Abhay Kumar Tecnical boss

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Abhay Kumar Tecnical boss

इस कमेंट में व्यक्ति अपनी जमीन सर्वे (Land Survey) से जुड़ी समस्या बता रहा है।
उसने लिखा है:
“एक केवाला पर 2000 हजार रुपए सर्व अमीन मांगा जा रहा है, इसी कारण से कोई कागज नहीं दिया गया ❤️ बिहार मधेपुरा कुमारखंड बेराद”
इसका सरल और सही मतलब यह है कि:
बिहार के मधेपुरा जिले के कुमारखंड क्षेत्र में जमीन सर्वे के दौरान सर्वे अमीन (Survey Amin) द्वारा एक “केवाला” यानी जमीन के एक दस्तावेज पर लगभग ₹2000 रुपये मांगे जा रहे हैं।
व्यक्ति का आरोप है कि पैसे नहीं देने के कारण उसका जमीन संबंधी कागज स्वीकार नहीं किया गया या जमा नहीं लिया गया।
“केवाला” क्या होता है?
केवाला (Sale Deed) वह सरकारी रजिस्ट्री दस्तावेज होता है जिससे जमीन खरीद-बिक्री साबित होती है।
जमीन सर्वे, दाखिल-खारिज, जमाबंदी सुधार आदि में यह बहुत जरूरी कागज माना जाता है।
“सर्व अमीन” कौन होता है?
सर्वे अमीन या कानूनगो वह कर्मचारी होता है जो:
जमीन की नापी करता है
नक्शा और खेसरा जांचता है
जमीन मालिक का रिकॉर्ड तैयार करता है
सर्वे रिपोर्ट बनाता है
व्यक्ति की मुख्य शिकायत
व्यक्ति कहना चाहता है कि:
सरकारी काम के बदले अतिरिक्त पैसे मांगे जा रहे हैं
बिना पैसा दिए कागज जमा नहीं हो रहा
गरीब लोगों को परेशानी हो रही है
ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए?
1. रसीद के बिना पैसा न दें
सरकारी शुल्क हमेशा रसीद के साथ लिया जाता है।
यदि कोई कर्मचारी नकद रिश्वत मांगे तो सावधान रहें।
2. अंचल कार्यालय में शिकायत करें
आप:
CO (Circle Officer)
DCLR
SDO
जिला पदाधिकारी (DM)
को लिखित शिकायत दे सकते हैं।
3. ऑनलाइन शिकायत करें
बिहार भूमि सर्वे और राजस्व विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायत की जा सकती है:
biharbhumi.bihar.gov.in⁠�
4. जरूरी दस्तावेज तैयार रखें
केवाला / रजिस्ट्री
रसीद
आधार कार्ड
जमाबंदी
खेसरा संख्या
पुराना नक्शा
ध्यान देने वाली बात
कई बार लोग “सुविधा शुल्क” या फोटोकॉपी/फॉर्म खर्च के नाम पर पैसे मांगते हैं, लेकिन:
सरकारी तय शुल्क अलग होता है
रिश्वत देना और लेना दोनों गलत है
यदि कोई कर्मचारी गलत तरीके से पैसे मांगता है तो उसके खिलाफ शिकायत की जा सकती है।
निष्कर्ष
यह कमेंट बिहार के मधेपुरा जिले में जमीन सर्वे के दौरान कथित रूप से अधिक पैसे मांगने और कागज स्वीकार नहीं करने की शिकायत को दर्शाता है। व्यक्ति सरकारी व्यवस्था से नाराज है और अपनी परेशानी सार्वजनिक रूप से बता रहा है।

1 week ago | [YT] | 1

Abhay Kumar Tecnical boss

Bihar Bhumi: बिहार के राजस्व कार्यालयों में दलालों पर शिकंजा, सीधे केस दर्ज करने के आदेश, टोल-फ्री नंबर जारी
बिहार सरकार ने जमीन से जुड़े कार्यों में दलालों पर सख्त कार्रवाई का फैसला किया है। अब अंचल कार्यालयों के बाहर दलाली करते पकड़े जाने पर BNS के तहत एफआईआर दर्ज होगी और जेल भी भेजा जा सकता है। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय की गई है।Bihar Bhumi: बिहार में जमीन की रसीद कटाने, दाखिल-खारिज या परिमार्जन जैसे कार्यों के लिए दलालों और मुंशियों के पीछे-पीछे घूमने के दिन अब खत्म होने वाले हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई करते हुए ‘रूल ऑफ लॉ’ को लागू किया है, जिससे बिचौलियों के सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।



अब दफ्तरों के बाहर सक्रिय दलालों पर केवल जुर्माना नहीं लगेगा, बल्कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं के तहत सीधे एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भी भेजा जा सकता है। नई व्यवस्था के अनुसार यदि किसी अंचल कार्यालय या राजस्व दफ्तर परिसर में दलाल सक्रिय पाए जाते हैं, तो सिर्फ बाहरी व्यक्ति ही नहीं बल्कि वहां के अंचलाधिकारी (CO) और संबंधित कर्मचारियों से भी जवाब-तलब किया जाएगा।



विभाग का मानना है कि दलालों की हिम्मत तब बढ़ती है जब उन्हें भीतर से मौन समर्थन मिलता है। अब जब जवाबदेही तय की गई है, तो सरकारी कर्मचारी भी दलालों को संरक्षण देने से बचेंगे, जिससे भ्रष्टाचार की जड़ों पर सीधा प्रहार होगा।दाखिल-खारिज और एलपीसी (LPC) जैसे कार्यों के लिए कई बार लोग जल्दी के चक्कर में मुंशियों या दलालों के झांसे में आ जाते हैं।



कई मामलों में पैसे लेने के बाद फर्जी कागजात थमा दिए जाते हैं या काम ही नहीं होता। इसी तरह की ठगी और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए सरकार ने डिजिटल और कानूनी दोनों स्तरों पर सख्ती बढ़ाई है। विभाग ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी राजस्व सेवा के लिए किसी तीसरे व्यक्ति की आवश्यकता नहीं है। अब जनता की मेहनत की कमाई हड़पने वाले दलालों को सीधे न्यायिक और आपराधिक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।



सरकार ने आम जनता को सशक्त बनाते हुए एक विशेष हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। यदि कोई दलाल पैसे मांगता है, काम में अनावश्यक देरी करता है या रिश्वत की मांग करता है, तो नागरिक सीधे 18003456215 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह टोल-फ्री नंबर सीधे उच्चाधिकारियों से जुड़ा है। इसके अलावा बिहार सरकार के जन शिकायत पोर्टल पर भी लिखित शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध है। सरकार का मानना है कि इस पहल से आम नागरिक बिना किसी भय के सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।

2 months ago | [YT] | 4