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CB sharma
*#ड्राई फ्रूट्स पचने में कितना समय लगता है? इन 4 बातों का रखेंगे ध्यान तो नहीं होगी डाइजेशन की समस्या*
ड्राई फ्रूट्स पचने का समय:
ड्राई फ्रूट्स पचने का समय उनके प्रकार और आपके शरीर की पाचन क्षमता पर निर्भर करता है। सामान्य तौर पर, ड्राई फ्रूट्स को पचने में 2 से 4 घंटे का समय लगता है।
कौन से ड्राई फ्रूट्स जल्दी पचते हैं?
1. खजूर : खजूर में फाइबर की मात्रा कम होती है, इसलिए ये जल्दी पच जाते हैं।
2. किशमिश : किशमिश भी जल्दी पचने वाले ड्राई फ्रूट्स में से एक हैं।
3. खुबानी : खुबानी में भी फाइबर की मात्रा कम होती है, इसलिए ये जल्दी पच जाते हैं।
कौन से ड्राई फ्रूट्स धीरे पचते हैं?
1. बादाम : बादाम में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, इसलिए ये धीरे पचते हैं।
2. अखरोट : अखरोट में भी फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, इसलिए ये धीरे पचते हैं।
3. काजू : काजू में भी फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, इसलिए ये धीरे पचते हैं।
ड्राई फ्रूट्स को आसानी से पचाने के टिप्स:
1. भिगोकर खाएं : ड्राई फ्रूट्स को रात भर पानी में भिगोकर रखें, फिर सुबह उन्हें खाएं। इससे फाइबर नरम हो जाता है और ये आसानी से पच जाते हैं।
2. छोटे टुकड़ों में काटें : ड्राई फ्रूट्स को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर खाएं। इससे उन्हें पचने में आसानी होती है।
3. अच्छी तरह से चबाएं : ड्राई फ्रूट्स को अच्छी तरह से चबाएं, ताकि वे आसानी से पच जाएं।
4. पानी पीएं : ड्राई फ्रूट्स खाने के बाद भरपूर पानी पिएं। इससे पाचन क्रिया में मदद मिलती है।
#CB sharma classes
1 year ago | [YT] | 5
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CB sharma
*आलू को छिलके सहित इस्तेमाल करने से गजब के सेहत लाभ*
1. ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है : आलू में भरपूर मात्रा में पोटेशियम पाया जाता है, जो कि ब्लड प्रेशर को रेग्युलेट करने में मदद करता है।
2. मेटाबॉलिज्म ठीक रखता है : आलू के छिलके मेटाबॉलिज्म को भी सही रखने में मददगार होते है। इन्हें खाने से नर्व्स को मजबूती मिलती है।
3. एनीमिया से दूर रखता है : आलू के छिलके में आयरन भी भरपूर मात्रा में होता है जिससे एनीमिया होने का खतरा बहुत हद तक कम हो जाता है।
4. ताकत : आलू के छिलके में भरपूर मात्रा में विटामिन बी3 पाया जाता है, जो कि शरीर को ताकत देने का काम करता है।
5. फाइबर से भरपूर : हमारी डाइट में फाइबर की कुछ मात्रा जरूर शामिल होना चाहिए और आलू के छिलके में अच्छी मात्रा में फाइबर्स होते हैं।
1 year ago | [YT] | 7
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CB sharma
✍🏻...........…............
बना कर #दिये_मिट्टी के, जरा सी #आस_पाली है!
मेरी #मेहनत_खरीदों यारों, मेरे घर भी #दीवाली है!!
☺️☺️☺️☺️
आप सभी से निवेदन है इनका सपोर्ट जरूर करें।
#चंद्रभान शर्मा
1 year ago (edited) | [YT] | 8
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CB sharma
बड़े ही अचरज भरी बात है 56 साल तक हमारे 4 वीर सैनिक धरती माँ की गोद में सोते रहे फिर भी उनकी पार्थिव देह सलामत निकली है। शत् शत् नमन चारों वीर शहीदों को। ईश्वर उनकी आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें।
1 year ago | [YT] | 7
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CB sharma
*खाना खाने के बाद पेट में खाना पचेगा या खाना सड़ेगा ये जानना बहुत जरुरी है ...*
हमने रोटी खाई, हमने दाल खाई,हमने सब्जी खाई, हमने दही खाया
लस्सी पी ,
दूध,दही छाछ लस्सी फल आदि|,
ये सब कुछ भोजन के रूप में हमने ग्रहण किया
ये सब कुछ हमको ऊर्जा देता है
और पेट उस ऊर्जा को आगे ट्रांसफर करता है |
पेट में एक छोटा सा स्थान होता है जिसको हम हिंदी मे कहते हैं "आमाशय"
उसी स्थान का संस्कृत नाम है "जठर"|
उसी स्थान को अंग्रेजी मे कहते हैं
" epigastrium "|
यह एक थैली की तरह होता है
और यह जठर हमारे शरीर मे सबसे
महत्वपूर्ण है
क्योंकि सारा खाना सबसे पहले इसी में आता है।
ये बहुत छोटा सा स्थान है
इसमें अधिक से अधिक 350GMS खाना आ सकता है |
हम कुछ भी खाते सब ये अमाशय में आ जाता है|
आमाशय में अग्नि प्रदीप्त होती है उसी को कहते हे"जठराग्नि"।
ये जठराग्नि है वो अमाशय में प्रदीप्त होने वाली आग है । ऐसे ही पेट मे होता है जैसे ही आपने खाना खाया की जठराग्नि प्रदीप्त हो गयी |
यह ऑटोमेटिक है,जैसे ही आपने रोटी का पहला टुकड़ा मुँह में डाला की इधर जठराग्नि प्रदीप्त हो गई|
ये अग्नि तब तक जलती है जब तक खाना पचता है |
*➡️ अब अपने खाते ही गटागट पानी पी लिया और खूब ठंडा पानी पी लिया | और कई लोग तो बोतल पे बोतल पी जाते हैं |
अब जो आग (जठराग्नि) जल रही थी वो बुझ गयी | आग अगर बुझ गयी तो खाने की पचने की जो क्रिया है वो रुक गयी | अब हमेशा याद रखें खाना जाने पर हमारे पेट में दो ही क्रिया होती है,। एक क्रिया है जिसको हम कहते हैं "Digestion" और दूसरी है "fermentation"
फर्मेंटेशन का मतलब है सडना
और डायजेशन का मतलब हे पचना। आयुर्वेद के हिसाब से आग जलेगी तो खाना पचेगा,खाना पचेगा तो उससे रस बनेगा | जो रस बनेगा तो उसी रस से रक्त, माँस, मेद, अस्थि, मज्जा और सबसे अन्त में बनता है शुक्र (वीर्य) बनता है।
ये तभी होगा जब खाना पचेगा|
यह सब हमें चाहिए | ये तो हुई खाना पचने की बात अब जब खाना सड़ेगा तब क्या होगा..? खाने के सड़ने पर *सबसे पहला जहर जो बनता है वो हे यूरिक एसिड (uric acid )*
|कई बार आप डॉक्टर के पास जाकर कहते है की मुझे घुटने मे दर्द हो रहा है,
मुझे कंधे-कमर मे दर्द हो रहा है ।तो डॉक्टर कहेगा आपका यूरिक एसिड बढ़ रहा है आप ये दवा खाओ, वो दवा खाओ । यूरिक एसिड कम करो|
*और एक दूसरा उदाहरण जब खाना सड़ता है, तो यूरिक एसिड जैसा ही एक दूसरा विष बनता है जिसको हम कहते है ।*
➡️ LDL (Low Density lipoprotive)
माने खराब कोलेस्ट्रोल (cholesterol )|
➡️ जब आप ब्लड प्रेशर(BP) चेक कराने डॉक्टर के पास जाते हैं तो वो आपको कहता है (HIGH BP )
हाई-बीपी है आप पूछोगे कारण बताओ?
तो वो कहेगा कोलेस्ट्रोल बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ है |
आप ज्यादा पूछोगे की कोलेस्ट्रोल कौनसा बहुत है ?
तो वो आपको कहेगा LDL बहुत है |
इससे भी ज्यादा खतरनाक एक विष हे
वो है VLDL
(Very Low Density lipoprotive)|
ये भी कोलेस्ट्रॉल जैसा ही विष है।
अगर VLDL बहुत बढ़ गया तो आपको भगवान भी नहीं बचा सकता|
*खाना सड़ने पर और जो जहर बनते है उसमे एक ओर विष है जिसको अंग्रेजी मे हम कहते है triglycerides*
जब भी डॉक्टर आपको कहे की आपका triglycerides" बढ़ा हुआ हे तो समझ लीजिए की आपके शरीर मे विष निर्माण हो रहा है |
तो कोई यूरिक एसिड के नाम से कहे,कोई कोलेस्ट्रोल के नाम से कहे, कोई LDL -VLDL के नाम से कहे समझ लीजिए की ये विष हे और ऐसे विष 103 है |
ये सभी विष तब बनते है जब खाना सड़ता है |
➡️ मतलब समझ लीजिए किसी का कोलेस्ट्रोल बढ़ा हुआ है तो एक ही मिनिट मे ध्यान आना चाहिए की खाना पच नहीं रहा है ,
➡️ कोई कहता है मेरा triglycerides बहुत बढ़ा हुआ है तो एक ही मिनिट मे डायग्नोसिस कर लीजिए आप ! की आपका खाना पच नहीं रहा है |
➡️ कोई कहता है मेरा यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है तो एक ही मिनिट लगना चाहिए समझने मे की खाना पच नहीं रहा है |
क्योंकि खाना पचने पर इनमे से कोई भी जहर नहीं बनता|
खाना पचने के बाद रस, रक्त, माँस, मेद, अस्थि, मज्जा और सबसे अन्त में बनता है शुक्र (वीर्य) बनता हैं जिसकी प्रक्रिया में ३५ से ४२ दिन लगते है।
और खाना नहीं पचने पर बनता है यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रोल, LDL-VLDL|
और यही आपके शरीर को रोगों का घर बनाते है !
पेट मे बनने वाला यही जहर जब
ज्यादा बढ़कर खून मे आते है ! तो खून दिल की नाड़ियो मे से निकल नहीं पाता और रोज थोड़ा थोड़ा कचरा जो खून मे आया है इकट्ठा होता रहता है और एक दिन नाड़ी को ब्लॉक कर देता है
*जिसे आप heart attack कहते हैं !*
तो हमें जिंदगी मे ध्यान इस बात पर देना है
की जो हम खा रहे हे वो शरीर मे ठीक से पचना चाहिए
और खाना ठीक से पचना चाहिए इसके लिए पेट मे ठीक से आग (जठराग्नि) प्रदीप्त होनी ही चाहिए| क्योंकि बिना आग के खाना पचता नहीं हे और खाना पकता भी नहीं है
*महत्व की बात खाने को खाना नहीं खाने को पचाना है |*
आपने क्या खाया कितना खाया वो महत्व नहीं है
*(मतलब खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीना जहर पीने के बराबर है )*
*इसलिए खाने के तुरंत बाद पानी कभी मत पियें!अब आपके मन मे सवाल आएगा कितनी देर तक नहीं पीना तो 1से 2 घंटे तक नहीं पीना !अब आप कहेंगे इसका क्या calculation हैं । बात ऐसी है जब हम खाना खाते हैं तो जठराग्नि द्वारा सब एक दूसरे में मिक्स होता है और फिर खाना पेस्ट में बदलता है !पेस्ट में बदलने की क्रिया होने तक 1 घंटा 48 मिनट तक का समय लगता है !उसके बाद जठराग्नि कम हो जाती है !(बुझती तो नहीं लेकिन बहुत धीमी हो जाती है ) पेस्ट बनने के बाद शरीर में रस बनने की प्रक्रिया शुरू होती है !तब हमारे शरीर को पानी की जरूरत होती हैं । तब आप जितना इच्छा हो उतना पानी पियें !!जो बहुत मेहनती लोग हैं (खेत मे हल चलाने वाले ,रिक्शा खींचने वाले, पत्थर तोड़ने वाले और मजदूरी करने वाले) उनको 1 घंटे के बाद ही रस बनने लगता है उनको घंटे बाद पानी पीना चाहिए*
*अब आप कहेंगे खाना खाने के पहले कितने मिनट तक पानी पी सकते हैं ???*
तो खाना खाने के 45 मिनट पहले तक आप पानी पी सकते हैं !
अब आप पूछेंगे ये मिनट का calculation ????
बात ऐसी ही जब हम पानी पीते हैं
तो वो शरीर के प्रत्येक अंग तक जाता है !
और अगर बच जाये तो 45 मिनट बाद मूत्र पिंड तक पहुंचता है !
तो पानी - पीने से मूत्र पिंड तक आने का समय 45 मिनट का है !
तो आप खाना खाने से 45 मिनट पहले ही पानी पियें !
पानी न पीयें खाना खाने के बाद।
इसका जरूर पालन करें ।
1 year ago | [YT] | 10
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CB sharma
4 छात्रों को मेडल दिलाने के लिए कोच के रूप में मुझे श्रीमान् PEEO सर प्रदीप सिंह नेगी जी एवं पूरे विद्यालय परिवार ने सम्मान दिया उसके लिए सभी का बहुत बहुत आभार एवं धन्यवाद। अगले साल पुन: प्रयास करेंगे ।
1 year ago | [YT] | 17
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CB sharma
68 वीं जिला स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता 2024 में 5 बच्चों को मेरे द्वारा तैयारी कराई जिनमें से 3 सिल्वर ललित गायरी, गौरव जोशी एवं केसर गायरी तथा एक कांस्य पदक विकास गायरी ने पुन: मान बढ़ाया। छात्रा मनीषा जोशी द्वारा भी अच्छा प्रदर्शन किया गया।
1 year ago | [YT] | 11
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CB sharma
67 वीं जिला स्तरीय कुस्ती प्रतियोगिता 2023 में दो छात्रों को कुस्ती प्रतियोगिता में लेकर गया जिसमें छात्र ललित गायरी ने गोल्ड मेडल तथा गौरव जोशी ने सिल्वर मेडल जीतकर विद्यालय का नाम रोशन किया। तथा कोच के रूप में आदरणीय ACBEO महोदय द्वारा मुझे सम्मानित किया गया।
1 year ago | [YT] | 17
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