AHVAAN - Call Of Dharma

सभी महानुभावों को जय श्रीराम, यह चैनल हमने मनुष्य के एकमात्र धर्म सनातन के प्रति हो रहे अन्यायपूर्ण कृत्यों के प्रतिकार स्वरूप बनाया है ।

सनातन धर्म के प्रमाणिक शास्त्र-सम्मत एवं सार्वभौम सिद्धान्तों द्वारा समाज में व्याप्त विभिन्न मत-मतान्तर तथा भ्रॉंतियों को समाप्त करते हुए हिन्दुओं को सङ्गठित कर सुसंस्कृत, सुशिक्षित, सुरक्षित, संपन्न, सेवापरायण, स्वस्थ, सर्वहितप्रद व्यक्ति व समाज की संरचना, तदानुसार सबके हित का ध्यान रखते हुए हिन्दुओं के अस्तित्व और आदर्श की रक्षा ही हमारा उद्देश्य है ।

आर्थिक सहायता करने हेतु विवरण
Ahvaan Dharma Rakshartha Sewa Samiti

AC : 923020024474140
IFSC : UTIB0000712
Bank : Axis Bank Ltd
UPI : q232581534@ybl

संपर्क सूत्र: 7408301869

॥धर्मेण हीना: पशुभि: समाना:॥


AHVAAN - Call Of Dharma

वीरेंद्र जी का अत्यंत आभार।

इस संवाद के माध्यम से वीरेंद्र जी ने हमें अत्यंत गंभीर एवं आवश्यक विषयों को अपने मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया।

जय श्रीराम 🙏

1 day ago | [YT] | 21

AHVAAN - Call Of Dharma

परममूर्ख बाबा रामपाल ने अपने अपने फूहड़ चेलों को बताया अनपढ़

2 days ago | [YT] | 20

AHVAAN - Call Of Dharma

आजकल यूरोप की भीषण गर्मी से जुड़ी अनेक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। उन वीडियो के नीचे भारतीयों की ओर से बार-बार एक ही प्रकार की टिप्पणी दिखाई देती है—

**"इतनी गर्मी में तो हम चाय पी लेते हैं।"**

दुर्भाग्य से, यही टिप्पणी हजारों बार दोहराई जा रही है।

लेकिन क्या वास्तव में भारत 45–50°C की भीषण गर्मी से इसलिए लड़ता है क्योंकि हम चाय पीते हैं?

**बिल्कुल नहीं।**

यह भारतीय ज्ञान-परंपरा, आयुर्वेद, प्रकृति के साथ सामंजस्य और हमारे पूर्वजों की हजारों वर्षों की जीवनशैली को अत्यंत छोटा करके देखने जैसा है।

यदि भारतीयों को अपनी सभ्यता का परिचय देना ही है, तो उन्हें केवल "चाय" नहीं लिखना चाहिए, बल्कि यह बताना चाहिए कि भारत ने भीषण गर्मी के साथ जीने की एक अद्भुत और वैज्ञानिक परंपरा विकसित की है।

**आइए देखते हैं कि भारतीय 45–50°C की गर्मी में कैसे जीवन जीते आए हैं।**

कारण चाय नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध ज्ञान-परंपरा, प्रकृति के अनुरूप जीवनशैली और ऋतु-अनुकूल आहार-विहार है।


आइए देखें, भारतीय परंपरा ने गर्मी से बचने के लिए क्या-क्या दिया—

## 🌳 1. विशाल छाया देने वाले वृक्ष

* पीपल
* बरगद (वट)
* नीम
* आम
* जामुन
* अर्जुन
* शीशम
* कदंब
* अशोक
* पाकड़
* गूलर
* इमली
* बेल
* आँवला
* करंज
* पलाश
* खैर
* देशी बबूल
* बाँस के उपवन

---

## 💧 2. जल संरक्षण और प्राकृतिक जल स्रोत

* नदियाँ
* सरोवर
* तालाब
* पोखर
* बावड़ी (बावली)
* कुएँ
* जोहड़
* नहरें
* कुंड
* वर्षा जल संचयन
* घाट
* प्राकृतिक झरने

---

## 🥭 3. गर्मी में उपयोग होने वाले फल

* बेल
* कच्चा आम (आम पन्ना)
* पका आम
* तरबूज
* खरबूजा
* खीरा
* ककड़ी
* नारियल
* जामुन
* आँवला
* फालसा
* ताड़ का फल (जहाँ उपलब्ध)
* लीची
* मौसंबी
* संतरा
* नींबू

---

## 🥬 4. शीतल सब्जियाँ

* लौकी
* पेठा (कुष्माण्ड)
* तोरी
* तुरई
* परवल
* कद्दू
* टिंडा
* सहजन की कोमल फलियाँ
* पालक (मौसमानुसार)
* चौलाई

---

## 🥛 5. भारतीय शीतल पेय

45–50°C तापमान में भी गौमाता सूखा एवं हरा चारा ग्रहण कर मानव समाज को दूध प्रदान करती है।

उसी दूध से बनते हैं—

* दही
* छाछ
* लस्सी
* मट्ठा
* घी

* मटके का पानी
* बेल का शरबत
* आम पन्ना
* सत्तू का घोल
* नींबू पानी
* जलजीरा
* नारियल पानी
* गन्ने का रस
* खस का शरबत
* गुलाब का शरबत
* सौंफ का शीतल पेय
* धनिया का जल

---

## 🌾 6. सात्त्विक एवं पारंपरिक आहार

* सत्तू
* जौ
* चना
* मूंग
* पुराना चावल
* दही
* छाछ
* लस्सी
* गौदुग्ध
* गौघृत (मर्यादित मात्रा में)
* मौसमी फल

---

## 🌿 7. आयुर्वेद में शीतल मानी जाने वाली वस्तुएँ

* सौंफ
* धनिया
* खस (उशीर)
* गुलाब
* मिश्री (मर्यादित मात्रा में)
* इलायची
* पुदीना
* चंदन
* मुल्तानी मिट्टी (बाहरी प्रयोग)
* आँवला
* बेल
* शतावरी
* गिलोय (आवश्यकतानुसार)
* ब्राह्मी (आवश्यकतानुसार)


---

## 🏠 8. भारतीय घरों की वैज्ञानिक बनावट

* मिट्टी के घर
* मोटी मिट्टी की दीवारें
* चूने की लिपाई
* खपरैल की छत
* ऊँची छतें
* बड़े आँगन
* खुले बरामदे
* प्राकृतिक वायु-संचार
* खस की टट्टियाँ
* मिट्टी का फर्श
* पेड़ों से घिरे घर

---

## 🪔 9. पारंपरिक उपयोग की वस्तुएँ

* मिट्टी का घड़ा
* सुराही
* कुल्हड़
* मिट्टी के बर्तन
* ताँबे के पात्र (उचित उपयोग)
* काँसे के पात्र
* चाँदी के पात्र (जहाँ परंपरा रही)
* हाथ के पंखे
* बाँस की चटाई
* खजूर या ताड़ की चटाइयाँ

---

## 🌙 10. जीवनशैली

* प्रातःकाल शीघ्र उठना
* दोपहर की तीखी धूप से बचना
* वृक्षों की छाया में विश्राम
* आँगन और बरामदे में बैठना
* रात्रि में खुले आकाश या खुले आँगन में शीतल वातावरण में विश्राम (जहाँ सुरक्षित और उपयुक्त हो)
* सूती एवं हल्के वस्त्र पहनना
* मौसमी भोजन करना
* पर्याप्त जल पीना

---



जो भारतीय भोजन परंपरा का महत्वपूर्ण भाग हैं।

---

## ☕ अंत में…

भारतीय गर्मी से लड़ने के लिए किसी **नशीले या उत्तेजक पेय** पर निर्भर नहीं रहा।

भारत की परंपरा का आधार रहा है—

* प्रकृति
* वृक्ष
* जल
* सात्त्विक भोजन
* आयुर्वेद
* गौ-आधारित जीवन
* ऋतु के अनुसार आहार-विहार

**केवल यह कह देना कि "भारतीय तो चाय पीकर गर्मी सह लेते हैं"—भारतीय ज्ञान परंपरा को अत्यंत छोटा करके देखना है।**

2 days ago (edited) | [YT] | 201

AHVAAN - Call Of Dharma

॥ श्रीगणेशाय नमः ॥
🙏 निर्जला एकादशी की अनन्तानन्त शुभकामनाऍं। 🙏
२५ जून २०२६
ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी
पारण का समय:
अगले दिन (शुक्रवार) सूर्योदय के पश्चात्।

1 week ago | [YT] | 369

AHVAAN - Call Of Dharma

ईश्वर के अवतार को न मानने वाले एक निष्ठावान आर्यसमाजी महोदय ने हमारी अग्निवृत जी के साथ हुई चर्चा की पक्षपातरहित समीक्षा की है। इस प्रकार निष्पक्ष होकर निर्भीकता का प्रदर्शन करते हुए न्याय के साथ खड़े रहने के लिए हम उनका अभिनंदन करते हैं। उनकी यह समीक्षा सभी प्रबुद्ध जनों के लिए दृष्टव्य है।

हम यहां यह भी स्पष्ट कर देना आवश्यक समझते हैं कि इनके चैनल पर वर्षों पुराने ऐसे कई वीडियोज़ मिल जाएंगे जिनसे यह ज्ञात होता है कि ये आर्य समाज के सिद्धांतों के प्रति समर्पित हैं। अतः इन्हें अथवा उनके चैनल को फेक कहना निर्मूल ही कहलाएगा।

जय श्रीराम 🙏 youtube.com/post/UgkxqkN-v94O8Uyei3YDfUygBJqHlRNCV…

1 week ago (edited) | [YT] | 212

AHVAAN - Call Of Dharma

क्या बात

2 weeks ago | [YT] | 27

AHVAAN - Call Of Dharma

क्षत्रिय कुलभूषण, मेवाड़पति, शूरवीर महाराणा प्रताप सिंह सिसोदिया जी की जयन्ती पर उनको शत्-शत् नमन।

उनका जीवन चरित्र धर्मनिष्ठ हिन्दुओं एवं विशेषकर क्षत्रिय समाज के लिए धारण करने योग्य तथा सर्वश्रेयस्कर एवं लाभप्रद है।

जय एकलिङ्ग जी भगवान🚩

आह्वान धर्म रक्षार्थ सेवा समिति

2 weeks ago | [YT] | 506

AHVAAN - Call Of Dharma

यज्ञोपवीत संस्कार
स्थान : श्रीसदानन्द आश्रम, शंकर घाट, तेलियरगंज, प्रयागराज
समस्त द्विजों हेतु निःशुल्क

दिनांक : १ जुलाई २०२६
आषाढ़ कृष्ण पक्ष प्रतिपदा

3 weeks ago | [YT] | 227

AHVAAN - Call Of Dharma

ऋषिकेश का एक कैथोलिक चर्च - समन्वय विद्या धाम - Inter religion relationship center | ध्यान देने पर ज्ञात हुआ कि यहां पर ईसाई मत से जुड़ी हुई सामग्री को भारतीय आध्यात्मिक विचारधाराओं में विशेष रूप से सनातन धर्म से जोड़कर प्रदर्शित किया गया है। साथ ही साथ विभिन्न मान्यताओं से जुड़े हुए लोगों को आकर्षित करने हेतु लगभग सभी प्रमुख मान्यताओं के चिन्ह एक चित्र में साफ दिखाई देते हैं वह बात और है की अज्ञानता के कारण हिंदुत्व के प्रतीक स्वास्तिक को इन्होंने उल्टा बना दिया।जहां एक और ईसा को योग मुद्रा में दिखाया गया है तो वहीं दूसरी ओर उसी चित्र में संसार रूपी उल्टे वृक्ष को भी प्रदर्शित किया गया है जिसकी बात श्रीमद्भगवद्गीता में की गई है।

ध्यातव्य है कि यह वह सेंटर है जहां पर देश भर के विभिन्न चर्चों में नियुक्त पादरियों को पूरे 1 वर्ष का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है जिसमें वह उपरोक्त सामग्री का उपयोग किस प्रकार ईसाई मत के प्रचार प्रसार में करना है यह प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं

उक्त सभी विषयों को लेते हुए एक तुलनात्मक व्याख्या सहित आंखें खोल के रख देने वाली विस्तृत चर्चा वहां के मुख्य प्रशिक्षक पादरी के साथ हुई है जिसे जल्द ही हमारे आधिकारिक यूट्यूब चैनल आह्वान [ ahvaan call of dharma ] पर प्रसारित किया जाएगा

जय श्रीराम 🙏

3 weeks ago | [YT] | 274

AHVAAN - Call Of Dharma

राक्षसों में बजरंगबली का ऐसा भय व्याप्त था कि बजरंगबली राक्षसों के सपनों में आकर भी उनकी धुलाई करते थे। लगता है वही इतिहास फिर दोहराया जा रहा है अब इस्कॉन वालों के सपने में भी आह्वान उनके पाखण्ड की धुलाई करता है इसीलिए बेचारों को किसी प्रकार से अपने मुंह पर लगी कालिक को मिटाने के लिए यूट्यूब से हमारे वीडियो को हटवाने की प्रार्थना करनी पड़ गई।

खैर शंकराचार्य की लाइब्रेरी में कानून की किताब भी पड़ी थी हमने

शुरू तुम करोगे और खत्म हम

जय श्रीराम 🙏

3 weeks ago (edited) | [YT] | 268