तक तत्पश्चात ध्रुव*
🌤️*राहुकाल - सुबह 10:56 से दोपहर 12:35 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 05:59*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:11*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- सप्तमी क्षय तिथि*
💥 *विशेष - षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *श्रीमद्भागवत पुराण* 🌷
🙏🏻 *श्रीमद्भागवत पुराण हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथों में से एक है। इस ग्रंथ की रचना आज से लगभग 5000 साल पहले कर दी गई थी। आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि कलयुग में क्या-क्या घटित होगा इसकी भविष्यवाणी भागवत पुराण में पहले ही दे दी गई थी। जानिए श्रीमद्भागवत पुराण में की गई कलियुग से जुड़ी 10 भविष्यवाणियां..*
1⃣ *ततश्चानुदिनं धर्मः सत्यं शौचं क्षमा दया ।*
*कालेन बलिना राजन् नङ्क्ष्यत्यायुर्बलं स्मृतिः ॥*
💥 *अर्थ - कलयुग में धर्म, स्वच्छता, सत्यवादिता, स्मृति, शारीरक शक्ति, दया भाव और जीवन की अवधि दिन-दिन घटती जाएगी.*
2⃣ *वित्तमेव कलौ नॄणां जन्माचारगुणोदयः ।*
*धर्मन्याय व्यवस्थायां कारणं बलमेव हि ॥*
💥 *अर्थ - कलयुग में वही व्यक्ति गुणी माना जायेगा जिसके पास ज्यादा धन है. न्याय और कानून सिर्फ एक शक्ति के आधार पे होगा !*
3⃣ *दाम्पत्येऽभिरुचि र्हेतुः मायैव व्यावहारिके ।*
*स्त्रीत्वे पुंस्त्वे च हि रतिः विप्रत्वे सूत्रमेव हि ॥*
💥 *अर्थ - कलयुग में स्त्री-पुरुष बिना विवाह के केवल रूचि के अनुसार ही रहेंगे.*
*व्यापार की सफलता के लिए मनुष्य छल करेगा और ब्राह्मण सिर्फ नाम के होंगे.*
4⃣ *लिङ्गं एवाश्रमख्यातौ अन्योन्यापत्ति कारणम् ।*
*अवृत्त्या न्यायदौर्बल्यं पाण्डित्ये चापलं वचः ॥*
💥 *अर्थ - घूस देने वाले व्यक्ति ही न्याय पा सकेंगे और जो धन नहीं खर्च करेगा उसे न्याय के लिए दर-दर की ठोकरे खानी होंगी. स्वार्थी और चालाक लोगों को कलयुग में विद्वान माना जायेगा.*
5⃣ *क्षुत्तृड्भ्यां व्याधिभिश्चैव संतप्स्यन्ते च चिन्तया ।*
*त्रिंशद्विंशति वर्षाणि परमायुः कलौ नृणाम.।।*
💥 *अर्थ - कलयुग में लोग कई तरह की चिंताओं में घिरे रहेंगे. लोगों को कई तरह की चिंताए सताएंगी और बाद में मनुष्य की उम्र घटकर सिर्फ 20-30 साल की रह जाएगी.*
6⃣ *दूरे वार्ययनं तीर्थं लावण्यं केशधारणम् ।*
*उदरंभरता स्वार्थः सत्यत्वे धार्ष्ट्यमेव हि॥*
💥 *अर्थ - लोग दूर के नदी- तालाबों और पहाड़ों को तीर्थ स्थान की तरह जायेंगे लेकिन अपनी ही माता पिता का अनादर करेंगे. सर पे बड़े बाल रखना खूबसूरती मानी जाएगी और लोग पेट भरने के लिए हर तरह के बुरे काम करेंगे.*
7⃣ *अनावृष्ट्या विनङ्क्ष्यन्ति दुर्भिक्षकरपीडिताः ।* *शीतवातातपप्रावृड् हिमैरन्योन्यतः प्रजाः ॥*
💥 *अर्थ - कलयुग में बारिश नहीं पड़ेगी और हर जगह सूखा होगा.मौसम बहुत विचित्र अंदाज़ ले लेगा. कभी तो भीषण सर्दी होगी तो कभी असहनीय गर्मी. कभी आंधी तो कभी बाढ़ आएगी और इन्ही परिस्तिथियों से लोग परेशान रहेंगे.*
8⃣ *अनाढ्यतैव असाधुत्वे साधुत्वे दंभ एव तु ।*
*स्वीकार एव चोद्वाहे स्नानमेव प्रसाधनम् ॥*
💥 *अर्थ - कलयुग में जिस व्यक्ति के पास धन नहीं होगा उसे लोग अपवित्र, बेकार और अधर्मी मानेंगे. विवाह के नाम पे सिर्फ समझौता होगा और लोग स्नान को ही शरीर का शुद्धिकरण समझेंगे.*
9⃣ *दाक्ष्यं कुटुंबभरणं यशोऽर्थे धर्मसेवनम् ।*
*एवं प्रजाभिर्दुष्टाभिः आकीर्णे क्षितिमण्डले ॥*
💥 *अर्थ - लोग सिर्फ दूसरो के सामने अच्छा दिखने के लिए धर्म- कर्म के काम करेंगे. कलयुग में दिखावा बहुत होगा और पृथ्वी पे भृष्ट लोग भारी मात्रा में होंगे. लोग सत्ता या शक्ति हासिल करने के लिए किसी को मारने से भी पीछे नहीं हटेंगे.*
1⃣0⃣ *आच्छिन्नदारद्रविणा यास्यन्ति गिरिकाननम् ।*
*शाकमूलामिषक्षौद्र फलपुष्पाष्टिभोजनाः ॥*
💥 *अर्थ - पृथ्वी के लोग अत्यधिक कर और सूखे के वजह से घर छोड़ पहाड़ों पे रहने के लिए मजबूर हो जायेंगे. कलयुग में ऐसा वक़्त आएगा जब लोग पत्ते, मांस, फूल और जंगली शहद जैसी चीज़ें खाने को मजबूर होंगे.*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
*_22/05/2026, शुक्रवार_*
षष्ठी, शुक्ल पक्ष,
अधिक ज्येष्ठ
(समाप्ति काल)
तिथि-----------षष्ठी 06:23:53 तक
तिथि------सप्तमी 29:03:45 (क्षय)
पक्ष---------------------------शुक्ल
नक्षत्र----------आश्लेषा 26:07:08
योग----------------वृद्वि 08:17:51
करण-------------तैतुल 06:23:53
करण----------------गर 17:38:27
करण------------वणिज 29:03:45
वार-------------------------शुक्रवार
माह-------------------अधिक ज्येष्ठ
चन्द्र राशि----------कर्क 26:07:08
चन्द्र राशि----------------------सिंह
सूर्य राशि----------------------वृषभ
रितु---------------------------ग्रीष्म
आयन--------------------उत्तरायण
संवत्सर---------------------पराभव
संवत्सर (उत्तर------------------रौद्र
विक्रम संवत-----------------2083
गुजराती संवत---------------2082
शक संवत-------------------1948
कलि संवत------------------5127
वृन्दावन
सूर्योदय-----------------05:28:25
सूर्यास्त--------------- 19:03:39
दिन काल------------- 13:35:13
रात्री काल------------- 10:24:22
चंद्रोदय--------------- 10:55:31
चंद्रास्त---------------- 24:33:01
लग्न---- वृषभ 6°43' , 36°43'
सूर्य नक्षत्र---------------- कृत्तिका
चन्द्र नक्षत्र--------------- आश्लेषा
नक्षत्र पाया------------------ रजत
*दिशा शूल ज्ञान----------पश्चिम*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*
*🚩शुभा$शुभ मुहूर्त🚩*
राहू काल 10:34 - 12:16 अशुभ
यम घंटा 15:40 - 17:22 अशुभ
गुली काल 07:10 - 08:52 अशुभ
अभिजित 11:49 - 12:43 शुभ
दूर मुहूर्त 08:11 - 09:06 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:43 - 13:38 अशुभ
वर्ज्यम 15:09 - 16:43 अशुभ
प्रदोष 19:04 - 21:10 शुभ
🚩गंड मूल अहोरात्र अशुभ
*🚩 पद, चरण 🚩*
डी---- आश्लेषा 08:34:08
डू---- आश्लेषा 14:22:28
डे----आश्लेषा 20:13:28
डो---- आश्लेषा 26:07:08
*🚩 ग्रह गोचर 🚩*
ग्रह =राशी, अंश, नक्षत्र, पद
=======================
सूर्य= वृषभ 06°12 , कृतिका 4 ए
चन्द्र= कर्क 18°30 , आश्लेषा 1 डी
बुध = वृषभ 1,5°52 ' रोहिणी 2 वा
शु क्र= मिथुन 09°05, आर्द्रा 1 कु
मंगल= मेष 08°23 अश्वनी 3 चो
गुरु= मिथुन 28°33 पुनर्वसु, 3 हा
शनि=मीन 17°30 ' रेवती , 1 दे
राहू=(व) कुम्भ 10°33 शतभिषा, 2 सा
केतु= (व) सिंह 10°33 मघा 4 मे
=======================
चोघडिया, दिन
चर 05:28 - 07:10 शुभ
लाभ 07:10 - 08:52 शुभ
अमृत 08:52 - 10:34 शुभ
काल 10:34 12:16 अशुभ
शुभ 12:16 - 13:58 शुभ
रोग 13:58 - 15:40 अशुभ
उद्वेग 15:40 - 17:22 अशुभ
चर 17:22 19:04 शुभ
🚩चोघडिया, रात
रोग 19:04 - 20:22 अशुभ
काल 20:22 21:40 अशुभ
लाभ 21:40 - 22:58 शुभ
उद्वेग 22:58 - 24:16* अशुभ
शुभ 24:16* - 25:34* शुभ
अमृत 25:34* - 26:52* शुभ
चर 26:52* - 28:10* शुभ
रोग 28:10* - 29:28* अशुभ
*नोट :-* दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
*चर-*
* चर में वाहन, मशीन आदि कार्य करें।
*उद्वेग-*
* उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें।
*शुभ-*
* शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें
*लाभ-*
* लाभ में व्यापार करें
*रोग-*
* रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें।
*काल-*
* में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है।
*अमृत-*
* में सभी शुभ कार्य करें।
होरा, दिन
शुक्र 05:28- 06:36
बुध 06:36 -07:44
चन्द्र 07:44- 08:52
शनि 08:52- 10:00
बृहस्पति 10:00 -11:08
मंगल 11:08 -12:16
सूर्य 12:16 -13:24
शुक्र 13:24- 14:32
बुध 14:32 -15:40
चन्द्र 15:40- 16:48
शनि 16:48 -17:56
बृहस्पति 17:56 -19:04
🚩होरा, रात
मंगल 19:04 -19:56
सूर्य 19:56 -20:48
शुक्र 20:48- 21:40
बुध 21:40- 22:32
चन्द्र 22:32- 23:24
शनि 23:24- 24:16
बृहस्पति 24:16-25:08
मंगल 25:08-25:59
सूर्य 25:59- 26:52
शुक्र 26:52-27:44
बुध 27:44-28:36
चन्द्र 28:36 -29:28
*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*
वृषभ > 05:02 से 07:02 तक
मिथुन > 07:02 से 09:16 तक
कर्क > 09:16 से 11:36 तक
सिंह > 11:36 से 13:52 तक
कन्या > 13:52 से 16:06 तक
तुला > 16:06 से 18:24 तक
वृश्चिक > 18:24 से 20:44 तक
धनु > 20:44 से 22:48 तक
मकर > 22:48 से 00:34 तक
कुम्भ > 00:34 से 02:04 तक
मीन > 02:04 से 03:30 तक
मेष > 03:30 से 05:04 तक
*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*
(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट
*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*
6 + 6 + 1 = 13 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l
*🚩ग्रह मुख आहुति ज्ञान🚩*
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
शुक्र ग्रह मुखहुति
*शिव वास एवं फल -:*
6 + 6 + 5 = 17 ÷ 7 = 3 शेष
वृषाभारूढ = शुभ कारक
*🚩भद्रा वास एवं फल -:*
*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*
रात्रि 29:03 से प्रारम्भ
मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनि
*🚩 विशेष जानकारी 🚩*
*सप्तमीक्षय
*राजा राममोहनराय जयंती
*🚩 शुभ विचार 🚩*
नास्ति मेघसमं तोयं नास्ति चात्मसमं बलम् ।
नास्तिचक्षुः समं तेजो नास्ति धान्यसमं प्रियम् ।।
।।चाoनीo।।
सत्य की शक्ति ही इस दुनिया को धारण करती है. सत्य की शक्ति से ही सूर्य प्रकाशमान है, हवाए चलती है, सही में सब कुछ सत्य पर आश्रित है.
*🚩 सुभाषितानि 🚩*
गीता -: ज्ञान-विज्ञान योग अo-7
उदाराः सर्व एवैते ज्ञानी त्वात्मैव मे मतम्।
आस्थितः स हि युक्तात्मा मामेवानुत्तमां गतिम्॥
ये सभी उदार हैं, परन्तु ज्ञानी तो साक्षात् मेरा स्वरूप ही है- ऐसा मेरा मत है क्योंकि वह मद्गत मन-बुद्धिवाला ज्ञानी भक्त अति उत्तम गतिस्वरूप मुझमें ही अच्छी प्रकार स्थित है
।।18।।
6 days ago | [YT] | 27
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Pious Astro
*ॐश्री गणेश नमः ॐनमो भगवते देवाय*🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 21 मई 2026*
🌤️ *दिन - गुरूवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - अधिक ज्येष्ठ*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - पंचमी सुबह 08:26 तक तत्पश्चात षष्ठी*
🌤️ *नक्षत्र - पुष्य 22 मई रात्रि 02:49 तक तत्पश्चात अश्लेशा*
🌤️ *योग - गण्ड सुबह 10:58 तक तत्पश्चात वृद्धि*
🌤️*राहुकाल - दोपहर 02:15 से शाम 03:54 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 05:59*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:10*
👉 *दिशाशूल - दक्षिण दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- गुरुपुष्यामृत योग (सूर्योदय से मध्यरात्रि 02:49 तक)*
💥 *विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *बाल काले व मजबूत बनाने के लिए* 🌷
👩🏻 *नींबू रस और आँवला रस मिलाकर सिर पर लगा दो अथवा तो केवल आँवले का रस लगा दो। 15 - 20 मिनट बाद नहाओ तो आँवले का रस सिर की गर्मी खींच लेगा। बाल जल्दी सफेद नहीं होंगे और बालों की जड़ें कमजोर नहीं होंगी, बाल बने रहेंगे। यदि आँवले का रस नहीं मिले तो आँवले के चूर्ण को रात को पानी में भिगो दो और सुबह उसी का उपयोग कर लो।*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌷 *वास्तु शास्त्र* 🌷
🏡 *बिना स्नान किये किचन में प्रवेश करने से किचन में नेगेटिव एनर्जी आती है और घर के सदस्यों में चिड़चिड़ापन और आलस्य बढ़ता हैं।*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌷 *धन, आरोग्य एवं शांति की प्राप्ति के लिए* 🌷
💐 *जो व्यक्ति चतुर्मास में अथवा अधिक (पुरुषोत्तम) मास में भगवान् विष्णु पर कनेर के पुष्प अर्पित करता है, उस पर लक्ष्मीजी की सदैव कृपा बनी रहती है | उसे आरोग्य एवं शांति की प्राप्ति होती है तथा उसके संकट दूर होते है |*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
*🚩🔱❄«ॐ»«ॐ»«ॐ»❄🔱🚩*
*🌞🛕🛕जय रामजी की🛕🛕🌞*
🌺 *जय श्री राधेकृष्णा*🌺
🔔 *बम महाँकाल बाबा*🔔
🏹 *जय माँ जगदम्ब भवानी*🏹
*🐀🐘जय श्री गणेश🐘🐀*
※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※
*दिनांक:-* 21-मई-2026
*वार:-* गुरुवार
*तिथी :-* पंचमी:- 08:04 तक (तदोपरांत षष्ठी)
*पक्ष:-* शुक्लपक्ष
*माह:-* अधिक ज्येष्ठ मास (पुरुषोत्तम मास)
*नक्षत्र:-* पुष्य:- 23:43 तक (तदोपरांत अश्लेषा)
*योग:-* गण्ड:- 07:15 तक (तदोपरांत वृद्धि)
*करण:-* बालव:- 08:04 तक (तदोपरांत कौलव, फिर तैतिल)
*चन्द्रमा:-* कर्क राशि में (अहोरात्र)
*सुर्योदय:-* 05:38
*सुर्यास्त:-* 19:15
*दिशा शूल.....* दक्षिण
*निवारण उपाय:-* दही या जीरा खाकर यात्रा करें
*ऋतु :-* ग्रीष्म ऋतु
*गुलीक काल:-* 09:02 से 10:41
*राहू काल:-* 13:59 से 15:38
*अभीजित मुहूर्त:-* 11:51 से 12:45
*विक्रम सम्वंत ......* 2083
*शक सम्वंत .......* 1948
*युगाब्द .............* 5127
*सम्वंत सर नाम:-* रौद्र
🌞 *चोघङिया दिन* 🌞
शुभ:- 05:38 से 07:18 तक
रोग:- 07:18 से 08:57 तक
उद्वेग:- 08:57 से 10:36 तक
चर:- 10:36 से 12:15 तक
लाभ:- 12:15 से 13:55 तक
अमृत:- 13:55 से 15:34 तक
काल:- 15:34 से 17:13 तक
शुभ:- 17:13 से 18:53 तक
🌓 *चोघङिया रात* 🌗
अमृत:- 18:53 से 20:14 तक
चर:- 20:14 से 21:35 तक
रोग:- 21:35 से 22:56 तक
काल:- 22:56 से 00:17 तक
लाभ:- 00:17 से 01:38 तक
उद्वेग:- 01:38 से 02:59 तक
शुभ:- 02:59 से 04:19 तक
अमृत:- 04:19 से 05:38 तक
🙏 *आज के विशेष योग* 🙏
वर्ष का 64वां दिन, अधिक ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष षष्ठी, गुरु-पुष्य योग (अत्यंत शुभ नक्षत्र), राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस, विश्व सांस्कृतिक विविधता दिवस।
🙏🪷 *टिप्स* 🪷🙏
गुरुवार के दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा करने, केले के वृक्ष में जल अर्पित करने और पीले वस्त्र या चने की दाल का दान करने से भाग्य का उदय होता है, सुख-समृद्धि बढ़ती है और शिक्षा व करियर में अपार सफलता मिलती है।
*सुविचार*
सच्चा साहस और धैर्य विपरीत परिस्थितियों में ही परखे जाते हैं। जो व्यक्ति कठिन समय में भी शांत रहकर सही मार्ग पर चलता है, सफलता अंततः उसी के कदम चूमती है। 👍
💊💉 *आरोग्य उपाय*🌱🌿
लू और तेज गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए कच्चे आम का पन्ना या बेल का शरबत पिएं। यह शरीर के तापमान को संतुलित रखता है, लू से बचाता है और तुरंत नई ऊर्जा प्रदान करता है।
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*ॐश्री गणेशाय नमः ॐश्री सूर्य देवाय नमः*🚩🚩🙏🚩🚩
*सनातन पंचांग*
🚩
🌤️ *दिनांक - 17 मई 2026*
🌤️ *दिन - रविवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - अधिक ज्येष्ठ*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - प्रतिपदा रात्रि 09:40 तक तत्पश्चात द्वितीया*
🌤️ *नक्षत्र - कृत्तिका दोपहर 02:32 तक तत्पश्चात रोहिणी*
🌤️ *योग - शोभन सुबह 06:15 तक तत्पश्चात अतिगण्ड*
🌤️*राहुकाल - शाम 05:32 से शाम 07:10 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:01*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:09*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩
*व्रत पर्व विवरण- अधिक ज्येष्ठ मास प्रारंभ,चंद्र-दर्शन (रात्रि 07:02 से रात्रि 07:50 तक)*
🚩
*विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
🚩
*अमिट पुण्य अर्जित करने का अवसर-पुरुषोत्तम मास*
*17 मई से 15 जून तक पुरुषोत्तम/अधिक मास*
*अधिक मास में सूर्य की सक्रांति (सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश) न होने से इसे ‘मल मास’ (मलिन मास) कहा गया है। स्वामीरहित होने से यह मास देव-पितर आदि की पूजा तथा मंगल कर्मों के लिए त्याज्य माना गया। इससे लोग इसकी घोर निंदा करने लगे।*
*मल मास ने भगवान को प्रार्थना की, भगवान बोले- “मल मास नहीं, अब से इसका नाम पुरुषोत्तम मास होगा। इस महीने जो जप, सत्संग, ध्यान, पुण्य आदि करेंगे, उन्हें विशेष फायदा होगा। अंतर्यामी आत्मा के लिए जो भी कर्म करेंगे, तेरे मास में वह विशेष फलदायी हो जायेगा। तब से मल मास का नाम पड़ गया ‘पुरुषोत्तम मास’।”*
🚩
*विशेष लाभकारी*
*अधिक मास में आँवला और तिल के उबटन से स्नान पुण्यदायी है और स्वास्थ्य प्रसन्नता में बढ़ोतरी करने वाला है अथवा तो आँवला, जौ तिल का मिश्रण बनाकर रखो और स्नान करते समय थोड़ा मिश्रण बाल्टी में डाल दिया। इससे भी स्वास्थ्य और प्रसन्नता पाने में मदद मिलती है। इस मास में आँवले के पेड़ के नीचे बैठकर भोजन करना अधिक प्रसन्नता और स्वास्थ्य देता है।*
*आँवले व पीपल के पेड़ को स्पर्श करने से स्नान करने का पुण्य होता है, सात्त्विकता और प्रसन्नता की बढ़ोतरी होती है। इन्हें स्नान करने के बाद स्पर्श करने से दुगुना पुण्य होता है। पीपल और आँवला सात्विकता के धनी हैं।*
*इस मास में धरती पर (बिस्तर बिछाकर) शयन व पलाश की पत्तल पर भोजन करे और ब्रह्मचर्य व्रत पाले तो पापनाशिनी ऊर्जा बढ़ती है और व्यक्तित्व में निखार आता है। इस पुरुषोत्तम मास को कई वरदान प्राप्त हैं और शुभ कर्म करने हेतु इसकी महिमा अपरम्पार है।*
🚩
*अधिक मास में वर्जित*
*पुरुषोत्तम मास व चतुर्मास में नीच कर्मों का त्याग करना चाहिए। वैसे तो सदा के लिए करना चाहिए लेकिन आरम्भ वाला भक्त इन्हीं महीनों में त्याग करे तो उसका नीच कर्मों के त्याग का सामर्थ्य बढ़ जायेगा। इस मास में शादी-विवाह अथवा सकाम कर्म एवं सकाम व्रत वर्जित हैं। जैसे कुएँ, बावली, तालाब और बाग़ आदि का आरम्भ तथा प्रतिष्ठा, नवविवाहिता वधू का प्रवेश, देवताओं का स्थापन (देव-प्रतिष्ठा), यज्ञोपवीत संस्कार, नामकरण, मकान बनाना, नये वस्त्र एवं अलंकार पहनना आदि। इस मास में किये गये निष्काम कर्म कई गुना विशेष फल देते हैं।*
✅ *अधिक मास में करने योग्य* ✅
➡️ *जप, कीर्तन, स्मरण, ध्यान, दान, स्नान आदि तथा पुत्रजन्म के कृत्य, पितृस्मरण के श्राद्ध आदि एवं गर्भाधान, पुंसवन जैसे संस्कार किये जा सकते हैं।*
🚩
*देवी भागवत के अनुसार यदि आदि की सामर्थ्य न हो तो संतों-महापुरुषों की सेवा (उनके दैवी कार्य में सहभागी होना) सर्वोत्तम है। इससे तीर्थ, तप आदि के समान फल प्राप्त होता है। इस माह में दीपकों का दान करने से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। दुःख-शोकों का नाश होता है। वंशदीप बढ़ता है, ऊँचा सान्निध्य मिलता है, आयु बढ़ती है। इस मास में गीता के 15वें अध्याय का अर्थसहित प्रेमपूर्वक पाठ करना चाहिए। भक्तिपूर्वक सदगुरु से अध्यात्म विद्या का श्रवण करने से ब्रह्महत्याजनित पाप नष्ट हो जाते हैं तथा दिन प्रतिदिन अश्वमेध यज्ञ का फल प्राप्त होता है। निष्काम भाव से यदि श्रवण किया जाय तो जीव मुक्त हो जाता है।*
🚩
*व्रत विधि*
*भगवान श्रीकृष्ण इस मास की व्रत विधि एवं महिमा बताते हुए कहते हैं- “इस मास में मेरे उद्देश्य से जो स्नान (ब्राह्ममुहूर्त में उठकर भगवत्स्मरण करते हुए किया गया स्नान), दान, जप, होम, गुरु-पूजन, स्वाध्याय, पितृतर्पण, देवार्चन तथा और जो भी शुभ कर्म किये जाते हैं, वे सब अक्षय हो जाते हैं। जो प्रमाद से इस मास को खाली बिता देते हैं, उनका जीवन मनुष्यलोक में दारिद्र्य पुत्रशोक तथा पाप के कीचड़ से निंदित हो जाता है, इसमें संदेह नहीं।*
*शंख की ध्वनि के साथ कपूर से आरती करें। ये न हों तो रूई की बाती से ही आरती कर लें। इससे अनंत फल की प्राप्ति होती है। चंदन, अक्षत और पुष्पों के साथ ताँबे के पात्र में पानी रखकर भक्ति से प्रातःपूजन के पहले या बाद में अर्घ्य दें।*
*पुरुषोत्तम मास का व्रत दारिद्र्य, पुत्रशोक और वैधव्य का नाशक है। इसके व्रत से ब्रह्महत्या आदि सब पाप नष्ट हो जाते हैं।*
*विधिवत सेवते यस्तु पुरुषोत्तममादरात्।*
*कुलं स्वकीयमुद्धृत्य मामेवैष्यत्यसंशयम्।।*
*पुरुषोत्तम मास के आगमन पर जो व्यक्ति श्रद्धा-भक्ति के साथ व्रत, उपवास, पूजा आदि शुभ कर्म करता है, वह निःसंदेह अपने समस्त परिवार के साथ मेरे लोक में पहुँचकर मेरा सान्निध्य प्राप्त कर लेता है।*
*स्रोतः ऋषि प्रसाद, मई 2015, पृष्ठ संख्या 20,21 अंक 269*
🚩
*महर्षि पाराशर पंचांग अथ पंचांगम्*
*🚩💮 सुभाषितानि 💮🚩*
गीता -: ज्ञान-विज्ञान योग अo-7
दैवी ह्येषा गुणमयी मम माया दुरत्यया।
मामेव ये प्रपद्यन्ते मायामेतां तरन्ति ते॥
क्योंकि यह अलौकिक अर्थात अति अद्भुत त्रिगुणमयी मेरी माया बड़ी दुस्तर है, परन्तु जो पुरुष केवल मुझको ही निरंतर भजते हैं, वे इस माया को उल्लंघन कर जाते हैं अर्थात् संसार से तर जाते हैं
॥14॥
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*ॐश्री गणेशाय नमःॐ शं शनैश्चराय नमःनमः*
🌤️ *दिनांक - 16 मई 2026*
🌤️ *दिन - शनिवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - ज्येष्ठ (गुजरात- महाराष्ट्र वैशाख)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - अमावस्या 17 मई रात्रि 01:30 तक तत्पश्चात प्रतिपदा*
🌤️ *नक्षत्र - भरणी शाम 05:30 तक तत्पश्चात कृत्तिका*
🌤️ *योग - सौभाग्य सुबह 10:26 तक तत्पश्चात शोभन*
🌤️*राहुकाल - सुबह 09:18 से सुबह 10:56 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:01*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:08*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- दर्श अमावस्या, ज्येष्ठ अमावस्या, भावुका अमावस्या,वटसावित्री व्रत (अमावस्या),श्री शनैश्चर जयंती*
💥 *विशेष - अमावस्या व व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
🚩*सनातन पंचांग*
🌷 *अमावस्या विशेष* 🌷
👉🏻 *स्कन्दपुराण के प्रभास खंड के अनुसार*
*"अमावास्यां नरो यस्तु परान्नमुपभुञ्जते ।। तस्य मासकृतं पुण्क्मन्नदातुः प्रजायते"*
🍲 *जो व्यक्ति अमावस्या को दूसरे का अन्न खाता है उसका महिने भर का पुण्य उस अन्न के स्वामी/दाता को मिल जाता है।*
🚩
सनातन पंचांग*
🌷 *समृद्धि बढ़ाने के लिए* 🌷
🌙 *कर्जा हो गया है तो अमावस्या के दूसरे दिन से पूनम तक रोज रात को चन्द्रमा को अर्घ्य दे, समृद्धि बढेगी ।*
🙏🏻 *दीक्षा मे जो मन्त्र मिला है उसका खूब श्रध्दा से जप करना शुरू करें , जो भी समस्या है हल हो जायेगी ।*
🚩 *सनातन पंचांग*
🌷 *अमावस्या* 🌷
🙏🏻 *अमावस्या के दिन जो वृक्ष, लता आदि को काटता है अथवा उनका एक पत्ता भी तोड़ता है, उसे ब्रह्महत्या का पाप लगता है (विष्णु पुराण)*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *अधिकमास (पुरषोत्तम मास) में दीप दान* 🌷
🙏🏻 *पुरषोत्तम मास (17 मई से 15 जून 2026) में पूरा दीप दान करना | मंदिर में दीप जलाके रख दिया, पीपल के नीचे रख दिया, तुलसी को रख दिया | दीप दान की बड़ी महिमा है , पुरषोत्तम मास मे दीप दान से हर आफत शराफत से छूट जायेंगी |*
🚩
🌷 *बरकत बढ़ाने (अधिक मास विशेष)*
➡ *अधिक मास :- 17 मई से 15 जून 2026 तक*
🙏🏻 *पुरुषोत्तम मास पूरा दोपहर को खाना खाने से पहले भगवत गीता का १५ वां अध्याय पढ़के फिर ही भोजन करना | घर में से बरकत कभी जायेगी ही नहीं | कोई ऐसा है जो भगवत गीता का १५ वां अध्याय पूरा नहीं भी पढ़ सकता तो १५ वें अध्याय का एक श्लोक ही पढ लें | पर १५ वां अध्याय उतना बड़ा नहीं है, चाहें तो पूरा पढ़ सकते हैं |*
🙏🏻 *पुरुषोत्तम मास में अनुष्ठान भी किया जाता है ...जप ज्यादा किया जाता है | अधिक मास में जप की अधिक महिमा है | जिसको अनुष्ठान करना हो वे भाई- बहनें पुरुषोत्तम मास का फायदा जरुर उठायें | अनुष्ठान ना कर सकें .......नौकरी धंधे में से समय नहीं मिलता तो जप ज्यादा कर दें | रात को सोने से पहले जप कर लें |*
🚩 *सनातन पंचांग*
🌷 *गंगा स्नान का मंत्र* 🌷
🙏🏻 *गंगा स्नान के लिए रोज हरिद्वार तो जा नही सकते, घर में ही गंगा स्नान का पुन्य मिलने के लिए एक छोटा सा मन्त्र है ..*
🌷 *ॐ ह्रीं गंगायै ॐ ह्रीं स्वाहा*
🙏🏻 *ये मन्त्र बोलते हुए स्नान करें तो गंगा स्नान का लाभ होता है |*
🚩 *सनातन पंचांग*
*दिनांक :𝀈*
*_16/05/2026, शनिवार_*
अमावस्या, कृष्ण पक्ष,
ज्येष्ठ*
(समाप्ति काल)
तिथि-----अमावस्या 25:30:03 तक
पक्ष---------------------------कृष्ण
नक्षत्र------------भरणी 17:29:29
योग------------सौभाग्य 10:24:46
करण-----------चतुष्पद 15:22:10
करण--------------नाग 25:30:03
वार-------------------------शनिवार
माह---------------------------ज्येष्ठ
चन्द्र राशि-----------मेष 22:45:46
चन्द्र राशि---------------------वृषभ
सूर्य राशि----------------------वृषभ
रितु---------------------------ग्रीष्म
आयन--------------------उत्तरायण
संवत्सर---‐-----------------पराभव
संवत्सर (उत्तर------------------रौद्र
विक्रम संवत-----------------2083
गुजराती संवत---------------2082
शक संवत-------------------1948
कलि संवत-5127*
*⧱ राशिफल एवं पंञ्चाङ्ग ๛*
whatsapp.com/channel/0029VaBjvnQ9xVJkNanaef1U
*◂▸◂▸◂▸◂▸◂▸◂▸◂▸◂▸◂▸◂▸◂▸◂▸◂▸◂▸◂▸◂▸◂▸◂▸*
वृन्दावन
सूर्योदय-----------------05:31:16
सूर्यास्त---------------- 19:00:14
दिन काल------------- 13:28:58
रात्री काल------------- 10:30:30
चंद्रोदय--------------- 05:50:29
चंद्रास्त---------------- 18:44:39
लग्न ---- वृषभ 0°56' , 30°56'
सूर्य नक्षत्र----------------- कृत्तिका
चन्द्र नक्षत्र------------------ भरणी
नक्षत्र पाया------------------- स्वर्ण
🚩
*दिशा शूल ज्ञान-------------पूर्व*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो लौंग अथवा कालीमिर्च खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*
🚩शुभा$शुभ मुहूर्तो
राहू काल 08:54 - 10:35 अशुभ
यम घंटा 13:57 - 15:38 अशुभ
गुली काल 05:31 - 07:12 अशुभ
अभिजित 11:49 - 12:43 शुभ
दूर मुहूर्त 07:19 - 08:13 अशुभ
वर्ज्यम 28:01* - 29:25* अशुभ
प्रदोष 19:00 - 21:08. शुभ
🚩
*पद, चरण*
लू---- भरणी 06:54:09
ले---- भरणी 12:12:20
लो---- भरणी 17:29:29
अ---- कृत्तिका 22:45:46
ई---- कृत्तिका 28:01:22
🚩
ग्रह =राशी, अंश, नक्षत्र, पद
=======================
सूर्य= वृषभ 00°12 , कृतिका 2 ई
चन्द्र= मेष 19°30 , भरणी 2 लू
बुध = वृषभ 02°52 ' कृतिका 2 ई
शु क्र= मिथुन 02°05, मृगशिरा 3 का
मंगल= मेष 03°23 अश्वनी 2 चे
गुरु= मिथुन 27°33 पुनर्वसु, 3 हा
शनि=मीन 16°34 ' उoभा o , 4 ञ
राहू=(व) कुम्भ 10°52 शतभिषा, 2 सा
केतु= (व) सिंह 10°52 मघा 4 मे
🚩
चोघडिया, दिन
काल 05:31 07:12 अशुभ
शुभ 07:12 - 08:54 शुभ
रोग 08:54 - 10:35 अशुभ
उद्वेग 10:35 - 12:16 अशुभ
चर 12:16 13:57 शुभ
लाभ 13:57 - 15:38 शुभ
अमृत 15:38 - 17:19 शुभ
काल 17:19 19:00 अशुभ
🚩
चोघडिया, रात
लाभ 19:00 - 20:19 शुभ
उद्वेग 20:19 - 21:38 अशुभ
शुभ 21:38 - 22:57 शुभ
अमृत 22:57 - 24:15* शुभ
चर 24:15* - 25:34* शुभ
रोग 25:34* - 26:53* अशुभ
काल 26:53* - 28:12* अशुभ
लाभ 28:12* - 29:31* शुभ
*नोट :-* दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
*चर-*
* चर में वाहन, मशीन आदि कार्य करें।
*उद्वेग-*
* उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें।
*शुभ-*
* शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें
*लाभ-*
* लाभ में व्यापार करें
*रोग-*
* रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें।
*काल-*
* में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है।
*अमृत-*
* में सभी शुभ कार्य करें।
🚩
होरा, दिन
शनि 05:31 -06:39
बृहस्पति 06:39- 07:46
मंगल 07:46 -08:54
सूर्य 08:54 -10:01
शुक्र 10:01 11:08
बुध 11:08 -12:16
चन्द्र 12:16 -13:23
शनि 13:23-14:31
बृहस्पति 14:31 -15:38
मंगल 15:38 -16:45
सूर्य 16:45 -17:53
शुक्र 17:53 -19:00
🚩
होरा, रात
बुध 19:00- 19:53
चन्द्र 19:53 -20:45
शनि 20:45- 21:38
बृहस्पति 21:38- 22:30
मंगल 22:30- 23:23
सूर्य 23:23 -24:15
शुक्र 24:15-25:08
बुध 25:08-26:01
चन्द्र 26:01- 26:53
शनि 26:53-27:46
बृहस्पति 27:46-28:38
मंगल 28:38-29:31
🚩
*उदयलग्न प्रवेशकाल*
वृषभ > 05:46 से 06:46 तक
मिथुन > 06:46 से 11:10 तक
कर्क > 11:10 से 12:20 तक
सिंह > 12:20 से 15:26 तक
कन्या > 15:26 से 16:46 तक
तुला > 16:46 से 19:04 तक
वृश्चिक > 19:04 से 21:14 तक
धनु > 21:14 से 23:08 तक
मकर > 23:08 से 01:04 तक
कुम्भ > 01:04 से 02:34 तक
मीन > 02:34 से 04:04 तक
मेष > 04:00 से 05:46 तक
🚩
*विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*
(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट
🚩
*अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*
15 + 15 + 7 + 1 = 38 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l
🚩
ग्रह मुख आहुति ज्ञान*
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
केतु ग्रह मुखहुति
🚩
*शिव वास एवं फल -:*
30 + 30 + 5 = 65 ÷ 7 = 2 शेष
गौरी सन्निधौ = शुभ कारक
🚩
भद्रा वास एवं फल -:*
*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*
🚩
विशेष जानकारी
*देवपितृ कार्य अमावस्या
*शनिश्चरी अमावस्या
*शनि जयन्ती
*वट सावित्री व्रत
🚩
शुभ विचार
दारिद्र्यनाशनं दान शीलं दुर्गतिनाशनम् ।
अज्ञाननाशिनी प्रज्ञा भावना भयनाशिनी ।।
।।चाoनीo।।
व्यक्ति अकेले ही पैदा होता है. अकेले ही मरता है. अपने कर्मो के शुभ अशुभ परिणाम अकेले ही भोगता है. अकेले ही नरक में जाता है या सदगति प्राप्त करता है.
🚩 सुभाषितानि
गीता -: ज्ञान-विज्ञान योग अo-7
त्रिभिर्गुणमयैर्भावैरेभिः सर्वमिदं जगत्।
मोहितं नाभिजानाति मामेभ्यः परमव्ययम्॥
गुणों के कार्य रूप सात्त्विक, राजस और तामस- इन तीनों प्रकार के भावों से यह सारा संसार- प्राणिसमुदाय मोहित हो रहा है, इसीलिए इन तीनों गुणों से परे मुझ अविनाशी को नहीं जानता
॥13॥
🚩
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🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺
*********|| जय श्री राधे ||*********
🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺
🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏
*********ll जय श्री राधे ll*********
🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺
*दिनाँक:-15/05/2026,शुक्रवार*
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष,
ज्येष्ठ
"""""""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल)
तिथि-------- त्रयोदशी 08:30:46 तक
तिथि--- चतुर्दशी 29:10:35(क्षय )
पक्ष-------------------------- कृष्ण
नक्षत्र--------- अश्विनी 20:13:54
योग-------- आयुष्मान 14:20:19
करण---------- वणिज 08:30:46
करण------- विष्टि भद्र 18:53:54
करण---------- शकुनी 29:10:35
वार----------------------- शुक्रवार
माह------------------------- ज्येष्ठ
चन्द्र राशि------------------- मेष
सूर्य राशि------- मेष 06:20:50
सूर्य राशि----------------- वृषभ
रितु-------------------------- ग्रीष्म
आयन------------------- उत्तरायण
संवत्सर-------------------- पराभव
संवत्सर (उत्तर)------------------- रौद्र
विक्रम संवत---------------- 2083
गुजराती संवत-------------- 2082
शक संवत------------------ 1948
कलि संवत----------------- 5127
वृन्दावन
सूर्योदय--------------- 05:31:48
सूर्यास्त---------------- 18:59:39
दिन काल------------- 13:27:51
रात्री काल--------------10:31:36
चंद्रास्त---------------- 17:32:41
चंद्रोदय--------------- 28:35:49
लग्न---- मेष 29°58' , 29°58'
सूर्य नक्षत्र----------------- कृत्तिका
चन्द्र नक्षत्र----------------- अश्विनी
नक्षत्र पाया------------------ स्वर्ण
*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*
चे---- अश्विनी 09:27:19
चो---- अश्विनी 14:51:29
ला---- अश्विनी 20:13:54
ली---- भरणी 25:34:43
*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= मेष 29°12 , कृतिका 1 अ
चन्द्र= मीन 04°30 , अश्विनी 2 चे
बुध = वृषभ 00°52 ' कृतिका 2 ई
शु क्र= मिथुन 00°05, मृगशिरा 3 का
मंगल= मेष 02°23 अश्वनी 1 चु
गुरु= मिथुन 26°33 पुनर्वसु, 2 को
शनि=मीन 16°13 ' उoभा o , 4 ञ
राहू=(व) कुम्भ 10°55 शतभिषा, 2 सा
केतु= (व) सिंह 10°55 मघा 4 मे
============================
*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*
राहू काल 10:35 - 12:16 अशुभ
यम घंटा 15:38 - 17:19 अशुभ
गुली काल 07:13 - 08:54 अशुभ
अभिजित 11:49 - 12:43 शुभ
दूर मुहूर्त 08:13 - 09:07 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:43 - 13:37 अशुभ
वर्ज्यम 16:39 - 18:05 अशुभ
प्रदोष 18:59 - 21:07. शुभ
💮चोघडिया, दिन
चर 05:32 - 07:13 शुभ
लाभ 07:13 - 08:54 शुभ
अमृत 08:54 - 10:35 शुभ
काल 10:35 12:16 अशुभ
शुभ 12:16 - 13:57 शुभ
रोग 13:57 - 15:38 अशुभ
उद्वेग 15:38 - 17:19 अशुभ
चर 17:19 18:59 शुभ
🚩चोघडिया, रात
रोग 18:59 - 20:19 अशुभ
काल 20:19 21:38 अशुभ
लाभ 21:38 - 22:57 शुभ
उद्वेग 22:57 - 24:15* अशुभ
शुभ 24:15* - 25:34* शुभ
अमृत 25:34* - 26:53* शुभ
चर 26:53* - 28:12* शुभ
रोग 28:12* - 29:31* अशुभ
💮होरा, दिन
शुक्र 05:32- 06:39
बुध 06:39- 07:46
चन्द्र 07:46- 08:54
शनि 08:54 -10:01
बृहस्पति 10:01- 11:08
मंगल 11:08- 12:16
सूर्य 12:16 -13:23
शुक्र 13:23 -14:30
बुध 14:30- 15:38
चन्द्र 15:38 -16:45
शनि 16:45 -17:52
बृहस्पति 17:52 -18:59
🚩होरा, रात
मंगल 18:59 -19:52
सूर्य 19:52- 20:45
शुक्र 20:45- 21:38
बुध 21:38- 22:30
चन्द्र 22:30 -23:23
शनि 23:23- 24:15
बृहस्पति 24:15-25:08
मंगल 25:08 -26:01
सूर्य 26:01- 26:53
शुक्र 26:53-27:46
बुध 27:46-28:39
चन्द्र 28:39 -29:31
*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*
मेष > 04:00 से 05:46 तक
वृषभ > 05:46 से 06:46 तक
मिथुन > 06:46 से 11:10 तक
कर्क > 11:10 से 12:20 तक
सिंह > 12:20 से 15:26 तक
कन्या > 15:26 से 16:46 तक
तुला > 16:46 से 19:04 तक
वृश्चिक > 19:04 से 21:14 तक
धनु > 21:14 से 23:08 तक
मकर > 23:08 से 01:04 तक
कुम्भ > 01:04 से 02:34 तक
मीन > 02:34 से 04:04 तक
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*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*
(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट
*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
*💮दिशा शूल ज्ञान------------- पश्चिम*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*
*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*
15 + 13 + 6 + 1 = 35 ÷ 4 = 3 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l
*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
केतु ग्रह मुखहुति
*💮 शिव वास एवं फल -:*
28 + 28 + 5 = 61 ÷ 7 = 5 शेष
ज्ञानवेलायां = कष्ट कारक
*🚩भद्रा वास एवं फल -:*
*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*
08:31 से 18:51 तक
स्वर्ग लोक = शुभ कारक
*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*
*मास शिवरात्रि
*सर्वार्थ सिद्धि योग 20:14 तक
*वृषभ में सूर्य 06:20 से
*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*
अन्यथा वेदपाण्डित्यं शास्त्रमाचारमन्यथा ।
अन्यथा वदता शांतंलोकाःक्लिश्यन्ति चाऽन्यथा ।।
।।चाoनीo।।
वासना के समान दुष्कर कोई रोग नहीं. मोह के समान कोई शत्रु नहीं. क्रोध के समान अग्नि नहीं. स्वरुप ज्ञान के समान कोई बोध नहीं.
*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*
गीता -: ज्ञान-विज्ञान योग अo-7
ये चैव सात्त्विका भावा राजसास्तामसाश्चये।
मत्त एवेति तान्विद्धि न त्वहं तेषु ते मयि॥
और भी जो सत्त्व गुण से उत्पन्न होने वाले भाव हैं और जो रजो गुण से होने वाले भाव हैं, उन सबको तू 'मुझसे ही होने वाले हैं' ऐसा जान, परन्तु वास्तव में (गीता अ. 9 श्लोक 4-5 में देखना चाहिए) उनमें मैं और वे मुझमें नहीं हैं
॥12॥
🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺
1 week ago | [YT] | 27
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Pious Astro
*श्री गणेसहाय नमः*
🚩🚩🙏🚩🚩
🌤️ *दिनांक - 13 मई 2026*
🌤️ *दिन - बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - ज्येष्ठ (गुजरात-महाराष्ट्र वैशाख)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - एकादशी दोपहर 01:29 तक तत्पश्चात द्वादशी*
🌤️ *नक्षत्र - उत्तरभाद्रपद रात्रि 12:17 तक तत्पश्चात रेवती*
🌤️ *योग - विष्कंभ रात्रि 08:55 तक तत्पश्चात प्रीति*
🌤️*राहुकाल - दोपहर 12:35 से दोपहर 02:14 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:02*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:07*
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण-अपरा एकादशी*
💥 *विशेष - *हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*
💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*
💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।*
💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।*
💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*
🚩
🌷 *अपरा एकादशी* 🌷
➡️ *12 मई 2026 मंगलवार को दोपहर 02:52 से 13 मई, बुधवार को दोपहर 01:29 तक एकादशी है।*
💥 *विशेष - 13 मई, बुधवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखे।*
🙏🏻 *‘अपरा एकादशी’ को उपवास करके भगवान वामन की पूजा करने से मनुष्य सब पापों से मुक्त हो श्रीविष्णुलोक में प्रतिष्ठित होता है ।इसका महात्म पढ़ने और सुनने से सहस्र गौदान का फल मिलता है ।*
🚩
🌷 *प्रदोष व्रत* 🌷
🙏🏻 *हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 14 मई, गुरुवार को प्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। प्रदोष पर व्रत व पूजा कैसे करें और इस दिन क्या उपाय करने से आपका भाग्योदय हो सकता है, जानिए…*
👉🏻 *ऐसे करें व्रत व पूजा*
🙏🏻 *- प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान शंकर, पार्वती और नंदी को पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराएं।*
🙏🏻 *- इसके बाद बेल पत्र, गंध, चावल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची भगवान को चढ़ाएं।*
🙏🏻 *- पूरे दिन निराहार (संभव न हो तो एक समय फलाहार) कर सकते हैं) रहें और शाम को दुबारा इसी तरह से शिव परिवार की पूजा करें।*
🙏🏻 *- भगवान शिवजी को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं। आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं।*
🙏🏻 *- भगवान शिवजी की आरती करें। भगवान को प्रसाद चढ़ाएं और उसीसे अपना व्रत भी तोड़ें।उस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।*
👉🏻 *ये उपाय करें*
*सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्ध्य देें। पानी में आकड़े के फूल जरूर मिलाएं। आंकड़े के फूल भगवान शिवजी को विशेष प्रिय हैं । ये उपाय करने से सूर्यदेव सहित भगवान शिवजी की कृपा भी बनी रहती है और भाग्योदय भी हो सकता है।
🚩
2 weeks ago | [YT] | 26
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