SHYAM SUNDAR PLACE

मेरी मेरी करत है, तोकौं सुद्धि न सार।

काल अचानक मारि है, सुंदर लगै न बार॥


कब हौं सेवा-कुंज में, ह्वै हौं स्याम तमाल।

लतिका कर गहि बिरमिहैं, ललित लड़ैतीलाल॥