आंखों से पैमाने तक,चाहत से आजमाने तक । रोज सफर करता हूं, मंदिर से मयखाने तक । (अध्यात्मिक चैनल BHPM सदैव आपकी सेवा मे) जो मेरा अपना है, बस वो एक सपना है, जहां जीत है हर मोड़ पे मेरी, जहाँ बिखरी है धुप सुनहरी, जहां अमृत है सबकी बातों में, जहां चाँद नहीं छुपता रातों में , जहाँ में जो चाहूँ मिल जाता है, जहाँ हर टुकड़ा दिल को भाता है, मेरे अरमानों को पैर मिलते हैं, गैर भी आ कर गले मिलते हैं, हर दीवार हवा हो जाती, जिसमे जिंदगी है हरदम मुस्कुराती, जिस पर बस नहीं किसीका, जिससे जुडा हर पहलु इस जिंदगी का, दबे हुए अरमान बहुत भाते थे, खुल कर वो भी पुरे हो जाते थे, पर सच मनो ये एक सपना था, टुटा किस्मत से पर मेरा अपना था, सुबह शाम तुम दिखती थी, वफ़ा की कसमें बिनती थी, बिन मेरे मर जाओगी, मुझे सिर्फ मुझे चाहोगी, रहोगी जबतक, सांस है मेरी, कौन करेगा फिर देरी, पर मेरा एक सपना है सबसे अकेला, जिसमे शामिल है मेरे हर ग़म का मेला, हर अफ़साने से बड़ा ये अपना है. सच कहूँ के झूठ, पर ये सिर्फ एक सपना है, आज भी एक ख्वाहीश अधुरी है मेरी... PHD करने की... सादर धन्यवाद मृत्युन्जय अनुप्रिया (प्रोफेसनल इंडियन ऑथर)


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Dr.MritunjayAnupriya (अंतर्राष्ट्रीय पटकथा लेखक)

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BHPM के सभी TVऔर यूट्यूब चैनल पर प्रसारित कार्यक्रम में शामिल हुए अंतर्राष्ट्रीय पटकथा लेखक वैश्विक पत्रकार एवम बीएचपीएम ग्लोबल लिमिटेड के फाउंडर डॉ.मृत्युंजयअनुप्रिया

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वोह *आरा* की शाम,
वोह दोस्तों की बाते तमाम,
वोह *रिगल होटल* का डोसा
कहीं ना मिला वैसा,
*रमना रोड* की रौनक और
*घंटाघर* का माहौल,
वोह *नागरमल* में शॉपिंग,
वोह *मोबाइल* की टॉकिंग,
वोह अनाइठ के *लिट्टी*,
स्कूल के बाद वाली *छुट्टी*
वोह ट्रैफिक की *भीड़ भाड*,
वोह *वीर कुँवर सिंह पार्क* की सैर,
वोह *प्रदीप स्वीट्स* की मिठाई,
तो हर छोटी बात पर *लड़ाई*,
वोह *आरण्य देवी* मंदिर का नजारा,
ऐसा है कुछ हमारा *आरा*

*I LOVE MY ARA 🙏 Dr.MritunjayAnupriya

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