Vinay Biradar UCP VOICE CHESS सरकार

President at
1.Universe Citizen Party (Political party ),
2.Bidar District Chess Association(शतरंज संघ),
3.MiLifeGoal (multi Business firm)
4. Apna IT World (Software Organisation)

For the People,To the People.
Politics is just PROFIT SHARING System. HAPPINESS is the only AGENDA/IDEALOGY of Party.
GOVERNMENT Jobs to all 18+age,.
And Govt. Facilities to All age group.

*Development of Chess & Sports.


Vinay Biradar UCP VOICE CHESS सरकार

♟️ बिदर के टॉप रेटेड खिलाड़ी से शतरंज सीखें! ♟️

🏆 15 दिनों की निःशुल्क शतरंज कोचिंग
🎯 टूर्नामेंट शुल्क: ₹1000
📝 खिलाड़ी पंजीकरण शुल्क: ₹500
💰 कुल शुल्क मात्र: ₹1500

🏅 राज्य स्तरीय टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई करने का अवसर

🎁 जीतें:
💵 नकद पुरस्कार
🚗 कार
💼 नौकरी
(केवल 18 से 20+ आयु वर्ग के लिए)

♟️ बिदर जिला शतरंज संघ
📍 स्थान: रामपुरे कॉलोनी, बिदर
📞 8748888103 विनय बिरादर
🌐 www.BidarChess.com
🌐 www.Shatranj.Top

आज ही जुड़ें और शतरंज के माध्यम से अपने भविष्य को नई दिशा दें!
--
#BidarChess #ChessCoaching #FreeChessCoaching #LearnChess #ChessTraining #BidarDistrictChessAssociation #Bidar #ChessTournament #StateLevelTournament #ChessPlayers #TopRatedPlayer #ChessEducation #CashPrize #WinCar #JobOpportunity #YoungPlayers #ShatranjTop #BidarChessCom #ChessInIndia #KarnatakaChess #SportsEducation #ChessForAll #ChessChampion

2 months ago | [YT] | 1

Vinay Biradar UCP VOICE CHESS सरकार

“जनप्रतिनिधि कानून बनाते हैं, सरकारी विभाग उनका पालन करते है और शासन ठिक से चले इसपे नजर रखने का काम प्रतिनिधि करते है”

भारत का संविधान स्पष्ट कहता है कि देश और राज्यों का प्रशासन निर्वाचित सांसदों और विधायकों द्वारा नहीं, बल्कि संविधान, कानूनों और सरकारी विभागों द्वारा चलाया जाता है।

सांसद (MP) और विधायक (MLA) का मुख्य कार्य है:

* कानून बनाना,
* सरकारी विभाग के कार्यों पर नजर रखना ,
* समाज कि बेहतरी के लिए सरकारी विभाग द्वारा काम करवाना,
* और कानुन मे कमी है तो कानुनों मे बदलाव कर उन्हे लागु करवाना।
* शासन सरकारी विभाग चलाते है, लेकिन उन पर प्रतिनिधि नजर रखते है ।
* जनता प्रतिनिधी चुनती है बेहतर कानुन बनाने के लिए , अगर कानुन अच्छे है तो चुनाव कि जरुरत नही होनि चाहिए।

याद रखिए:
* सड़क बनाना, स्कूल चलाना, अस्पताल संचालित करना, सीमा सुरक्षा करना, कानून-व्यवस्था जैसे समाजीक जरुरत कार्य, सरकारी विभागों और अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
* सीमा सुरक्षा → केंद्र सरकार और सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी।
* कानून-व्यवस्था → पुलिस की जिम्मेदारी।
* आपातकाल में → राष्ट्रपति (अध्यक्ष ) शासन लागू कर सकता है, पर सामान्य शासन हमेशा सरकारी विभाग के अनुसार ही चलता है।

सच्चाई यह है:
देश किसी व्यक्ति विशेष, नेता, सांसद या विधायक से नहीं चलता।

देश चलता है—
* कानूनों से,
* संस्थाओं से,
* और जनता की जागरूकता से।

जनता के लिए संदेश:
* नेताओं को भगवान मत बनाइए।
* उन्हें समाज के बेहतरी के लिए काम करने वाला जनसेवक समझिए।
* जब जनता अपने अधिकार और शासन व्यवस्था को समझेगी, तभी लोकतंत्र वास्तव में मजबूत होगा।

“देश व्यक्तियों से नहीं, कानून से चलता है।”

— विनय बिरादार
राष्ट्रीय अध्यक्ष, यूनिवर्स सिटीजन पार्टी (UCP)

#संविधान #भारतीयसंविधान #लोकतंत्र
#कानूनकाराज #RuleOfLaw
#जनजागरण #जनअधिकार #जनसेवक
#MP #ConstitutionOfIndia #MLA
#सांसद #विधायक #राष्ट्रनिर्माण #शिक्षाकाअधिकार
#संवैधानिकज्ञान #राजनीतिकजागरूकता
#भारत #NewIndia #UCP
#UniverseCitizenParty
#VinayBiradar #UCPVoiceNews
#देशकीआवाज #AwakenIndia #ConstitutionFirst

2 months ago | [YT] | 2

Vinay Biradar UCP VOICE CHESS सरकार

“जनप्रतिनिधि कानून बनाते हैं, सरकारी विभाग उनका पालन करते है और शासन ठिक से चले इसपे नजर रखने का काम प्रतिनिधि करते है”

भारत का संविधान स्पष्ट कहता है कि देश और राज्यों का प्रशासन निर्वाचित सांसदों और विधायकों द्वारा नहीं, बल्कि संविधान, कानूनों और सरकारी विभागों द्वारा चलाया जाता है।

सांसद (MP) और विधायक (MLA) का मुख्य कार्य है:

* कानून बनाना,
* सरकारी विभाग के कार्यों पर नजर रखना ,
* समाज कि बेहतरी के लिए सरकारी विभाग द्वारा काम करवाना,
* और कानुन मे कमी है तो कानुनों मे बदलाव कर उन्हे लागु करवाना।
* शासन सरकारी विभाग चलाते है, लेकिन उन पर प्रतिनिधि नजर रखते है ।
* जनता प्रतिनिधी चुनती है बेहतर कानुन बनाने के लिए , अगर कानुन अच्छे है तो चुनाव कि जरुरत नही होनि चाहिए।

याद रखिए:
* सड़क बनाना, स्कूल चलाना, अस्पताल संचालित करना, सीमा सुरक्षा करना, कानून-व्यवस्था जैसे समाजीक जरुरत कार्य, सरकारी विभागों और अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
* सीमा सुरक्षा → केंद्र सरकार और सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी।
* कानून-व्यवस्था → पुलिस की जिम्मेदारी।
* आपातकाल में → राष्ट्रपति (अध्यक्ष ) शासन लागू कर सकता है, पर सामान्य शासन हमेशा सरकारी विभाग के अनुसार ही चलता है।

सच्चाई यह है:
देश किसी व्यक्ति विशेष, नेता, सांसद या विधायक से नहीं चलता।

देश चलता है—
* कानूनों से,
* संस्थाओं से,
* और जनता की जागरूकता से।

जनता के लिए संदेश:
* नेताओं को भगवान मत बनाइए।
* उन्हें समाज के बेहतरी के लिए काम करने वाला जनसेवक समझिए।
* जब जनता अपने अधिकार और शासन व्यवस्था को समझेगी, तभी लोकतंत्र वास्तव में मजबूत होगा।

“देश व्यक्तियों से नहीं, कानून से चलता है।”

— विनय बिरादार
राष्ट्रीय अध्यक्ष, यूनिवर्स सिटीजन पार्टी (UCP)

#संविधान #भारतीयसंविधान #लोकतंत्र
#कानूनकाराज #RuleOfLaw
#जनजागरण #जनअधिकार #जनसेवक
#MP #ConstitutionOfIndia #MLA
#सांसद #विधायक #राष्ट्रनिर्माण #शिक्षाकाअधिकार
#संवैधानिकज्ञान #राजनीतिकजागरूकता
#भारत #NewIndia #UCP
#UniverseCitizenParty
#VinayBiradar #UCPVoiceNews
#देशकीआवाज #AwakenIndia #ConstitutionFirst

2 months ago | [YT] | 1

Vinay Biradar UCP VOICE CHESS सरकार

🇮🇳 भारतीय संविधान सभा की समितियाँ एवं उनका योगदान

भारत का संविधान विश्व के सबसे विस्तृत और सुविचारित संविधानों में से एक है। इसका निर्माण भारतीय संविधान सभा द्वारा किया गया, जिसका गठन 9 दिसंबर 1946 को हुआ और 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ।

संविधान निर्माण की प्रक्रिया को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए संविधान सभा ने विभिन्न समितियों का गठन किया। कुल मिलाकर 22 समितियाँ (8 प्रमुख + 14 गौण/अन्य समितियाँ) बनाई गई थीं।

🔷 1. प्रमुख समितियाँ (Major Committees – 8)

ये समितियाँ संविधान के मूल ढांचे और नीतियों को तय करने में सबसे महत्वपूर्ण थीं:

1.संघ शक्ति समिति
अध्यक्ष: जवाहरलाल नेहरू
सदस्य: 9
2.संघ संविधान समिति
अध्यक्ष: जवाहरलाल नेहरू
सदस्य: 15
3.प्रांतीय संविधान समिति
अध्यक्ष: सरदार वल्लभभाई पटेल
सदस्य: 25
4.प्रारूप समिति (Drafting Committee)
अध्यक्ष: डॉ. भीमराव आंबेडकर
सदस्य: 7

5. मौलिक अधिकार, अल्पसंख्यक, जनजातीय एवं बहिष्कृत क्षेत्र संबंधी सलाहकार समिति
अध्यक्ष: सरदार वल्लभभाई पटेल
सदस्य: 64

➤ इसके अंतर्गत उप-समितियाँ भी बनाई गईं:

* मौलिक अधिकार उप-समिति (12 सदस्य)
* अल्पसंख्यक उप-समिति (9 सदस्य)
* असम जनजातीय क्षेत्र समिति (8 सदस्य)
* अन्य बहिष्कृत क्षेत्र समिति (7 सदस्य)

6. कार्य प्रक्रिया समिति
अध्यक्ष: डॉ. राजेंद्र प्रसाद
सदस्य: 15
7. संचालन समिति (Steering Committee)
अध्यक्ष: डॉ. राजेंद्र प्रसाद
सदस्य: 14
8. राज्यों की समिति (States Committee)
अध्यक्ष: सरदार वल्लभभाई पटेल
सदस्य: 17

🔷 2. गौण / अन्य समितियाँ (Minor Committees – 14)

ये समितियाँ प्रशासनिक, तकनीकी और सहायक कार्यों के लिए बनाई गई थीं:

1.वित्त एवं कार्यालय समिति
2.प्रमाण-पत्र समिति
3.गृह समिति
4.कार्य-व्यवसाय समिति
5.झंडा समिति
6.भाषा समिति
7.प्रेस दीर्घा समिति
8.मुख्य आयुक्त प्रांत समिति
9.वित्तीय प्रावधान विशेषज्ञ समिति
10.कार्य प्रक्रिया संशोधन समिति
11.अल्पसंख्यक उप-समिति
12.जनजातीय एवं बहिष्कृत क्षेत्र उप-समिति
13.समिति कक्ष आवंटन समिति
14. अन्य तदर्थ समितियाँ

📊 कुल सारांश
* प्रमुख समितियाँ: 8
* गौण/अन्य समितियाँ: 14
* ✅ कुल समितियाँ: 22

📌 महत्वपूर्ण तथ्य
* संविधान सभा ने कुल 165 बैठकें कीं
* संविधान निर्माण में लगभग 2 वर्ष 11 माह 18 दिन लगे
* कुल 299 सदस्य थे (विभाजन के बाद) 229 सदस्य शेष रहे ।,
* इनमें से 284 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए

⚖️ निष्कर्ष
भारतीय संविधान का निर्माण केवल एक व्यक्ति या एक समिति का कार्य नहीं था, बल्कि यह सामूहिक बौद्धिक प्रयास का परिणाम था। विभिन्न समितियों ने अपने-अपने विषयों पर काम किया और अंततः प्रारूप समिति ने सभी सुझावों को एक कानूनी दस्तावेज के रूप में ढाला।

👉 इसलिए यह कहना सही होगा कि:
“संविधान निर्माण एक सामूहिक प्रक्रिया थी, जिसमें सभी समितियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा, लेकिन अंतिम रूप प्रारूप समिति ने दिया।”

-------------------------

* बाल गंगाधर तिलक ने 1895 मे 113 अनुच्छेद लिखे ,
* एम. एन. रॉय ने 928 - 1944 मे 13 अध्याय, 137 अनुच्छेद लिखे,
* बी. एन. राव ने 1947 मे 240 अनुच्छेद 25 भाग,13 अनुसूचियाँ
* डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने 1949 मे 395 अनुच्छेद, 8 अनुसूचियाँ, ( सिर्फ ड्रॉफ्ट कमेटि के चेरमेन थे डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर), जबकि कुल 22 कमेटियाँ थी ।

* डॉ. राजेन्द्र प्रसाद पुरे संविधान सभा के अध्यक्ष थे ।
* संविधान मे 284 लोगों ने हस्ताक्षर किये जिसमे भीमराव आंबेडकर जी का हस्ताक्षर दुसरे पेज मे वो भी 26वें स्थान पर है ।
* कांग्रेस - बीजेपी ने 2026 तक 130 से अधिक संशोधन किया और 448 अनुच्छेद, 25 भाग, 12 अनुसूचियाँ बना दी I

ऐसे मे संविधान निर्माता किसे कहें ?
जिस संविधान को जलाने कि बात कही और किसीके लिए भी अच्छा नही बताया , तो ऐसे संविधान को फिर से क्यों नही बनाया गया ?
---------------------


कानून : सांसद, जनता की जरुरत अनुसार बनाते है ।
विभाग: कानूनों के अनुसार काम करते है, न कि सांसदों निर्देश अनुसार ।

सिर्फ आपातकाल में ही अध्यक्ष (राष्ट्रपति) पुरे देश मे अनुसार जनता के हितों अनुसार निर्देश व कानुन मे बदलाव कर सकता है ।

— विनय बिरादर (UCP अध्यक्ष)

2 months ago | [YT] | 1

Vinay Biradar UCP VOICE CHESS सरकार

🇮🇳 भारतीय संविधान सभा की समितियाँ एवं उनका योगदान

भारत का संविधान विश्व के सबसे विस्तृत और सुविचारित संविधानों में से एक है। इसका निर्माण भारतीय संविधान सभा द्वारा किया गया, जिसका गठन 9 दिसंबर 1946 को हुआ और 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ।

संविधान निर्माण की प्रक्रिया को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए संविधान सभा ने विभिन्न समितियों का गठन किया। कुल मिलाकर 22 समितियाँ (8 प्रमुख + 14 गौण/अन्य समितियाँ) बनाई गई थीं।

🔷 1. प्रमुख समितियाँ (Major Committees – 8)

ये समितियाँ संविधान के मूल ढांचे और नीतियों को तय करने में सबसे महत्वपूर्ण थीं:

1.संघ शक्ति समिति
अध्यक्ष: जवाहरलाल नेहरू
सदस्य: 9
2.संघ संविधान समिति
अध्यक्ष: जवाहरलाल नेहरू
सदस्य: 15
3.प्रांतीय संविधान समिति
अध्यक्ष: सरदार वल्लभभाई पटेल
सदस्य: 25
4.प्रारूप समिति (Drafting Committee)
अध्यक्ष: डॉ. भीमराव आंबेडकर
सदस्य: 7

5. मौलिक अधिकार, अल्पसंख्यक, जनजातीय एवं बहिष्कृत क्षेत्र संबंधी सलाहकार समिति
अध्यक्ष: सरदार वल्लभभाई पटेल
सदस्य: 64

➤ इसके अंतर्गत उप-समितियाँ भी बनाई गईं:

* मौलिक अधिकार उप-समिति (12 सदस्य)
* अल्पसंख्यक उप-समिति (9 सदस्य)
* असम जनजातीय क्षेत्र समिति (8 सदस्य)
* अन्य बहिष्कृत क्षेत्र समिति (7 सदस्य)

6. कार्य प्रक्रिया समिति
अध्यक्ष: डॉ. राजेंद्र प्रसाद
सदस्य: 15
7. संचालन समिति (Steering Committee)
अध्यक्ष: डॉ. राजेंद्र प्रसाद
सदस्य: 14
8. राज्यों की समिति (States Committee)
अध्यक्ष: सरदार वल्लभभाई पटेल
सदस्य: 17

🔷 2. गौण / अन्य समितियाँ (Minor Committees – 14)

ये समितियाँ प्रशासनिक, तकनीकी और सहायक कार्यों के लिए बनाई गई थीं:

1.वित्त एवं कार्यालय समिति
2.प्रमाण-पत्र समिति
3.गृह समिति
4.कार्य-व्यवसाय समिति
5.झंडा समिति
6.भाषा समिति
7.प्रेस दीर्घा समिति
8.मुख्य आयुक्त प्रांत समिति
9.वित्तीय प्रावधान विशेषज्ञ समिति
10.कार्य प्रक्रिया संशोधन समिति
11.अल्पसंख्यक उप-समिति
12.जनजातीय एवं बहिष्कृत क्षेत्र उप-समिति
13.समिति कक्ष आवंटन समिति
14. अन्य तदर्थ समितियाँ

📊 कुल सारांश
* प्रमुख समितियाँ: 8
* गौण/अन्य समितियाँ: 14
* ✅ कुल समितियाँ: 22

📌 महत्वपूर्ण तथ्य
* संविधान सभा ने कुल 165 बैठकें कीं
* संविधान निर्माण में लगभग 2 वर्ष 11 माह 18 दिन लगे
* कुल 299 सदस्य थे (विभाजन के बाद)
* इनमें से 284 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए


⚖️ निष्कर्ष
भारतीय संविधान का निर्माण केवल एक व्यक्ति या एक समिति का कार्य नहीं था, बल्कि यह सामूहिक बौद्धिक प्रयास का परिणाम था। विभिन्न समितियों ने अपने-अपने विषयों पर काम किया और अंततः प्रारूप समिति ने सभी सुझावों को एक कानूनी दस्तावेज के रूप में ढाला।

👉 इसलिए यह कहना सही होगा कि:
“संविधान निर्माण एक सामूहिक प्रक्रिया थी, जिसमें सभी समितियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा, लेकिन अंतिम रूप प्रारूप समिति ने दिया।”

-------------------------

बाल गंगाधर तिलक ने 1895 मे 113 अनुच्छेद लिखे ,

एम. एन. रॉय ने 928 - 1944 मे 13 अध्याय, 137 अनुच्छेद लिखे,

बी. एन. राव ने 1947 मे 240 अनुच्छेद 25 भाग,13 अनुसूचियाँ

1949 मे 395 अनुच्छेद, 8 अनुसूचियाँ, ( सिर्फ ड्रॉफ्ट कमेटि के चेरमेन थे डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर), जबकि कुल 22 कमेटियाँ थी ।

डॉ. राजेन्द्र प्रसाद पुरे संविधान सभा के अध्यक्ष थे ।

संविधान मे 284 लोगों ने हस्ताक्षर किये जिसमे भीमराव आंबेडकर जी का हस्ताक्षर दुसरे पेज मे वो भी 26वें स्थान पर है ।

कांग्रेस - बीजेपी ने 2026 तक 130 से अधिक संशोधन किया और
448 अनुच्छेद, 25 भाग, 12 अनुसूचियाँ बना दी I

ऐसे मे संविधान निर्माता किसे कहें ?

जिस संविधान को जलाने कि बात कही और किसीके लिए भी अच्छा नही बताया , तो ऐसे संविधान को फिर से क्यों नही बनाया गया ?

---------------------

कानून : सांसद, जनता की जरुरत अनुसार बनाते है ।
विभाग: कानूनों के अनुसार काम करते है, न कि सांसदों निर्देश अनुसार ।

सिर्फ आपातकाल में ही अध्यक्ष (राष्ट्रपति) पुरे देश मे अनुसार जनता के हितों अनुसार निर्देश व कानुन मे बदलाव कर सकता है ।

— विनय बिरादर (UCP अध्यक्ष)

2 months ago | [YT] | 2

Vinay Biradar UCP VOICE CHESS सरकार

संविधान निर्माता के प्रश्न पर एक विचार :
www.khabaronline.top/index.php?view=69e33ffc0d55a

“सही जानकारी का प्रसार होना चाहिए” —
इसी उद्देश्य के साथ यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या भारतीय संविधान के निर्माण को केवल एक ही व्यक्ति तक सीमित करना उचित है?
इतिहास के अनुसार, बाल गंगाधर तिलक ने 1895 में “स्वराज बिल” के माध्यम से भारत के लिए एक प्रारंभिक संवैधानिक ढांचा प्रस्तुत किया, जिसमें लगभग 113 अनुच्छेद बताए जाते हैं। यह भारत में संवैधानिक सोच की एक प्रारंभिक पहल मानी जाती है।
इसके बाद एम. एन. रॉय ने 1928 और 1944 में संवैधानिक विचारों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया, जिसमें लगभग 13 अध्याय और 137 अनुच्छेदों का उल्लेख मिलता है।
फिर 1947 में बी. एन. राव ने संविधान का एक विस्तृत मसौदा तैयार किया, जिसमें लगभग 240 अनुच्छेद, 25 भाग और 13 अनुसूचियाँ शामिल थीं।
यह मसौदा आगे चलकर संविधान सभा के लिए एक महत्वपूर्ण आधार बना।
स्वतंत्रता के बाद, संविधान सभा के तहत डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर और उनकी समिति के सदस्यों ने 1949 मे अंतिम मसौदा तैयार किया,
जिसमें 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियाँ शामिल थीं।
* संविधान के मसौदे पर हस्ताक्षर के समय, डॉ. भीमराव आंबेडकर के हस्ताक्षर 29वें क्रम था।
* संविधान की सोच व निर्माण का कार्य आंबेडकर के जन्म से पहले ही शुरू हुई थी, तो संविधान निर्माता उन्हें कहना ठीक नहीं।
इस पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व उस समय संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने किया।
* नेतृत्व: डॉ. प्रसाद ने संविधान के निर्माण में सद्भाव, धैर्य व दूरदर्शिता का परिचय दिया।
* अंतिम भाषण: 26 नवंबर 1949 को, संविधान को अपनाने के दिन, उन्होंने अध्यक्ष के रूप में समापन भाषण दिया था।
* भूमिका: उनके मार्गदर्शन में ही संविधान सभा ने स्वतंत्र भारत के लिए सर्वोच्च कानून तैयार किया।
यह भी उल्लेख किया जाता है कि महात्मा गांधी ने संविधान निर्माण समिति के लिए डॉ. आंबेडकर के नाम का समर्थन किया था, जिससे उन्हें इस महत्वपूर्ण कार्य में भूमिका निभाने का अवसर मिला।
हालाँकि, यह समझना आवश्यक है कि संविधान निर्माण एक सामूहिक, संस्थागत और चरणबद्ध प्रक्रिया थी। इसमें अनेक व्यक्तियों और विचारों का योगदान रहा है। इसलिए किसी एक व्यक्ति को “संविधान का एकमात्र निर्माता” कहना एक सीमित दृष्टिकोण हो सकता है।
1950 से लेकर आज (2026) तक भारतीय संविधान में 100 से अधिक संशोधन किए जा चुके हैं, और वर्तमान में इसमें 448 अनुच्छेद, 25 भाग और 12 अनुसूचियाँ हैं। ये संशोधन संसद द्वारा समय-समय पर किए गए हैं, जिनमें विभिन्न सरकारों और दलों की भूमिका रही है।
आज के संदर्भ में एक प्रश्न उठाया जा सकता है—यदि संशोधन और अद्यतन को ही आधार माना जाए, तो क्या वर्तमान पदाधिकारियों जैसे अर्जुन राम मेघवाल या देश के राष्टपति द्रौपदी मुर्मू को भी “संविधान निर्माता” की श्रेणी में रखा जाना चाहिए?
यह एक विचारणीय विषय है, जिसका उत्तर तथ्यों और संवैधानिक प्रक्रिया को समझते हुए ही दिया जाना चाहिए।
निष्कर्ष:
भारतीय संविधान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि एक सामूहिक राष्ट्रीय प्रयास का परिणाम है। इसमें अनेक महान व्यक्तित्वों का योगदान रहा है और सभी को उचित सम्मान मिलना चाहिए।
मुख्य उद्देश्य:
“संविधान के निर्माण में योगदान देने वाले सभी व्यक्तियों के साथ न्याय हो।”
– विनय बिरादार ( जन नेता )
--
#IndianConstitution #ConstitutionOfIndia
#ConstitutionDebate #KnowTheTruth
#RealHistory #IndianHistory #HistoryMatters
#JusticeForAll #ConstitutionMakers
#UnsungHeroes #BalGangadharTilak
#MNRoy #BNRao #BRAmbedkar
#RajendraPrasad #MahatmaGandhi
#IndianPolitics #PoliticalAwareness
#SpreadKnowledge #TruthMatters
#FactCheck #AwarenessPost #IndiaToday
#VoiceOfPeople #PublicAwareness
#NationFirst #EducationalPost
#VinayBiradar

2 months ago | [YT] | 5

Vinay Biradar UCP VOICE CHESS सरकार

👉 क्या आप जानते हैं ? बाल गंगाधर तिलक द्वारा भारत का पहला संविधानिक मसौदा तैयार किया गया था।

✔️ 1895 में “स्वराज बिल” (Constitution of India Bill) का ड्राफ्ट तैयार हुआ
✔️ इसमें लगभग 113 अनुच्छेद शामिल थे
✔️ यह भारत में स्वशासन (Self-rule) की दिशा में पहला बड़ा कदम था

🇮🇳 यह प्रयास आगे चलकर भारत के आधुनिक संविधान की नींव बना।

🔗 अधिक जानकारी:
politicsforindia.com/2-making-of-the-indian-consti…

www.dailyexcelsior.com/a-peep-into-history-of-indi….

Yes, Bal Gangadhar Tilak is widely recognized as the inspiration behind the first attempt to draft a constitution for India, known as the Constitution of India Bill (1895) (often referred to as the Swaraj Bill).

Readmore...
khabaronline.top/news_week.php?view=69dbb02c6db9f

--
#BalGangadharTilak #Tilak #SwarajBill #IndianConstitution #IndianHistory
#FreedomStruggle #IndianFreedomFighters #Swaraj #HistoryOfIndia
#DidYouKnow #IndianPolitics #ConstitutionOfIndia #IndiaFacts
#IndianHeritage #भारत_का_इतिहास #तिलक #स्वराज #संविधान
#IndianLeaders #HistoricalFacts #भारत #KnowledgePost
#UCP #UCPVoiceNews #PoliticalAwareness #IndianCulture
#IndiaFirst #EducateIndia

3 months ago | [YT] | 3

Vinay Biradar UCP VOICE CHESS सरकार

🌍 Future Vision for Every Citizen

कल्पना कीजिए एक ऐसे भविष्य की—
जहाँ हर नागरिक के पास अपना फ्लैट हो।
हर अपार्टमेंट के सामने ग्रीन ग्राउंड, पार्क और स्विमिंग पूल हो।
जहाँ आधुनिक तकनीक के साथ फ्लाइंग कार हर नागरिक के लिए उपलब्ध हो।

और केवल इतना ही नहीं—

✔ हर व्यक्ति को अच्छी शिक्षा
✔ हर नागरिक को रोजगार
✔ हर परिवार के पास अपना घर (फ्लैट)
✔ आधुनिक परिवहन जैसे फ्लाइंग कार
✔ मोबाइल फोन के साथ इंटरनेट सुविधा
✔ साफ-सुथरे पार्क, खेल मैदान और स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएँ हर अपार्टमेंट के पास

यह सिर्फ एक सपना नहीं, बल्कि एक नया विज़न है — एक ऐसा समाज जहाँ हर व्यक्ति सम्मान, सुविधा और आधुनिक जीवन के साथ आगे बढ़ सके।

Universe Citizen Party का उद्देश्य है ऐसा भविष्य बनाना जहाँ हर नागरिक को समान अवसर, आधुनिक सुविधाएँ और बेहतर जीवन स्तर मिले।

अब समय है बड़े सपने देखने का और उन्हें सच करने का।

✨ Vision by Universe Citizen Party
👤 Vinay Biradar (President)
--
#FutureVision #UniverseCitizenParty #EducationForAll #JobForAll #SmartFuture #VinayBiradar

4 months ago | [YT] | 1

Vinay Biradar UCP VOICE CHESS सरकार

क्या आप अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए तैयार हैं?
हमारे MLA और MP के घर के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा, जब तक हमें उनका इस्तीफा नहीं मिल जाता।
अगर आप इस आंदोलन में समर्थन देने और साथ खड़े होने के लिए तैयार हैं, तो कमेंट करें या मैसेज करें।
आपका नया नेता – विनय बिरादर
--
#VinayBiradar #NewLeader #PeacefulProtest
#JanAndolan #AwaazUthao #NyayKiLadai
#Loktantra #PublicVoice #IndiaPolitics
#JanKiAwaaz #SupportProtest #StandForJustice
#PeoplePower #RaiseYourVoice #Democracy
#PublicMovement #JanShakti #TogetherForChange
#PoliticalAwareness #CitizenPower #IndiaDemocracy
#VoiceOfPeople #YouthForChange #SupportVinayBiradar
#Leadership #PeopleLeader #SocialMovement
#IndiaSpeaks

4 months ago | [YT] | 1