Pandit Shri Prakash Pandey


|| जय सिया राम ||

जय सिया राम 🙏

प्रिय दर्शकों आप सभी का हमारे यूट्यूब चैनल पर हार्दिक स्वागत है l
हमारे चैनल के माध्यम से हिंदू धर्म से जुड़े हुए सामाजिक उत्थान के लिए,सामाजिक जानकारी, देवी देवताओं के मन्दिर की जानकारी,प्रत्येक व्रत त्योहारों की जानकारी व्रत कथाएं वीडियो और ऑडियो के माध्यम से प्राप्त होती रहेंगी हम अपने चैनल पर सटीक और शास्त्रोक्त जानकारी समय समय पर प्राप्त कराते रहेंगे l
कृपया चैनल को सब्सक्राइब करें और बैल आइकन को ऑल पर प्रेस करें जिससे कि आपको समय पर वीडियो का नोटिफिकेशन प्राप्त होता रहे ll

🚩🚩विशेष जानकारी 🚩🚩

Phone pay 94556 76330
Google pay 94556 76330



For business enquiries contact us on:-

skpandey20031984@gmail.com

🚩On Line पूजा पाठ, जप अनुष्ठान करवाने के लिए सम्पर्क करें 🚩
Watsapp No = 94556 76330
🚩 Pandit Shri Prakash Pandey अयोध्या धाम


Pandit Shri Prakash Pandey

बहुत समय पहले सूर्यवंश में एक प्रतापी राजा हुए — महाराज सगर। उनके साठ हजार पुत्र थे। राजा सगर ने अपने साम्राज्य और धर्म की स्थापना के लिए अश्वमेध यज्ञ का आयोजन किया। यज्ञ का घोड़ा पूरे राज्य में घूम रहा था, परंतु देवराज इंद्र को यह भय हुआ कि कहीं राजा सगर स्वर्ग पर अधिकार न कर लें। इसलिए इंद्र ने उस घोड़े को चुरा लिया और कपिल मुनि के आश्रम में बांध दिया।
जब राजा सगर के पुत्र घोड़े को खोजते हुए वहाँ पहुँचे, तो उन्होंने बिना सोचे-समझे कपिल मुनि पर आरोप लगा दिया। उस समय कपिल मुनि गहन तपस्या में लीन थे। उनकी तपस्या भंग हुई और क्रोध में उनकी दिव्य दृष्टि खुली। उसी क्षण राजा सगर के साठ हजार पुत्र भस्म हो गए।
समय बीतता गया। राजा सगर अत्यंत दुखी हुए। उनके पौत्र अंशुमान और फिर दिलीप ने भी अपने पूर्वजों की मुक्ति का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। तब राजा दिलीप के पुत्र भगीरथ ने संकल्प लिया कि वे स्वर्ग से माँ गंगा को पृथ्वी पर लाकर अपने पूर्वजों का उद्धार करेंगे।
भगीरथ हिमालय की गुफाओं में चले गए। उन्होंने हजारों वर्षों तक कठोर तपस्या की। तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी प्रकट हुए और बोले—
“वत्स भगीरथ! तुम्हारी तपस्या सफल हुई। गंगा पृथ्वी पर अवश्य जाएँगी, लेकिन उनके प्रचंड वेग को पृथ्वी सहन नहीं कर पाएगी।”
तब भगीरथ ने भगवान शिव की आराधना की। भोलेनाथ उनकी भक्ति से प्रसन्न हुए और बोले—
“हे राजन! मैं अपनी जटाओं में गंगा के वेग को धारण करूँगा।”
फिर वह दिव्य क्षण आया। ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के दिन माँ गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुईं। उनका जल चाँदी की तरह चमक रहा था। देवता पुष्पवर्षा करने लगे। ऋषि-मुनि “हर-हर गंगे” का जयघोष करने लगे।
गंगा जी अत्यंत वेग से पृथ्वी की ओर बढ़ीं, परंतु भगवान शिव ने उन्हें अपनी विशाल जटाओं में समेट लिया। कुछ समय बाद शिव जी ने अपनी जटाओं से एक धारा पृथ्वी पर प्रवाहित की। वही धारा “भागीरथी गंगा” कहलायी।
राजा भगीरथ आगे-आगे रथ पर चल रहे थे और माँ गंगा उनके पीछे-पीछे बह रही थीं। मार्ग में जहाँ-जहाँ गंगा जी गईं, वहाँ की धरती पवित्र हो गई। सूखी भूमि हरी-भरी हो उठी। पशु-पक्षी आनंदित हो गए। ऋषियों के आश्रमों में मंगल ध्वनि होने लगी।
चलते-चलते गंगा जी कपिल मुनि के आश्रम पहुँचीं। जैसे ही गंगा जल ने राजा सगर के पुत्रों की राख को स्पर्श किया, उन्हें मोक्ष प्राप्त हो गया। आकाश में दिव्य प्रकाश फैल गया। देवताओं ने कहा—
“धन्य हैं राजा भगीरथ, जिन्होंने अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए इतना महान तप किया।”
तभी से माँ गंगा को “भागीरथी” भी कहा जाने लगा और किसी कठिन कार्य को पूरा करने के लिए किए गए अथक प्रयास को “भागीरथ प्रयास” कहा जाता है।
गंगा दशहरा का महत्व
शास्त्रों में कहा गया है कि गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान, दान, जप और पूजा करने से दस प्रकार के पाप नष्ट हो जाते हैं। इसलिए इसे “दशहरा” कहा जाता है।
शास्त्र वचन है—
“गंगा गंगेति यो ब्रूयात योजनानां शतैरपि।
मुच्यते सर्वपापेभ्यो विष्णुलोकं स गच्छति॥”
अर्थात — जो मनुष्य सैकड़ों योजन दूर से भी श्रद्धा से “गंगा-गंगा” कहता है, वह पापों से मुक्त होकर विष्णु लोक को प्राप्त करता है।
संदेश
गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, श्रद्धा और जीवनधारा हैं। गंगा हमें पवित्रता, सेवा, त्याग और निरंतर बहते रहने की प्रेरणा देती हैं।
🌸 आइए गंगा दशहरा के पावन अवसर पर संकल्प लें —
“गंगा को स्वच्छ रखें, निर्मल रखें और अपनी संस्कृति का सम्मान करें।” 🌸
🚩 हर हर गंगे! जय माँ गंगे! 🚩

1 month ago | [YT] | 278

Pandit Shri Prakash Pandey

आज हमारे ज्येष्ठ पुत्र अनुराग पाण्डेय जी का जन्मदिन है 🎂🙏
ईश्वर से प्रार्थना है कि आप हमेशा खुश रहें, स्वस्थ रहें और जीवन में नई ऊँचाइयाँ हासिल करें
आप सभी से आशीर्वाद की अपेक्षा है 🙏
🎉 Happy Birthday 🎈

2 months ago | [YT] | 281

Pandit Shri Prakash Pandey

तप, त्याग और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते
भगवान परशुराम जी को नमन।
आप सभी को परशुराम जयंती की शुभकामनाएं। 🙏

2 months ago | [YT] | 224

Pandit Shri Prakash Pandey

"धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश हेतु
भगवान परशुराम का अवतार हुआ।
उनकी कृपा हम सब पर बनी रहे।
🙏 परशुराम जयंती की मंगलमय शुभकामनाएं 🙏 #parashuramjayanti

2 months ago | [YT] | 295

Pandit Shri Prakash Pandey

श्रद्धांजलि: सुरों की एक दिव्य यात्रा का अंत
स्वर कोकिला, भारत की महान गायिका आशा भोंसले जी के स्वर्गवास का समाचार अत्यंत दुःखद और हृदय विदारक है। उनका जाना केवल एक कलाकार का जाना नहीं, बल्कि एक युग का अंत है।
आज संगीत की दुनिया में एक गहरा सन्नाटा पसर गया है। अपनी खनकती और वर्सटाइल आवाज़ से भारतीय सिनेमा को हजारों यादगार गीत देने वाली 'सुरों की मलिका' आशा भोंसले जी अब हमारे बीच नहीं रहीं। उनका जाना केवल एक कलाकार का जाना नहीं, बल्कि संगीत के एक स्वर्णिम युग का अंत है।
आशा ताई ने महज़ 10 साल की उम्र से गायन शुरू किया और सात दशकों से भी अधिक समय तक अपनी आवाज़ के जादू से पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध किया। शास्त्रीय संगीत हो, गज़ल हो, पॉप हो या चुलबुले फिल्मी गीत—उनकी आवाज़ हर सांचे में ऐसे ढल जाती थी जैसे वह गीत उन्हीं के लिए बना हो। उनके पास वह अद्भुत क्षमता थी कि वे अपनी आवाज़ से ही अभिनय कर लेती थीं।
उनकी जीवन यात्रा संघर्ष, समर्पण और अदम्य साहस की मिसाल रही। उन्होंने न केवल अपनी अलग पहचान बनाई, बल्कि विश्व स्तर पर भारतीय संगीत का मान बढ़ाया। उनके गाए गीत आज भी हर खुशी, गम और उत्सव का हिस्सा हैं और हमेशा रहेंगे।
"सुरों का साज़ थमा है, आवाज़ नहीं,
दिल उदास है मगर, यादों का अंत नहीं।"
परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना है कि वे पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे और उनके करोड़ों प्रशंसकों व परिवार को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।
भावपूर्ण श्रद्धांजलि! 🙏🌹
आपकी आवाज़ हमारे दिलों में सदैव अमर रहेगी।
#आशाभोंसले #AshaBhosleSongs #ashaBhosle #ashabhoslerip

2 months ago | [YT] | 193

Pandit Shri Prakash Pandey

🚩 जय बजरंगबली 🙏
आज हनुमान जयंती के पावन अवसर पर
हनुमान जी के चरणों में नमन 🙏
सभी के जीवन से संकट दूर हों और सुख-समृद्धि आए 🔥
जय श्री राम!
#hanumanjayanti #hanumanjanmotsav

3 months ago | [YT] | 472